
असम: सिलचर हवाई अड्डे से बिना कोरोना टेस्ट कराए फरार हुए 300 यात्री, मचा हड़कंप
क्या है खबर?
कोरोना महामारी की दूसरी लहर से देशभर में हालात बेकाबू होने नजर आ रहे हैं। ऐसे में राज्यों ने इस पर नियंत्रण के लिए कई तरह की पाबंदियां लागू कर रखी है।
इसी को लेकर असम सरकार ने बाहर से आने वालों के लिए कोरोना टेस्ट को अनिवार्य बनाया है। इसके बाद भी राज्य के सिलचर हवाई अड्डे पर बुधवार को पहुंचे यात्रियों में से 300 यात्री बिना टेस्ट कराए ही फरार हो गए। इससे अधिकारियों में हड़कंप मच गया।
आदेश
सरकार ने दिए बाहर से आने वालों की कोरोना जांच करने के आदेश
राज्य में बढ़ते कोरोना संक्रमण को देखते हुए सरकार ने गत दिनों पूर्वोत्तर राज्यों के बाहर से आने वाले सभी यात्रियों की कोरोना जांच करने का आदेश दिया था।
इसके बाद सभी रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और हवाई अड्डों पर इसकी तैयारी की गई थी।
सिलचर हवाई अड्डे के छोटा होने के कारण स्वास्थ्य विभाग ने यहां आने वाले यात्रियों की जांच के लिए नजदीक स्थित सरकारी अस्पताल में इंतजाम किया है। यात्रियों को बसों से अस्पताल पहुंचाया जाता है।
घटना
अस्पताल पहुंचने से पहले बीच में ही बस से उतरकर फरार हुए 300 यात्री
हिंदुस्तान टाइम्स के अनुसार कछार जिले के अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त सुमित सतावन ने बताया कि वर्तमान में सिलचर हवाई अड्डे पर प्रतिदिन करीब 700 यात्री पहुंच रहे हैं। मानक संचालन प्रकिया (SOP) के तहत उन्हीं यात्रियों का कोरोना टेस्ट किया जा रहा है जो पूर्वोत्तर से बाहर के राज्यों से आए हैं।
उन्होंने बताया कि बुधवार को 690 यात्रियों की जांच होनी थी, लेकिन इनमें से 300 यात्री अस्पताल पहुंचने से पहले ही बस से उतर कर फरार हो गए।
जानकारी
जांच में छह यात्रियों के हुई कोरोना संक्रमण की पुष्टि
सतावन ने बताया कि बुधवार को अवाई अड्डे पर पहुंचे 390 यात्रियों की कोरोना संक्रमण की जांच की गई थी। इनमें से छह में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई है। ऐसे में फरार हुए यात्रियों में भी कोरोना संक्रमितों के होने की संभावना है।
कार्रवाई
फरार हुए यात्रियों के खिलाफ दर्ज किया जाएगा मामला
सतावन ने बताया कि जिला प्रशासन ने हवाई अड्डे से बिना कोरोना जांच कराए फरार होने वाले सभी 300 यात्रियों के खिलाफ कोरोना प्रोटोकॉल तोड़ने के संबंध में मामला दर्ज कराने का निर्णय किया है। इन सब फरार यात्रियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 180 और आपदा प्रबंधन कानून के तहत मामला दर्ज किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि हवाई अड्डा प्रशासन से बुधवार को पहुंचे यात्रियों का पता लगाया जा रहा है।
बयान
फरार हुए यात्रियों की आसानी से हो जाएगी पहचान- सतावन
सतावन ने बताया कि हवाई अड्डे से फरार हुए यात्रियों की पहचान बहुत ही जल्द कर लिया जाएगी। इसका कारण यह है कि यात्रियों ने टिकट बुक कराते समय अपनी पूरी जानकारी एयरलाइंस कंपनी के साथ साझा करनी होती है।
उन्होंने बताया कि अब कोरोना जांच कराने वाले यात्रियों को अलग करने के बाद बचे हुए यात्रियों की पहचान हो जाएगी और उन सभी के खिलाफ मामला दर्ज किया जाएगा। इसके अलावा उनकी कोरोना जांच भी की जाएगी।
संक्रमण
असम में यह है कोरोना संक्रमण की स्थिति
असम में बुधवार को राज्य में 1,665 नए मामले सामने आए तथा पांच मरीजों की मौत हुई है। इसी के साथ राज्य में संक्रमितों की कुल संख्या बढ़कर 2,29,138 पर पहुंच गई है।
इनमें से 1,150 की मौत हो चुकी है और 2,17,593 उपचार के बाद सही हो चुके हैं। राज्य में वर्तमान में सक्रिय मामलों की संख्या 10,395 पर पहुंच गई है।
यहां बाहर से आने वालों के लिए सात दिन का होम क्वारंटाइन अनिवार्य किया गया है।