
सरकार का ऐलान, सभी केंद्रीय कर्मचारियों को डाउनलोड करना होगा आरोग्य सेतु ऐप
क्या है खबर?
भारत में कोरोना वायरस का प्रकोप बढ़ता जा रहा है, प्रतिदिन हजारों की संख्या में लोग संक्रमित हो रहे हैं और सैकड़ों लोगों की जान जा रही है।
कोरोना के प्रसार को रोकने के लिए लागू लॉकडाउन 3 मई को खत्म होगा। उम्मीद है कि सरकारी कार्यालयों में इसके बाद समान्य रूप कामकाज शुरू हो सकता है।
इसको लेकर केंद्र सरकार ने अपने सभी अधिकारी और कर्मचारियों को तत्काल आरोग्य सेतु ऐप डाउनलोड करने को कहा है।
ऐप
क्या है आरोग्य सेतु ऐप?
आरोग्य सेतु ऐप यूजर को बताता है कि वह किसी कोरोना वायरस संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आया है नहीं।
इसकी ट्रेकिंग ब्लूटूथ और लोकेशन जनरेटेड ग्राफ के जरिये की जाती है। इसके जरिये ही यह ऐप सारी जानकारी देता है।
इसे कोरोना वायरस संक्रमित लोगों के डाटाबेस से जोड़ा गया है। इस ऐप में सेल्फ टेस्टिंग टूल दिया भी दिया गया है, जो आपसे कुछ सवाल पूछकर आपके जांच करने या नहीं कराने की जानकारी देता है।
एडवाइजरी
सरकार ने कर्मचारियों को दी ऐप के जरिए स्वास्थ्य का आंकलन करने की सलाह
सरकार की ओर से जारी एडवाइजरी में कहा गया है कि कोरोना वारयस के बढ़ते प्रसार को देखते हुए सभी केंद्रीय अधिकारी, कर्मचारी और संविदा कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से अपने मोबाइल फोन में आरोग्य सेतु ऐप डाउनलोड करना चाहिए।
इसके बाद वह ऐप के जरिए अपने स्वास्थ्य का आंकलन करें। इसमें यदि उनकी स्थिति अत्यधिक गंभीर बताई जाती है तो उन्हें 14 दिन तक कार्यालय नहीं आकर खुद को क्वारंटाइन करना चाहिए।
कार्यालयों में संक्रमण
इन कार्यालयों में फैल चुका है संक्रमण
केंद्र सरकार के अधिकारी और कर्मचारियों को ऐप डाउनलोड करने की एडवाइजरी जारी करने के पीछे प्रमुख कारण यह माना जा रहा है कि अब कार्यालयों में भी संक्रमण पहुंच गया है।
गत दिनों राष्ट्रपति भवन, लोकसभा सचिवालय, सुप्रीम कोर्ट कर्मचारी, स्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. हर्षवर्धन के OSD कार्यालय और नीति आयोग कार्यालय के कर्मचारियों के संक्रमण की पुष्टि हो गई थी।
ऐसे में सुरक्षा के लिहाज से यह एडवाइजरी जारी की गई है।
जानकारी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी किया था ऐप डाउनलोड करने का आह्वान
बता दें कि 24 मार्च को देश के नाम संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी देशवासियों से कोरोना वायरस से बचने के लिए आरोग्य सेतु ऐप डाउनलोड करने की अपील की थी। उन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं से भी ऐसा करने के लिए कहा था।
निर्देश
सेना सहित इन्होंने जारी किए आरोग्य सेतु ऐप डाउनलोड करने के आदेश
बता दें कि इससे पहले 15 अप्रैल को सेना ने अपने सभी जवानों को आवश्यक रूप से आरोग्य सेतु ऐप डाउनलोड करने के निर्देश जारी किए थे।
प्रसार भारती ने भी अपने कर्मचारियों के लिए ऐप इंस्टाल करना अनिवार्य कर दिया है।
इसी तरह उत्तर प्रदेश सरकार ने 22 अप्रैल को अपने सभी डॉक्टर और चिकित्साकर्मियों को यह ऐप डाउनलोड करने के आदेश दिए थे। इसके बाद से कर्मचारियों ने ऐप को डाउनलोड करना शुरू कर दिया था।
प्रतिबंध
सिक्किम राज्य ने बिना ऐप डाउनलोड किए राज्य में प्रवेश पर लगाया प्रतिबंध
इससे पहले सिक्किम सरकार ने गत 20 अप्रैल को राज्य में आने वाले हर व्यक्ति पर आरोग्य सेतु ऐप डाउनलोड करने की अनिवार्यता लागू की थी। बिना ऐप के राज्य में प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया था।
इसके साथ ही सरकार ने अपने सभी अधिकारी और कर्मचारियों के लिए ऐप को डाउनलोड करना अनिवार्य किया था।
इसी तरह उत्तर प्रदेश के अमेठी जिला कलक्टर ने ऐप डाउनलोड करने पर ही लॉकडाउन पास जारी करने का निर्णय किया था।
जानकारी
ऐप डाउनलोड करने पर बांटे जा रहे है मुफ्त मास्क
दिल्ली जेल प्रशासन की ओर से ऐप डाउनलोड करने के लिए विशेष मुहिम चलाई जा रही है। जेल अधिकारी और कर्मचारियों ने दरवाजे के बाद कैंप लगा रखा है और वहां गुजरने वाले हर व्यक्ति को ऐप डाउनलोड करने पर मुफ्त मास्क दे रहे हैं।
सुझाव
CISF ने भी दिया था आरोग्य सेतु ऐप का सुझाव
मैट्रो स्टेशन और हवाई अड्डों पर सुरक्षा की जिम्मेदारी निभाने वाले केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) ने भी गत गुरुवार को सरकार को मैट्रो ट्रेन और प्लाइटों में बिना आरोग्य सेतु ऐप के लोगों को प्रवेश नहीं देने का सुझाव दिया था।
इसी तरह शनिवार को दिल्ली में उपराज्यपाल अनिल बैजल के नेतृत्व में हुई बैठक में भी अधिकारियों ने आरोग्य सेतु ऐप डाउनलोड किए बिना किसी को भी राज्य की सीमा में प्रवेश नहीं देने का सुझाव दिया था।
संक्रमण
भारत में यह है कोरोना संक्रमण की वर्तमान स्थिति
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार देश में पिछले 24 घंटों में 73 नई मौतों के साथ मृतकों की संख्या 1,007 हो गई है।
इसी तरह 1,897 नए मामलों के साथ संक्रमितों की कुल संख्या 31,332 हो गई है। एक दिन में इतनी संख्या में मौत का सबसे बड़ा आंकड़ा है।
हालांकि, थोड़ी राहत वाली बात यह है कि इस बीमारी से अब तक 7,696 मरीज स्वस्थ होकर घर लौट चुके हैं। ऐसे में ठीक होने की दर 24.56% हो गई है।