
कंपनी ने ऑफिस बुलाया तो 800 से ज्यादा वाइटहैट जूनियर कर्मचारियों ने छोड़ी नौकरी
क्या है खबर?
कोविड-19 संक्रमण और लॉकडाउन के दौरान शुरू हुए 'वर्क फ्रॉम होम' ट्रेंड के बाद अब कंपनियां अपने कर्मचारियों को ऑफिस वापस बुला रही हैं।
हालांकि, ढेरों कर्मचारी वापस ऑफिस नहीं जाना चाहते और इस बदलाव से खुश नहीं हैं।
अब ऑनलाइन कोडिंग सिखाने वाले प्लेटफॉर्म वाइटहैट जूनियर के 800 से ज्यादा कर्मचारियों ने सिर्फ इसलिए नौकरी छोड़ दी है, क्योंकि कंपनी उन्हें काम करने के लिए ऑफिस वापस बुला रही थी।
रिपोर्ट
पिछले दो महीने में दिया इस्तीफा
Inc42 की रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी के 800 से ज्यादा फुल-टाइम कर्मचारियों ने पिछले दो महीने के अंदर नौकरी से इस्तीफा दिया है।
रिपोर्ट में बताया गया है कि इन कर्मचारियों ने खुद अपनी नौकरी छोड़ी है, क्योंकि ये ऑफिस वापस आकर काम नहीं करना चाहते।
कंपनी ने कर्मचारियों से एक महीने के अंदर ऑफिस वापस आने को कहा था।
आपको बता दें, साल 2020 में बायजूस (Byju's) प्लेटफॉर्म ने वाइटहैट जूनियर खरीद लिया था।
ईमेल
कंपनी ने पिछले महीने भेजा था ईमेल
वाइटहैट जूनियर की ओर से 18 मार्च को इसके कर्मचारियों को ईमेल भेजकर उनसे ऑफिस वापस लौटने को कहा गया था।
रिपोर्ट में कहा गया है कि कर्मचारियों को कंपनी के मुंबई, बेंगलुरू और गुरुग्राम ऑफिस में बुलाया गया है।
हालांकि, कंपनी की बात मानने के बजाय सैकड़ों कर्मचारियों ने इस्तीफा देना बेहतर समझा।
कुछ कर्मचारियों ने बताया है कि यह एक कॉस्ट-कटिंग एक्सरसाइज है और आने वाले दिनों में और भी इस्तीफे देखने को मिलेंगे।
बदलाव
कंपनी में इसलिए तेजी से बदले हालात
कर्मचारियों ने बताया है कि बायजूस की ओर से वाइटहैट जूनियर को अक्वायर करने और वाइटहैट जूनियर फाउंडर करण बजाज के कंपनी छोड़ने के बाद हालात बदले।
रिपोर्ट के मुताबिक, कर्मचारी बजाज के साथ काम करते वक्त बेहतर महसूस कर रहे थे।
आपको बता दें, करण बजाज ने बायजूस की ओर से 30 करोड़ डॉलर (करीब 2,319 करोड़ रुपये) में स्टार्ट-अप खरीदे जाने के करीब एक साल बाद अगस्त, 2021 में कंपनी छोड़ी थी।
बयान
घरों से काम करते रहेंगे टीचर्स
वाइटहैट जूनियर ने एक आधिकारिक बयान में बताया है कि इसके टीचर्स घरों से काम करते रहेंगे।
कंपनी ने कहा, "हमारी बैक-टू-वर्क ड्राइव के साथ सेल्स और सपोर्ट से जुड़े ज्यादातर कर्मचारियों को 18 अप्रैल से गुरुग्राम और मुंबई ऑफिस में रिपोर्ट करने को कहा गया था। हमने स्वास्थ्य और व्यक्तिगत हालातों को देखते हुए राहत भी दी है और कर्मचारियों को जरूरत के हिसाब से शहर बदलने में मदद भी कर रहे हैं।"
ऐपल
दूसरी कंपनियों के सामने भी ऐसे हालात
बीते दिनों ऐपल के डायरेक्टर ऑफ मशीन लर्निंग इयान गुडफेलो ने भी इसलिए अपनी नौकरी छोड़ दी क्योंकि कंपनी उन्हें काम करने के लिए ऑफिस बुला रही थी।
इयान ने कंपनी छोड़ने का फैसला ऐपल हाइब्रिड वर्क पॉलिसी के चलते लिया।
11 अप्रैल के बाद कर्मचारियों को सप्ताह में कम से कम एक दिन, 2 मई के बाद सप्ताह में कम से कम दो दिन और 23 मई के बाद सप्ताह में कम से कम तीन दिन ऑफिस आना था।