
असम: पुलिस ने हिरासत से भाग रहे दुष्कर्म और हत्या के 2 आरोपियों को ढेर किया
क्या है खबर?
असम पुलिस ने 24 घंटे में कथित तौर पर हिरासत से भागने का प्रयास कर रहे दुष्कर्म और हत्या के दो आरोपियों को मौत की नींद सुला दिया है।
पुलिस का दावा है कि चेतावनी के बाद भी आरोपियों ने आत्मसमर्पण नहीं किया। ऐसे में मजबूरन गोली चलानी पड़ी।
मारे गए आरोपियों में एक फरवरी में 16 वर्षीय किशोरी से हुए गैंगरेप में शामिल था, जबकि दूसरे ने गत दिनों सात वर्षीय मासूम की रेप के बाद हत्या की थी।
घटना
मंगलवार रात को हुई थी पहले आरोपी की मौत
गुवाहाटी सिटी पुलिस के बयान के अनुसार, पहली घटना में मारा गया आरोपी बीकी अली था। वह 16 फरवरी को शहर में 16 वर्षीय किशोरी के साथ हुई गैंगरेप की घटना का मुख्य आरोपी था।
पुलिस ने मंगलवार को गिरफ्तार किया था और घटनास्थल की पहचान के लिए ले जाया जा रहा था।
उस दौरान उसने पुलिस पर हमला कर भागने का प्रयास किया। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में वह घायल हो गया और बाद में उसकी मौत हो गई।
जानकारी
घटना में महिला थानाप्रभारी भी हुई थीं घायल
पुलिस ने बताया कि बीकी अली ने हिरासत से भागने के लिए गुवाहाटी के पानबाजार महिला थानाप्रभारी ट्विंकल गोस्वामी पर हमला किया था। इससे उनके हाथ और पैर में चोटें आई थीं। उनका वर्तमान में गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में उपचार जारी है।
तलाश
गैंगरेप के अन्य आरोपियों की जारी है तलाश
पुलिस ने बताया कि गैंगरेप के दौरान बीकी अली के दो साथियों ने उसका वीडियो भी बनाया था। इसके बाद आरोपी ने 19 फरवरी को किशोरी को वीडियो डिलीट करने के बहाने से फिर से होटल में बुलाया और दुष्कर्म किया।
पुलिस ने बताया कि परिजनों की शिकायत पर आरोपियों के खिलाफ गैंगरेप और यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम (POCSO) के तहत मामला दर्ज किया था। मामले के अन्य आरोपियों की भी तलाश जारी है।
बयान
आरोपी के शरीर पर मिले थे चोट के चार निशान- सरमा
गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज अस्पताल के अधीक्षक अभिजीत सरमा ने बताया कि पुलिस ने बीकी अली को घायल अवस्था में अस्पताल पहुंचाया, लेकिन चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
उन्होंने बताया कि अली के शरीर पर चोट के चार निशान मिले हैं। इसमें एक उसके सीने पर और तीन पीठ पर थे। गोली लगने के घाव की जानकारी पोस्टमार्टम के बाद ही मिल सकती है। महिला थानाप्रभारी का उपचार जारी है और उनकी हालत स्थिर है।
अन्य घटना
नाबालिग से रेप और हत्या के आरोपी की बुधवार तड़के हुई मौत
उदलगुरी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) विद्युत दास बोरो ने बताया कि पुलिस मुठभेड़ में मारा गया दूसरा आरोपी राजेश मुंडा (38) है। आरोपी ने सात वर्षीय मासूम की रेप के बाद हत्या की थी। इस संबंध में 10 मार्च को मामला दर्ज किया था।
पुलिस ने मंगलवार को आरोपी को बैहाटा चरियाली की फैक्टी से गिरफ्तार किया था। बुधवार तड़के 02:30 बजे घटनास्थल पर ले जाते समय उसने भागने का प्रयास किया तो पुलिस ने गोली चला दी।
जानकारी
चिकित्सकों ने मुंडा को मृत घोषित किया- बोरो
ASP बोरो ने बताया कि पुलिस की गोली लगने से मुंडा गंभीर रूप से घायल हो गया था। इसके बाद उसे नजदीकी अस्पताल में पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस पूरे मामले में विस्तृत जांच के आदेश दिए गए हैं।
इजाफा
भाजपा के सत्ता में आने के बाद हुई ऐसी मुठभेड़ों में बढ़ोतरी
असम में पिछले साल मई में भाजपा के सत्ता में आने और हिमंत बिस्वा सरमा के मुख्यमंत्री बनने के बाद इस तरह की मुठभेड़ों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है।
मुख्यमंत्री सरमा के पास गृह विभाग भी हैं और उन्होंने पुलिस अधिकारियों को अपराधियों के खिलाफ सख्त होने के लिए कहा है।
इतना ही नहीं उन्होंने गिरफ्तारी के बाद अपराधियों के हिरासत से भागने या पुलिसकर्मियों पर हमला करने पर उनके पैरों में गोली मारने की भी छूट दी है।
सुनवाई
गुवाहाटी हाई कोर्ट में चल रही है फर्जी मुठभेड़ मामले में सुनवाई
वर्तमान में गुवाहाटी हाई कोर्ट अधिवक्ता आरिफ जवादर द्वारा दायर फर्जी मुठभेड़ से संबंधित याचिका पर सुनवाई कर रही है।
इसमें आरोप है कि मई 2021 से राज्य में फर्जी मुठभेड़ की संख्या बढ़ी है। 80 मुठभेड़ों में 28 लोगों की मौत हुई है। ऐसे में पुलिस के खिलाफ मामला दर्ज किया जाना चाहिए।
हालांकि, गत दिनों मामले में सरकार की ओर से पेश हलफनामे में कार्रवाई में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के दिशानिर्देशों का पालन करने की जानकारी दी है।
दलील
याचिकाकर्ता ने ये दी हैं दलीलें
याचिकाकर्ता जवादर ने दलील दी है कि सभी घटनाओं में पुलिस ने आरोपी के पुलिस की रिवॉल्वर छीनकर भागने और आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई करने की बात कही है, लेकिन सभी घटनाओं में ऐसा होना संभव नहीं है।
उन्होंने कहा कि प्रशिक्षित पुलिस अधिकारी की रिवॉल्वर आमतौर पर उसकी कमर की बेल्ट से रस्सी से बंधी होती है। ऐसे में आरोपियों का हर बार उसे छीनकर भागना संभव नहीं है। ऐसे में ये प्रायोजित घटनाएं हैं।