
कोरोना वायरस को काबू में करने के लिए केंद्र सरकार ने तीन राज्यों में भेजी टीमें
क्या है खबर?
कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों और मौतों को देखते हुए केंद्र सरकार ने तीन राज्यों को अपनी टीमें रवाना की हैं। ये टीमें महाराष्ट्र, पंजाब और छत्तीसगढ़ भेजी गई हैं जहां कोरोना वायरस की दूसरी लहर के कारण हालत बेकाबू हो गए हैं।
रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई बैठक के बाद प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने बयान जारी कर ये जानकारी दी। इस बैठक में प्रधानमंत्री ने 10 राज्यों में मामलों में वृद्धि की समीक्षा की थी।
बयान
नियमों के प्रति लापरवाही मामलों में उछाल का मुख्य कारण- PMO
बैठक के बाद जारी किए गए अपने बयान में PMO ने कहा कि कोरोना मामलों में तेज उछाल का मुख्य कारण मास्क पहनने और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने जैसे बचाव के नियमों के प्रति लापरवाही है।
म्यूटेंट वेरिएंट्स पर बयान में कहा गया है कि उछाल में म्यूटेंट वेरिएंट्स की हिस्सेदारी का कोई ठोस सबूत नहीं है। PMO ने कहा कि नए वेरिएंट्स के बावजूद महामारी को नियंत्रित करने के प्रावधान पहले की तरह ही हैं।
बयान
प्रधानमंत्री मोदी ने पांच बिंदु की रणनीति पर दिया जोर
बयान के अनुसार, बैठक में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि अगर टेस्टिंग, ट्रेसिंग, उपचार, कोविड उपयुक्त व्यवहार और वैक्सीनेशन की पांच बिंदु की रणनीति को गंभीरता और प्रतिबद्धता से लागू किया जाए तो संक्रमण को काबू में किया जा सकता है।
इसके लिए 6 अप्रैल से 14 अप्रैल के बीच जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा जिसमें मास्क के 100 प्रतिशत उपयोग, साफ-सफाई और स्वच्छता पर जोर दिया जाएगा।
प्रधानमंत्री ने ऑक्सीजन, बेड और वेंटीलेटर्स की उपलब्धता पर भी जोर दिया।
महाराष्ट्र
महाराष्ट्र की स्थिति सबसे अधिक खराब
बता दें कि केंद्र सरकार ने जिन राज्यों में टीमें भेजी हैं, उनमें महाराष्ट्र की स्थिति सबसे अधिक खराब है। रविवार को यहां 57,000 से अधिक नए मामले सामने आए जो अब तक एक दिन में सामने आए सबसे अधिक मामले हैं और पहली लहर के चरम से ढाई गुना अधिक हैं।
पिछले 14 दिनों में देश में सामने आए 57 प्रतिशत मामले और 47 प्रतिशत मौतें महाराष्ट्र में सामने आए। 58 प्रतिशत सक्रिय मामले भी महाराष्ट्र में हैं।
पंजाब
पंजाब में मृत्यु दर बेहद अधिक, PMO ने बताया गंभीर चिंता का विषय
पंजाब भी कोरोना वायरस महामारी की लहर से बुरी तरह प्रभावित हुआ है और राज्य की मृत्यु दर चिंता का विषय बनी हुई है। पिछले 14 दिनों में देश के मामलों में पंजाब की हिस्सेदारी 4.5 प्रतिशत रही है, वहीं मौतों के मामले में ये आंकड़ा लगभग चार गुना अधिक 16.3 प्रतिशत रहा।
PMO ने इतनी अधिक मृत्यु दर पर चिंता व्यक्त की है और इसे गंभीर चिंता का विषय बताया है।
डाटा
छत्तीसगढ़ की मृत्यु दर भी काफी अधिक
छत्तीसगढ़ की बात करें तो पिछले 14 दिनों में देश में सामने आए नए मामलों और मौतों में उसकी क्रमशः 4.3 प्रतिशत और 7 प्रतिशत हिस्सेदारी रही। यहां की मृत्यु दर भी चिंता का विषय है।
देश की स्थिति
बीते दिन देश में पहली बार एक लाख से अधिक नए मामले
पूरे देश की बात करें तो दैनिक मामलों की संख्या पहली लहर के चरम को पार कर गई है और रविवार को पहली बार देश में एक लाख से अधिक नए मामले सामने आए। पहली लहर के दौरान एक दिन में अधिकतम लगभग 98,000 नए मामले सामने आए थे।
अभी तक देश में कुल 1,25,89,067 लोगों को संक्रमित पाया जा चुका है जिनमें से 1,65,101 लोगों की मौत हुई है। सक्रिय मामले बीते दिन 50,233 बढ़कर 7,41,830 हो गए हैं।