
ज्ञानवापी परिसर का ASI सर्वे शुरू, रोक लगवाने के लिए सुप्रीम कोर्ट पहुंचा मुस्लिम पक्ष
क्या है खबर?
वाराणसी स्थित ज्ञानवापी मस्जिद के परिसर का भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) सर्वे शुरू हो गया है। कड़ी सुरक्षा के बीच 43 सदस्यीय टीम सर्वे कर रही है, जिसमें 4 वकील भी हैं।
बता दें कि 21 जुलाई को वाराणसी जिला कोर्ट ने ज्ञानवापी परिसर के ASI सर्वे का आदेश दिया था।
इस बीच हिंदू पक्ष की ओर से इलाहबाद हाई कोर्ट में कैविएट याचिका भी दायर की गई है और मुस्लिम पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है।
टीम
4 टीमें कर रहीं सर्वे
समाचार चैनल आज तक की रिपोर्ट के मुताबिक, ASI ने 4 टीम बनाई है और हर टीम परिसर में अलग-अलग जगहों का सर्वे कर रही है। एक टीम पश्चिमी दीवार के पास, एक टीम गुंबदों का, एक टीम मस्जिद के चबूतरे का और एक टीम परिसर का सर्वे कर रही है।
हर टीम में एक-एक वकील भी हैं और 4 वादी महिलाएं भी टीम के साथ परिसर में मौजूद हैं।
ट्विटर पोस्ट
ज्ञानवापी परिसर के बाहर कड़ी सुरक्षा के इंतजाम किए गए हैं
#WATCH | Varanasi, UP: ASI (Archaeological Survey of India) to conduct survey of the Gyanvapi mosque complex today
— ANI UP/Uttarakhand (@ANINewsUP) July 24, 2023
Visuals from outside the Gyanvapi premises pic.twitter.com/VrvywzKp99
तरीका
किस तरह किया जाएगा सर्वे?
हिंदू पक्ष के वकील विष्णु जैन के मुताबिक, ग्राउंड पेनिट्रेटिंग रडार (GPR) और कार्बन डेटिंग समेत कई आधुनिक तकनीकों से परिसर का सर्वे किया जाएगा।
कोर्ट ने जरूरत पड़ने पर ढांचे को बिना नुकसान पहुंचाए खुदाई करने की भी अनुमति दी है। इस आधार पर गुंबद और तहखानों की खुदाई भी की जा सकती है।
टीम पश्चिमी दीवार के उम्र और निर्माण की प्रकृति की जांच भी करेगी। परिसर में मिलने वाली सभी वस्तुओं की सूची भी बनाई जाएगी।
वुजूखाना
वुजूखाने का सर्वे क्यों नहीं होगा?
बता दें कि इससे पहले हुए वीडियोग्राफी सर्वे के दौरान वुजूखाने का भी सर्वे किया गया था। इसमें वुजूखाने में मिली एक संरचना को लेकर विवाद हो गया था। हिंदू पक्ष का दावा था कि ये शिवलिंग है, जबकि मुस्लिम पक्ष का कहना था कि ये शिवलिंग नहीं फव्वारा है।
इसके बाद ये मामला सुप्रीम कोर्ट चला गया था और कोर्ट ने कथित शिवलिंग के सर्वे पर रोक लगा दी थी। वर्तमान में ये हिस्सा सील कर दिया गया है।
याचिका
हिंदू पक्ष ने दायर की कैविएट याचिका
श्रृंगार गौरी मामले में हिंदू पक्ष की मुख्य वादिनी राखी सिंह ने आज इलाहाबाद हाई कोर्ट में कैविएट दाखिल की गई है। ये इसलिए दायर की गई है कि अगर अंजुमन इंतजामिया मस्जिद कमेटी हाई कोर्ट में 21 जुलाई वाले सर्वे के आदेश को चुनौती देती है तो हाई कोर्ट हिंदू पक्ष की बात सुने बिना फैसला न दे।
दूसरी ओर सर्वे के खिलाफ मुस्लिम पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है, जिस पर आज सुनवाई होनी है।
मामला
क्या है मामला?
5 हिंदू महिलाओं ने वाराणसी जिला कोर्ट में याचिका दाखिल करते हुए ज्ञानवापी मस्जिद परिसर में मौजूद मां शृंगार गौरी की सालभर पूजा करने की इजाजत मांगी है। उन्होंने मस्जिद में मिले कथित शिवलिंग की पूजा करने की इजाजत भी मांगी है।
मस्जिद समिति ने इसका विरोध किया है और इसे उपासना स्थल अधिनियम, 1991 का उल्लंघन बताया है, जिसके तहत पूजा स्थल के धार्मिक स्वरूप को बदलने पर रोक है।