
करतारपुर कॉरिडोर: अमरिंदर सिंह ने पाकिस्तान की नीयत पर जताया संदेह, कहा- इसके पीछे ISI
क्या है खबर?
पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने कहा है कि करतारपुर कॉरिडोर खोलने के पीछे पाकिस्तानी सेना और खुफिया एजेंसी ISI का हाथ है।
उन्होंने कहा कि इमरान खान के प्रधानमंत्री बनने से पहले ही पाकिस्तानी सेना प्रमुख ने बता दिया था कि वो कॉरिडोर खोलने जा रहे हैं।
गौरतलब है कि 9 नवंबर को भारत के गुरदासपुर स्थित बाबा डेरा नानक साहिब को करतारपुर साहिब से जोड़ने वाले कॉरिडोर का उद्घाटन किया जाएगा।
संदेह
सिंह ने जताया पाकिस्तान की नीयत पर संदेह
इंडिया टूडे से बात करते हुए सिंह ने कहा कि एक सिख होने के नाते वो इस कॉरिडोर के खुलने से खुश है। इससे श्रद्धालु इतिहास से रूबरू हो सकेंगे।
वहीं उन्होंने 70 साल से चली आ रही इस कॉरिडोर की मांग को पूरा करने के पीछे पाकिस्तान की नीयत पर भी संदेह व्यक्त किया।
उन्होंने कहा, "मुझे पाकिस्तान की नीयत पर शक है। उन्होंने कॉरिडोर बनाने का यह कदम पहले क्यों नहीं उठाया।"
बयान
जनरल बाजवा ने सिद्धू को दी थी कॉरिडोर की जानकारी
सिंह ने कहा, "मुझे लगता है कि यह एक ISI का अभियान है। मैं ऐसा इसलिए कह रहा हूं कि इमरान खान के शपथ ग्रहण समारोह में नवजोत सिंह सिद्धू को बुलाया गया था। शपथ ग्रहण से पहले पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल बाजवा ने सिद्धू को कहा था कि वो एक कॉरिडोर खोल रहे हैं। इमरान खान ने इसके बाद शपथ ली थी। इमरान के प्रधानमंत्री बनने से पहले सेना को इसका पता था और इससे मुझे शक होता है।"
प्रतिक्रिया
सिद्धू को मिले न्योते पर क्या बोले सिंह?
पाकिस्तान की तरफ से करतारपुर कॉरिडोर के उद्घाटन के लिए कांग्रेस नेता सिद्धू को न्योता मिला है।
इस बारे में पूछे जाने पर सिंह ने कहा कि सिद्धू ने पंजाब सरकार से पाकिस्तान जाने की इजाजत मांगी है, जिसे विदेश मंत्रालय को भेज दिया गया है।
गौरतलब है कि इमरान खान के शपथ ग्रहण समारोह में जनरल बाजवा से गले मिलने के बाद सिद्धू की खूब आलोचनाएं हुई थींं। सिंह ने भी सिद्धू के इस कदम का विरोध किया था।
उद्घाटन
पहले जत्थे में शामिल होंगे मनमोहन सिंह
आगामी 9 नवंबर को करतारपुर कॉरिडोर का उद्घाटन किया जाएगा। भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत की तरफ से और इमरान खान पाकिस्तान की तरफ से इसका उद्घाटन करेंगे।
उसी दिन 575 श्रद्धालुओं का पहला जत्था करतारपुर साहिब जाएगा।
भारत के पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह इस जत्थे का नेतृत्व करेंगे, वहीं पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह, हरदीप पुरी, हरसिमरत कौर और पंजाब के कई सांसद और विधायक भी इसका हिस्सा होंगे। इससे अगले दिन यह कॉरिडोर आम लोगों के खुल जाएगा।
रजिस्ट्रेशन
करतारपुर यात्रा के लिए यहां करें रजिस्ट्रेशन
दोनों देशों के बीच समझौते के तहत रोजाना 5,000 तीर्थयात्री इस कॉरिडोर के जरिए करतारपुर जा सकेंगे। इसके लिए वीजा और पासपोर्ट की जरूरत नहीं होगी।
यह आजादी के बाद दोनों देशों के बीच बना पहला वीजा और पासपोर्ट फ्री कॉरिडोर है।
हालांकि, पाकिस्तान 10 और 12 नवंबर को करतारपुर साहिब जाने वालों को छोड़कर हर श्रद्धालु से 20 डॉलर (लगभग 1,400) रुपये की फीस लेगा।
श्रद्धालुओं को इस यात्रा के लिए ऑनलाइन पोर्टल (prakashpurb550.mha.gov.in) पर रजिस्ट्रेशन करना होगा।
करतारपुर साहिब
क्यों खास है करतारपुर साहिब?
सिख धर्म मानने वाले लोगों के लिए करतारपुर साहिब बेहद खास है। माना जाता है कि सिख धर्म के संस्थापक गुरु नानक देव 1522 में करतारपुर आए थे।
उनकी जिंदगी के आखिरी 18 साल यहीं गुजरे थे। कहा जाता है कि करतारपुर में जिस जगह पर गुरु नानक देव की मौत हुई थी, वहां पर गुरुद्वारा बनाया गया था।
पाकिस्तान में मौजूद करतारपुर भारत से महज चार किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।