
1 अप्रैल से UPI से लेकर GST तक बदल जाएंगे कई नियम, जानिए क्या पड़ेगा प्रभाव
क्या है खबर?
अगले महीने से नया वित्त वर्ष 2026 शुरू होने जा रहा है। इसके चलते 1 अप्रैल से कई विनियामक और वित्तीय बदलाव लागू होने जा रहे हैं। इनका असर सभी नागरिकों पर पड़ेगा।
टैक्स स्लैब में बदलाव से लेकर यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) लेनदेन नियमों में बदलाव और यूनिफाइड पेंशन स्कीम के लॉन्च से लोगों पर कई प्रभाव पड़ेंगे।
इसके अलावा बचत खाते, क्रेडिट कार्ड और डीमैट अकाउंट से जुड़े नियम बदलने का असर आम जनता पर पड़ेगा।
टैक्स स्लैब
इस दिन से लागू होगा नया टैक्स स्लैब
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट में नए कर स्लैब और दरों की घोषणा की है, जो नए वित्त वर्ष से लागू होंगी।
नई व्यवस्था के तहत सालाना 12 लाख रुपये तक कमाने वाले व्यक्तियों को करों का भुगतान करने से छूट दी जाएगी।
इसके अलावा, वेतनभोगी व्यक्ति 75,000 रुपये की मानक कटौती के लिए पात्र होंगे। इसका मतलब है कि 12.75 लाख रुपये तक का वेतन वाला व्यक्ति किसी भी कर का भुगतान करने से मुक्त है।
UPI
UPI को लेकर क्या होगा बदलाव?
यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) की सुरक्षा और दक्षता बढ़ाने के लिए नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) 1 अप्रैल से बदलाव करने जा रही है।
लंबे समय से उपयोग नहीं होने वाले मोबाइल नंबरों से जुड़े UPI अकाउंट्स लंबे समय से एक्टिव नहीं हैं, उन्हें बैंक रिकॉर्ड से हटाया जाएगा।
अगर आपका फोन नंबर UPI ऐप से जुड़ा है और आपने लंबे समय से इसका इस्तेमाल नहीं किया है, तो इसकी सेवाएं बंद की जा सकती हैं।
GST
GST को लेकर हुए ये बदलाव
नए वित्तीय वर्ष के साथ वस्तु एवं सेवा कर (GST) पोर्टल पर बेहतर सुरक्षा के लिए करदाताओं के लिए मल्टी-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (MFA) अनिवार्य किया जाएगा।
इसके अलावा, E-वे बिल (EWBs) केवल उन आधार दस्तावेजों के लिए तैयार किए जा सकेंगे, जो 180 दिनों से अधिक पुराने नहीं हैं।
अब TDS के लिए GSTR-7 को गलत तरीके से दाखिल नहीं कर सकते। प्रमोटरों और निदेशकों को अब बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण के लिए GST सुविधा केंद्र पर जाना होगा।
UPS
पेंशन को लेकर हुआ यह बदलाव
केंद्र सरकार ने अगस्त, 2024 में एकीकृत पेंशन योजना (UPS) शुरू की थी, लेकिन इसे 1 अप्रैल से लागू किया जाएगा। इससे करीब 23 लाख केंद्र सरकार के कर्मचारियों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
कम से कम 25 साल की सेवा वाले कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति के बाद उनके अंतिम 12 महीनों के औसत मूल वेतन के 50 प्रतिशत के बराबर पेंशन मिलेगी।
1 अप्रैल तक सेवारत या इसके बाद नौकरी में आने वाले इस योजना के लिए पात्र होंगे।