
उत्तर प्रदेश में बढ़े डेंगू के मामले, सरकार ने निरस्त की डॉक्टरों की छुटि्टयां
क्या है खबर?
उत्तर प्रदेश में लगातार डेंगू के मामले बढ़ रहे हैं। इसी के मद्देनजर योगी सरकार ने बुधवार को सभी डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की छुट्टियां निरस्त कर दी हैं।
प्रदेश में अब तक डेंगू के मरीजों की संख्या 3,000 के पार पहुंच गई है। आने वाले दिनों में ये संख्या और बढ़ सकती है।
इससे बचने के लिए प्रदेश में सभी उपाय किए जा रहे हैं और अस्पतालों की व्यवस्था को दुरुस्त बनाए रखने पर काम हो रहा है।
मामले
डेंगू के कितने मामले सामने आए?
राज्य के अस्पतालों में अब तक 3,000 से अधिक बच्चों और लोगों में डेंगू की पुष्टि हो चुकी है।
इस महीने की शुरुआत में विशेषज्ञों ने आने वाले दिनों में डेंगू के मामलों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई थी।
इस साल जनवरी से सितंबर के बीच राज्य में डेंगू के 2,103 मामले सामने आए थे।
इस बीच, दिल्ली में 6 से 12 अक्टूबर के बीच डेंगू के 314 मामले दर्ज किए गए, जिनकी वार्षिक संख्या 1,572 है।
बयान
निरस्त कर दी गई है डॉक्टरों की छुटि्टयां- उपमुख्यमंत्री
राज्य में बढ़ते डेंगू के मामलों को लेकर उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने कहा, "मरीजों के लिए अस्पतालों में बेड रिजर्व हैं और पर्याप्त प्लेटलेट्स की तैयारी की जा रही है। स्थिति को देखते हुए सभी सरकारी डॉक्टरों और स्वास्थ्य से जुड़े लोगों की छुट्टियां निरस्त कर दी गई हैं।"
उन्होंने आगे कहा कि पिछले साल की तुलना में अभी डेंगू के मामले कम हैं, लेकिन इससे बचने के लिए सभी उपाय किए जा रहे हैं।
जानकारी
स्वास्थ्य मंत्रालय ने किया उच्च स्तरीय टीम तैनात करने का फैसला
वहीं, केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने फिरोजाबाद, आगरा और इटावा जिलों में डेंगू प्रबंधन के लिए सार्वजनिक स्वास्थ्य उपायों को स्थापित करने में राज्य स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ मिलकर उत्तर प्रदेश में एक उच्च स्तरीय टीम नियुक्ति करने का फैसला लिया है।
वायरल इंफेक्शन
कैसे फैलता है डेंगू?
डेंगू एक वायरल इंफेक्शन है और यह मादा ऐडीज ऐजिप्टी मच्छर के काटने से फैलता है। जब डेंगू से संक्रमित व्यक्ति को मच्छर काटता है तो वह भी संक्रमित हो जाता है। फिर जब वह किसी स्वस्थ व्यक्ति को काटता है तो उसे भी बीमार कर देता है।
एक संक्रमित मच्छर अपने तीन से चार हफ्ते के पूरे जीवनकाल में अनगिनत लोगों को काटकर उन्हें बीमार कर सकता है।
पिछले कुछ दशकों में डेंगू का प्रकोप ज्यादा बढ़ा है।
लक्षण
डेंगू के लक्षण क्या हैं?
आमतौर पर मच्छरों के काटने के 4-5 दिन बाद लक्षण दिखने शुरू होते हैं जो एक हफ्ते या इससे ज्यादा समय रहते हैं।
डेंगू से संक्रमित हर चार में से एक व्यक्ति बीमार पड़ता है। इनमें सिरदर्द, बुखार, पेट दर्द, मुंह और नाक से खून आना, मांसपेशियों में दर्द, उल्टी आना और डायरिया जैसे लक्षण नजर आ सकते हैं।
वहीं हर 20 में से एक व्यक्ति में लक्षण गंभीर हो जाते हैं, जो जानलेवा साबित हो सकते हैं।
इलाज
क्या है डेंगू का इलाज?
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने 2019 में डेंगू को शीर्ष 10 खतरनाक वैश्विक बीमारियों में एक माना था। देश में अभी तक डेंगू के खिलाफ वैक्सीन तैयार नहीं हुई है।
भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) के मुताबिक, वैक्सीन के क्लिनिकल ट्रायल की प्रक्रिया चल रही है।
फिलहाल, इससे संक्रमित लोगों को आराम करने, पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ पीने और दर्द निवारक दवाएं जैसे पैरासिटामोल आदि लेने की सलाह दी जाती है ताकि बुखार से बचा जा सके।