
वायु प्रदूषण: सुप्रीम कोर्ट की सरकारों को फटकार, कहा- सत्ता में रहने का कोई अधिकार नहीं
क्या है खबर?
पराली जलने के कारण दिल्ली में प्रदूषण के मामले में आज सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अब वक्त आ गया है कि मामले में अधिकारियों को सजा दी जाए।
इस दौरान सुप्रीम कोर्ट ने सवाल किया कि जब हरियाणा किसानों को पराली जलाने से रोक सकता है तो पंजाब क्यों नहीं।
संबंधित राज्यों की सरकारों से सवाल करते हुए कोर्ट ने पूछा कि सबको पता था ऐसा होना है तो फिर सरकारें तैयार क्यों नहीं थीं।
दलील
अटॉर्नी जनरल ने कहा, पराली जला रहे दो लाख किसानों को रोकना मुमकिन नहीं
न्यायाधीश अरुण मिश्रा की अध्यक्षता वाली सुप्रीम कोर्ट बेंच पर्यावरण प्रदूषण नियंत्रण प्राधिकरण (EPCA) की याचिका पर सुनवाई कर रही थी।
सुनवाई के दौरान दिल्ली, पंजाब और हरियाणा सरकार के सचिव कोर्ट में मौजूद थे।
सुनवाई में अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने कहा कि उत्तर भारत के ऊपर छाने वाली 44 प्रतिशत प्रदूषित धुंध पराली जलाने के कारण होती है।
उन्होंने कहा कि पराली जलाने वाले दो लाख किसानों को रोकना मुमकिन नहीं है।
बयान
सुप्रीम कोर्ट का सवाल, जब हरियाणा रोक सकता है तो पंजाब क्यों नहीं
इस दलील पर टिप्पणी करते सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अगर पराली जलाना ही एकमात्र तरीका है तो ये अंत है। कोर्ट ने पूछा, "जब हरियाणा पराली जलाने वाले किसानों को रोक सकता है तो पंजाब क्यों नहीं? किसी ने जैविक तरीके इस्तेमाल नहीं किए।"
फटकार
पराली जलने से रोकने में असफलता के लिए पंजाब को लगाई जमकर फटकार
सुप्रीम कोर्ट ने किसानों को पराली जलाने से रोकने में नाकामयाबी के पंजाब सरकार को जमकर फटकार लगाई।
ऐसा होगा ये पता होने के बावजूद कुछ न करने को सरकार की निष्क्रियता बताते हुए कोर्ट ने कहा कि पंजाब सरकार अपना कर्तव्य पूरा करने में बुरी तरह से नाकाम रही है।
न्यायाधीश मिश्रा ने कहा कि अगर किसी ने नियमों का उल्लंघन किया तो उसे बख्शा नहीं जाएगा और अब अधिकारियों को सजा देने का समय आ गया है।
आदेश
तत्काल पराली जलने से रोकने का आदेश
सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्यों की सरकारों से मामले में तुरंत कार्रवाई करने और आगे पराली न जलाई जाए ये सुनिश्चित करने को कहा।
इस दौरान कोर्ट ने कहा कि ऐसा लगता है कि मामले से निपटने के लिए राज्य सरकार और अधिकारियों के बीच कोई तालमेल ही नहीं है।
न्याय़ाधीश मिश्रा ने पंजाब के मुख्य सचिव से पूछा कि अगर उनके पास स्थिति से निपटने के लिए फंड नहीं है तो बताएं, सुप्रीम कोर्ट फंड प्रदान करेगी।
बयान
पंजाब के मुख्य सचिव ने सुप्रीम कोर्ट ने कहा, यहीं से कर देंगे निलंबित
जब पंजाब के मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य में किसानों से पराली खरीदने के लिए कोई योजना नहीं है तो कोर्ट ने गुस्से में कहा, "हम आपको यही से निलंबित कर देंगे। समस्या ये है कि सभी कल्याणकारी राज्य का सिद्धांत भूल चुके हैं।"
सख्त टिप्पणी
"आलीशान बंगलों में बैठकर बस शासन करना चाहती हैं सरकारें"
कोर्ट ने तीनों राज्यों की सरकारों और केंद्र सरकार को फटकार लगाते हुए कहा, "आप अपने आलीशान बंगलों में बैठकर बस शासन करना चाहते हैं। आप चिंतित नहीं है और लोगों को मरने दे रहे हैं।"
कोर्ट ने आगे कहा, "आप कैसे लोगों को प्रदूषण से मरने दे सकते हैं? क्या आप देश को 100 साल पीछे जाने दे सकते हैं? ये करोड़ों लोगों के जीवन और मौत का मामला है। हमें इसके लिए सरकार को जिम्मेदार बनाना होगा।"
बयान
कोर्ट ने पूछा, फ्लाइट डायवर्ट होने पर शर्म नहीं आती
सुप्रीम कोर्ट ने पूछा, "क्या आपको शर्म नहीं आती कि फ्लाइट डायवर्ट की जा रही हैं और लोग अपने घरों में भी सुरक्षित नहीं हैं।" कोर्ट ने कहा कि जो सरकारें लोगों की चिंता नहीं करती, उन्होंने सत्ता में रहने का कोई अधिकार नहीं है।
प्रदूषण
दिल्ली पर हर साल छाती है प्रदूषित धुंध
बता दें कि हरियाणा और पंजाब के किसानों के पराली जलाने के कारण हर साल दिल्ली पर धुंध की चादर छा जाती है।
इस साल भी मामला कुछ अलग नहीं रहा और पिछले हफ्ते कई दिनों तक दिल्ली में धुंध छाई रही।
प्रदूषण का स्तर इतना बढ़ गया कि लोगों का सांस लेना मुश्किल हो गया और उनकी आंखों में चुभन होने लगी।
इस दौरान दिल्ली के कई इलाकों में PM2.5 का स्तर 1,000 के पार पहुंच गया।