
कृषि कानून: किसान संगठनों ने बुलाई बैठक, तत्काल आंदोलन समाप्त न करने के दिए संकेत
क्या है खबर?
शुक्रवार सुबह देश के नाम संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कृषि कानूनों को वापस लेने का ऐलान कर दिया है। उन्होंने किसानों से वापस खेतों और घरों में लौटने की अपील करते हुए नई शुरुआत करने की बात कही।
हालांकि, किसान संगठनों का कहना है कि वो तत्काल आंदोलन समाप्त नहीं कर रहे हैं और चाहते हैं कि सरकार उनके साथ दूसरे मुद्दों पर भी बातचीत करे।
आइये इस बारे में विस्तार से जानते हैं।
किसान आंदोलन
राकेश टिकैत बोले- अभी जारी रहेगा आंदोलन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ऐलान के बाद भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने ट्विटर पर लिखा, 'आंदोलन तत्काल वापस नहीं होगा, हम उस दिन का इंतजार करेंगे जब कृषि कानूनों को संसद में रद्द किया जाएगा। सरकार MSP (न्यूनतम समर्थन मूल्य) के साथ-साथ किसानों के दूसरे मुद्दों पर भी बातचीत करें।'
बता दें कि राकेश टिकैत इस आंदोलन के प्रमुख चेहरा रहे हैं और वो गाजीपुर बॉर्डर पर धरना दिए बैठे थे।
जानकारी
संयुक्त किसान मोर्चा ने क्या कहा?
संयुक्त किसान मोर्चा ने सरकार के फैसले का स्वागत करते हुए याद दिलाया है कि आंदोलन की एकमात्र मांग केवल कानून वापस लेना नहीं थी। मोर्चा ने कहा कि उनकी कई मांगें अभी भी लंबित है और बैठक कर आगे की रणनीति बनाई जाएगी।
प्रतिक्रिया
बैठक में लिया जाएगा फैसला
भारतीय किसान यूनियन डकौंदा के पंजाब प्रमुख बूटा सिंह बुर्जगिल ने कहा, "हम संयुक्त किसान मोर्चा की बैठक कर आगे की रणनीति पर विचार करेंगे। प्रधानमंत्री के संबोधन में MSP और हमारी मांगों का जिक्र नहीं था। यह कदम 26 नवंबर को हमारे आह्वान को देखते हुए हो सकता है। हम अभी भी किसानों से दिल्ली बॉर्डर पर आने को कह रहे हैं।"
गौरतलब है कि देशभर के कई किसान संगठनों की इस आंदोलन में हिस्सेदारी रही है।
ट्विटर पोस्ट
ओवैसी ने कसा तंज
दहन पर हैं उन के गुमाँ कैसे कैसे
— Asaduddin Owaisi (@asadowaisi) November 19, 2021
कलाम आते हैं दरमियाँ कैसे कैसे
ज़मीन-ए-चमन गुल खिलाती है क्या क्या
बदलता है रंग आसमाँ कैसे कैसे #FarmLaws 1/2
प्रतिक्रिया
राहुल गांधी बोले- सत्याग्रह ने अहंकार का सिर झुका दिया
कांग्रेस के पूर्व प्रमुख और लोकसभा सांसद राहुल गांधी ने केंद्र सरकार द्वारा कृषि कानूनों को वापस लेने की घोषणा को किसानों की जीत बताया है।
उन्होंने ट्विटर पर लिखा, 'देश के अन्नदाता ने सत्याग्रह से अहंकार का सर झुका दिया। अन्याय के खिलाफ़ ये जीत मुबारक हो! जय हिंद, जय हिंद का किसान!"
वहीं कांग्रेस पार्टी के आधिकारिक हैंडल से ट्वीट किया गया, 'टूट गया अभिमान, जीत गया मेरे देश का किसान।'
प्रतिक्रिया
पंजाब के कृषि मंत्री ने दिया प्रधानमंत्री को धन्यवाद
पंजाब के कृषि मंत्री रणदीप सिंह नाभा ने केंद्र सरकार के फैसले का स्वागत करते हुए प्रधानमंत्री मोदी का धन्यवाद किया है। साथ ही उन्होंने आंदोलन के दौरान जान गंवाने वाले किसानों के परिवारों को मुआवजा देने की भी मांग की है।
वहीं पंजाब कांग्रेस प्रमुख नवजोत सिंह सिद्धू ने कहा कि कानून वापस लेना सही दिशा में उठाया गया कदम है। किसान मोर्चा के सत्याग्रह को ऐतिहासिक सफलता मिली है और यह किसानों की शहादत का फल है।
जानकारी
अमरिंदर सिंह ने किया फैसले का स्वागत
पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने कृषि कानून वापस लेने के सरकार के फैसला का स्वागत किया है। उन्होंने किसानों की मांगे मानने पर प्रधानमंत्री मोदी का धन्यवाद किया और उम्मीद जताई कि केंद्र सरकार किसानों की भलाई के लिए काम करती रहेगी।
ट्विटर पोस्ट
केजरीवाल ने किया किसानों को नमन
आज प्रकाश दिवस के दिन कितनी बड़ी ख़ुशख़बरी मिली। तीनों क़ानून रद्द। 700 से ज़्यादा किसान शहीद हो गए। उनकी शहादत अमर रहेगी। आने वाली पीढ़ियाँ याद रखेंगी कि किस तरह इस देश के किसानों ने अपनी जान की बाज़ी लगाकर किसानी और किसानों को बचाया था। मेरे देश के किसानों को मेरा नमन
— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) November 19, 2021