
किसान आंदोलन: 6 फरवरी को तीन घंटे तक देशभर में चक्का जाम करेंगे किसान
क्या है खबर?
तीन नए कृषि कानूनों के खिलाफ पिछले दो महीने से अधिक समय से दिल्ली के बॉर्डर पर प्रदर्शन कर रहे किसान संगठनों ने 6 फरवरी को तीन घंटे तक देशभर में चक्का जाम करने का ऐलान किया है।
किसान संयुक्त मोर्चा की तरफ से कहा गया है कि प्रदर्शनकारी किसान 6 फरवरी को दोपहर 12 बजे से लेकर 3 बजे तक सभी नेशनल और स्टेट हाइवे को जाम करेंगे।
आइये, इस बारे में विस्तार से जानते हैं।
पृष्ठभूमि
क्यों प्रदर्शन कर रहे हैं किसान?
मोदी सरकार कृषि क्षेत्र में सुधार के लिए तीन कानून लेकर लाई है।
इनमें सरकारी मंडियों के बाहर खरीद के लिए व्यापारिक इलाके बनाने, अनुबंध खेती को मंजूरी देने और कई अनाजों और दालों की भंडारण सीमा खत्म करने समेत कई प्रावधान किए गए हैं।
पंजाब और हरियाणा समेत कई राज्यों के किसान इन कानूनों का विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि इनके जरिये सरकार मंडियों और MSP से छुटकारा पाना चाहती है।
किसान आंदोलन
इन मुद्दों के विरोध में होगा चक्का जाम
कई दौर की बातचीत के बाद भी किसानों और सरकार के बीच जारी गतिरोध का हल नहीं निकल सका है।
बीच में कमजोर हुआ आंदोलन अब एक बार फिर रफ्तार पकड़ रहा है। इसी बीच गृह मंत्रालय ने सिंघु, टिकरी और गाजीपुर प्रदर्शनस्थल और उसके आसपास इंटरनेट बंद कर दिया है।
किसानों का कहना है कि वो इंटरनेट शटडाउन, प्रशासन द्वारा उनके उत्पीड़न और दूसरे मुद्दों के विरोध में तीन घंटे चक्का जाम करेंगे।
बयान
किसानों ने पुलिस और प्रशासन पर लगाए कई आरोप
सिंघु बॉर्डर पर प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए किसान नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार इंटरनेट बंद कर उनकी अभिव्यक्ति की आजादी पर रोक लगा रही है।
किसान मोर्चे ने आंदोलन से जुड़े ट्विटर अकाउंट बंद करने पर भी आपत्ति जताई है। हालांकि, बाद में ये अकाउंट रिस्टोर कर दिए गए थे।
किसानों का कहना है कि पुलिस ने मनमाने ढंग से 122 FIR दर्ज की है और आंदोलन कवर कर रहे पत्रकारों को उठाया जा रहा है
आरोप
किसानों को प्रदर्शनस्थल पर आने से रोका जा रहा- किसान संगठन
किसान नेताओं ने आरोप लगाया कि पुलिस और प्रशासन ने प्रदर्शनस्थल पर पानी की आपूर्ति रोक दी है साथ ही वहां रखे पोर्टेबल शौचालयों को भी हटा लिया गया है। किसानों को बाहर से पानी नहीं लाने दिया जा रहा है।
साथ ही नेताओं ने पंजाब से आने वाली ट्रेनों के रास्ते बदलने का आरोप लगाया है। इनका कहना है कि सरकार पंजाब से प्रदर्शन में शामिल होने आ रहे किसानों को दिल्ली पहुंचने से रोक रही है।
किलेबंदी
प्रदर्शनस्थलों की हो रही किलेबंदी
दूसरी तरफ पुलिस और प्रशासन दिल्ली के अलग-अलग बॉर्डर पर चल रहे प्रदर्शनस्थलों की किलेबंदी करने में जुटा है।
कई जगहों पर सड़क को खोदकर वहां मोटी और नुकीली कील लगाई गई है ताकि कोई भी वाहन वहां से आगे न बढ़ सके।
वहीं कई स्थानों पर कई स्तर की बैरिकेडिंग कर पत्थरों के बीच कंक्रीट भरी जा रही है। गाजीपुर बॉर्डर पर पुलिस ने लोहे और पत्थर के बैरिकेड के अलावा कंटीले तार से रास्ता रोका हुआ है।
ट्विटर पोस्ट
यहां देखिये किलेबंदी की तस्वीरें
Peaceful Protest or War??
— Kisan Ekta Morcha (@Kisanektamorcha) February 2, 2021
Installing spikes barricading just to clampdown the farmers' voice is not at all justified#FencingLikeChinaPak pic.twitter.com/o0FVhKxCqQ