
ऑनलाइन डिग्री प्रोग्राम शुरू करने के लिए UGC ने 7 और संस्थानों को दी इजाजत
क्या है खबर?
उच्च शिक्षा नियामक संस्था, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने सात और विश्वविद्यालयों को ऑनलाइन डिग्री कार्यक्रम ऑफर करने की अनुमति दी है।
बता दें कि सात संस्थानों को ओपन और डिस्टेंस डिग्री प्रोग्राम ऑफर करने की अनुमति देने वाली लिस्ट इस साल अगस्त और सितंबर में जारी लिस्ट से अलग है।
इससे पहले आयोग ने 50 से अधिक संस्थानों को ओपन और डिस्टेंस लर्निग कार्यक्रमों की पेशकश करने की अनुमति दी थी।
संस्थान
इन संस्थानों को ऑनलाइन डिग्री प्रोग्राम शुरू करने की मिली इजाजत
बता दें कि आयोग की स्थायी अपीलीय समिति (SAC) की जून और जुलाई में हुई बैठकों के बाद इन सात संस्थानों की लिस्ट तैयार की है।
कोनेरू लक्ष्माईल एजुकेशन फाउंडेशन, आंध्र प्रदेश
जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय, दिल्ली
जेएसएस एकेडमी ऑफ हायर एजुकेशन एंड रिसर्च, कर्नाटक
महात्मा गांधी यूनिवर्सिटी, केरल
डॉ डीवाई पाटिल विद्यापीठ, महाराष्ट्र
बीएस अब्दुर रहमान इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी, तमिलनाडु
एमिटी यूनिवर्सिटी, उत्तर प्रदेश
जामिया विश्वविद्यालय
जामिया मिलिया इस्लामिया ने ऑनलाइन पाठ्यक्रमों में की वृद्धि
जामिया मिलिया इस्लामिया द्वारा पेश किए जाने वाले ऑनलाइन पाठ्यक्रमों की संख्या में वृद्धि की गई है। UGC द्वारा जिन 10 नए पाठ्यक्रमों को मान्यता दी गयी है, उनकी जानकारी इस प्रकार हैं-
बैचलर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन (फइनेंस और अकाउंट)
बैचलर ऑफ आर्ट्स (जनरल)
बैचलर ऑफ कामर्स (जनरल)
मास्टर ऑफ आर्ट्स (अंग्रेजी)
मास्टर ऑफ आर्ट्स (हिंदी)
मास्टर ऑफ आर्ट्स (इतिहास)
मास्टर ऑफ आर्ट्स (उर्दू)
मास्टर ऑफ आर्ट्स (पॉलिटिकल साइंस)
मास्टर ऑफ आर्ट्स (सोशोलॉजी)
मास्टर ऑफ कामर्स (जनरल)
तिथि
इस सत्र में प्रवेश की अंतिम तिथि 15 दिसंबर होगी
आयोग ने 1 जुलाई, 2021 को हुई अपनी बैठक में फैसला किया कि असाधारण परिस्थितियों में जुलाई 2021 के शैक्षणिक सत्र को बदलकर 1 नवंबर कर दिया जाएगा, जिसमें प्रवेश की अंतिम तिथि 15 दिसंबर होगी।
UGC मे कहा कि विश्वविद्यालय इन कार्यक्रमों की पेशकश तब तक कर सकते हैं जब तक वे UGC के अनुसार NAC या NIRF रैंकिंग आवश्यकताओं का अनुपालन करते हैं, और यदि नहीं तो वे कार्यक्रमों को बंद कर UGC को सूचित कर सकते हैं।
अभियान
UGC ने निवेशक और वित्तीय साक्षरता अभियान में भाग लेने का दिया आदेश
UGC ने विश्वविद्यालयों और संबद्ध संस्थानों को निवेशक एवं वित्तीय साक्षरता अभियान में भाग लेने के लिए कहा है।
इसका मकसद वित्तीय साक्षरता एवं निवेश के प्रति जागरूकता के प्रसार के लिए छात्र समुदाय का उपयोग करना है।
UGC के सचिव रजनीश जैन ने कुलपतियों को लिखे पत्र में कहा, "कारपोरेट मामलों के मंत्रालय के अधीन निवेशक शिक्षा एवं संरक्षण कोष प्राधिकार द्वारा शिक्षा मंत्रालय के सहयोग से 'निवेशक एवं वित्तीय साक्षरता अभियान' चलाने की संभावना तलाशी जा रही है।"