
जम्मू-कश्मीर में सीमा पार पाकिस्तान से आतंकवाद का खतरा बरकरार, सुरक्षा बल हाई अलर्ट पर
क्या है खबर?
सीमा पार पाकिस्तान से आतंकवाद के खतरे को देखते हुए जम्मू-कश्मीर में अंतरराष्ट्रीय सीमा और नियंत्रण रेखा (LoC) पर सुरक्षा बलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
राज्य सरकार के मुख्य सचिव और प्रवक्ता रोहित कंसल ने शनिवार को ये जानकारी दी।
बता दें कि भारत सरकार के जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा खत्म करने के बाद से पाकिस्तान बौखलाया हुआ है और कश्मीर में आतंक फैलाने की कोशिश कर रहा है।
पाबंदियां
कश्मीर के 69 पुलिस स्टेशनों से हटाई गईं कुछ पाबंदियां
शनिवार को कंसल ने कश्मीर के हालात में मीडिया को जानकारी देते हुए कहा, "सीमा पार से आतंकवाद का खतरा अभी भी बना हुआ है। सुरक्षा बल हाई अलर्ट पर हैं।"
आंतरिक हालातों की जानकारी देते हुए उन्होंने बताया, "घाटी में 69 पुलिस स्टेशनों से दिन के समय लगने वाली पाबंदियों को हटा दिया गया है। वहीं, जम्मू के 81 पुलिस स्टेशनों पर दिन के समय कोई भी पाबंदी नहीं लगती है।"
स्थिति
सामान्य होने की तरफ बढ़ रहीं स्थितियां
कंसल ने बताया कि शनिवार को ट्रैफिक और दफ्तरों में उपस्थिति में वृद्धि देखने को मिली। हालांकि सार्वजनिक यातायात और बाजार लगातार 20वें दिन बंद रहे।
उन्होंने बताया कि पाबंदियां हटने के बाद 1500 प्राथमिक विद्यालय और 100 माध्यमिक विद्यालय भी खुले।
टेलीफोन सुविधाओं के बारे में उन्होंने जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि 5300 लैंडलाइन फोन वाले 8 नए केंद्रों को हफ्ते के अंत तक वापस शुरू कर दिया जाएगा।
जानकारी
पत्थरबाजी की घटनाओं में गिरावट
इस बीच घाटी में पत्थरबाजी की घटनाओं में तेजी से गिरावट आई है। सुरक्षा बल हालातों पर करीबी नजर बनाए हुए हैं। कंसल ने जानकारी दी कि 21 अगस्त को पत्थरबाजी के तीन और 22 अगस्त को दो मामले सामने आए।
अमित शाह
शाह बोले, आंतरिक सुरक्षा को मजबूत किए बिना नहीं बनेंगे सुरक्षित और विकसित देश
इस बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को कहा कि जब तक भारत की आंतरिक सुरक्षा मजबूत नहीं होती है, तब तक भारत एक सुरक्षित और विकसित देश नहीं बन सकता।
हैदराबाद की सरदार वल्लभभाई पटेल अकादमी में IPS अधिकारियों की 103वीं पासिंग आउट परेड के मौके पर उन्होंने कहा, "हमारा देश पड़ोसी देश द्वारा प्रायोजित आतंकवाद के साथ-साथ अतिवादियों, मादक पदार्थों के तस्कर और साइबर अपराधियों के खतरे का सामना कर रहा है।"
सरदार पटेल
शाह ने किया सरदार पटेल को याद
इस दौरान शाह ने देश के पहले गृह मंत्री रहे सरदार पटेल को भी याद किया जो हैदराबाद के भारत में विलय के सूत्रधार रहे।
शाह ने कहा, "उन्होंने जम्मू-कश्मीर का भी भारत में विलय कराया, लेकिन फिर भी अनुच्छेद 370 के रूप में एक बांटने वाली लाइन थी। लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद कि इस अनुच्छेद को निरस्त कर दिया गया है और जम्मू-कश्मीर भारत का एक अभिन्न अंग बन गया है।"
अनुच्छेद 370 पर फैसला
5 अगस्त को मोदी सरकार ने लिया था ऐतिहासिक फैसला
बता दें कि 5 अगस्त को केंद्र सरकार ने राष्ट्रपति के आदेश के जरिए अनुच्छेद 370 में बदलाव करते हुए जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा खत्म कर दिया था।
इसके अलावा राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख, में बांटने का प्रस्ताव भी संसद में पेश किया गया। राष्ट्रपति के हस्ताक्षर के बाद अब ये कानून बन चुका है।
तभी से जम्मू-कश्मीर में पाबंदियां लगी हुई हैं और बाहरी दुनिया से कश्मीर का संपर्क न के बराबर है।