
डेंगू के खिलाफ पहली वैक्सीन लॉन्च करने के करीब पहुंचा भारत
क्या है खबर?
देश के लोगों को बहुत जल्द खतरनाक डेंगू बुखार के खिलाफ अपनी पहली वैक्सीन मिल सकती है।
भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) ने जून तक देश के दवा नियामक CDSCO को वैक्सीन के क्लिनिकल ट्रायल का डाटा सौंपने की तैयारी भी कर ली है।
इसके अलावा, इस वैक्सीन के तीसरे चरण के क्लिनिकल ट्रायल के अक्टूबर तक शुरू होने की उम्मीद है।
ICMR वैक्सीन निर्माण के लिए दो दवा कंपनियों के साथ बातचीत कर रहा है।
मायने
क्या है डेंगू की वैक्सीन के मायने?
बता दें कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने साल 2019 में डेंगू को शीर्ष 10 खतरनाक वैश्विक बीमारियों में एक माना था। यह एक वायरल रोग है जो मच्छरों द्वारा फैलता है।
डेंगू का सबसे अधिक प्रकोप दुनिया में उष्णकटिबंधीय और उपोष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में रहता है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इसका कोई विशिष्ट उपचार उपलब्ध नहीं है।
ऐसे में इसकी वैक्सीन आने से इसकी रोकथाम और संक्रमण के प्रसार को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी।
विवरण
अंतिम रिपोर्ट पर काम कर रहा है विभाग- ICMR
ICMR में वायरोलॉजी विभाग की प्रमुख डॉ निवेदिता गुप्ता ने न्यूज 18 से कहा कि विभाग अभी भी वैक्सीन के ट्रायल की अंतिम रिपोर्ट तैयार करने पर काम कर रहा है। इसे अंतिम रूप देने के बाद वैक्सीन की मंजूरी के लिए केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।
उन्होंने आगे कहा कि ICMR की ओर से अगले छह से आठ सप्ताह में ट्रायल की रिपोर्ट प्रस्तुत करने की उम्मीद है।
जानकारी
क्लिनिकल ट्रायल रिपोर्ट क्या है?
क्लिनिकल ट्रायल प्रोटोकॉल एक विस्तृत योजना है कि कैसे एक क्लिनिकल ट्रायल आयोजित किया जाएगा। इसमें वॉलेंटियरों की संख्या, ट्रायल के स्थानों की संख्या, वैक्सीन की खुराक, अनुवर्ती योजना, प्रभावकारिता और वैक्सीन की सुरक्षा प्रोफाइल सहित अन्य जानकारियां शामिल हैं।
निर्माण
कौन करेगा वैक्सीन का निर्माण?
ICMR कथित तौर पर वैक्सीन निर्माण के लिए पैनेशिया बायोटेक और सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (SII) के साथ करार पर हस्ताक्षर करने की प्रक्रिया में है।
गुप्ता ने कहा, "ICMR पहले ही पैनसिया के साथ समझौता ज्ञापन (MOU) पर हस्ताक्षर कर चुका है, जबकि SII के साथ करार की प्रक्रिया चल रही है। वैक्सीन निर्माताओं के साथ साझेदारी तीसरे चरण के ट्रायल के संचालन के लिए एक निश्चित अवधि की अनुबंध शर्त के लिए रॉयल्टी के आधार पर होगी।"
भूमिका
ICMR की क्या भूमिका होगी?
वैक्सीन के निर्माण में ICMR अनुसंधान और विकास गतिविधियों तथा क्लिनिकल ट्रायल के संचालन के लिए बुनियादी ढांचा प्रदान करेगी। इसके अलावा अनुभवी वैज्ञानिकों की एक टीम के माध्यम से तकनीकी सहायता भी प्रदान की जाएगी।
टीम ट्रायल की योजना बनाने, ट्रायल की रिपोर्ट तैयार करने, तीसरे चरण का ट्रायल शुरू कराने, परिणाम उत्पन्न करने, डेटा विश्लेषण, परिणाम मूल्यांकन, सुरक्षा, इम्यूनोजेनेसिटी और प्रभावकारिता मूल्यांकन में मदद करेगी। इससे वैक्सीन के विकास को गति मिलेगी।
डेंगू
न्यूजबाइट्स प्लस (जानकारी)
बता दें कि डेंगू एडीज एजिप्टी प्रजाति के मच्छरों के काटने से होता है। वर्तमान में डेंगू का कोई विशिष्ट उपचार नहीं है और गंभीर मामलों में इससे संक्रमित रोगी की मौत भी हो सकती है।
इसके लक्षणों में बुखार, जी मिचलाना, उल्टी, दर्द और मांसपेशियों, जोड़ों या हड्डियों में दर्द शामिल हैं। यदि यह गंभीर हो जाता है तो यह स्ट्रोक, आंतरिक रक्तस्राव और अंग विफलता का कारण भी बन सकता है। ऐसे में इसका उपचार बेहद आवश्यक है।