
लोकसभा चुनाव से पहले चुनाव आयोग ने हटाए 1.66 करोड़ मतदाताओं के नाम, जानें मामला
क्या है खबर?
चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि उसने लोकसभा चुनाव से पहले वार्षिक पुनरीक्षण में मतदाता सूची से 1.66 करोड़ मतदाताओं के नाम हटा दिए हैं।
हिंदुस्तान टाइम्स के मुताबिक, आयोग ने बताया कि मतदाताओं के नाम हटाने के साथ 2.68 करोड़ से अधिक नए मतदाता जोड़े भी गए हैं, जिससे आम चुनाव में पात्र मतदाताओं की कुल संख्या लगभग 97 करोड़ हो गई है।
चुनाव आयोग ने कोर्ट को यह जानकारी 2 फरवरी को एक हलफनामे में दी।
सुनवाई
कोर्ट में हो रही है जनहित याचिका पर सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट में 'संविधान बचाओ ट्रस्ट' की ओर से दायर एक जनहित याचिका पर सुनवाई चल रही है, जिसके तहत आयोग ने यह जानकारी कोर्ट को दी।
याचिका के माध्यम से ट्रस्ट ने मतदाता सूची में डुप्लिकेट नामों का पता लगाने और उन्हें हटाने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।
मामले की सुनवाई भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ ने सोमवार को की। मामले में अगली सुनवाई 12 फरवरी को होगी।
चुनाव आयोग
6 राज्यों को छोड़कर पूरे देश में नामावली में हुआ संशोधन
रिपोर्ट के मुताबिक, आयोग ने कोर्ट को बताया कि 6 राज्यों, असम, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, मिजोरम और तेलंगाना, को छोड़कर पूरे देश में नामावली में संशोधन किया गया है।
आयोग ने बताया कि कुल मतदाताओं में 1.83 करोड़ से अधिक 18-19 वर्ष की आयु वर्ग के मतदाता हैं, जो 2024 के लोकसभा चुनाव में पहली बार मतदान करेंगे।
ट्रस्ट ने कोर्ट को बताया कि हटाए गए नामों से से कितने नाम डुप्लिकेट होने के कारण हटाए गए हैं।