
इलेक्ट्रिक सेगमेंट में कदम रखने को तैयार मारुति, 2025 तक लॉन्च करेगी पहली इलेक्ट्रिक कार
क्या है खबर?
भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों का बाजार काफी आगे बढ़ चुका है और लगभग सभी कंपनियां अपनी इलेक्ट्रिक गाड़ियों पर काम कर रही हैं।
खबर है कि मारुति सुजुकी (Maruti Suzuki India) देश में कई नए इलेक्ट्रिक वाहन लॉन्च करने की तैयारी कर रही है। कंपनी 2025 तक अपनी पहली इलेक्ट्रिक कार (Electric Car) लॉन्च कर सकती है।
मारुति अपने इलेक्ट्रिक गाड़ियों का निर्माण सुजुकी मोटर के गुजरात प्लांट में करेगी।
आइए, इस बारे में जानते हैं।
जानकारी
इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए नया प्लांट लगाएगी कंपनी
मारुति सुजुकी इंडिया ने हरियाणा में अपने नए उत्पादन संयंत्र के लिए जगह चुन ली है।
नए प्लांट के लिए मारुति को हरियाणा के सोनीपत के IMT खरखोदा में 800 एकड़ जमीन को आवंटित हुई है, जिसकी प्रक्रिया अब पूरी हो गई है।
रिपोर्ट्स की मानें तो नए फैक्ट्री की उत्पादन क्षमता 2.5 लाख यूनिट प्रति वर्ष होगी। हालांकि, कंपनी को निर्माण से जुड़ी प्रशासनिक मंजूरियां मिलनी अभी बाकी हैं।
अपकमिंग कार
वैगनआर के इलेक्ट्रिक वेरिएंट पर काम कर रही कंपनी
रिपोर्ट्स मानें तो कंपनी वैगनआर इलेक्ट्रिक को सबसे पहले लॉन्च करेगी। मारुति 2019 में इसे पेश कर चुकी है।
वैगनआर EV टेस्टिंग के दौरान कई बार स्पॉट की गई है। इसमें रेडिएटर ग्रिल को एक स्लिम ब्लैंकिंग ट्रिम पीस के साथ जोड़ा गया है जो आगे की हेडलाइट्स के साथ जुड़ी हुई है।
इसमें नई हेडलाइट्स और पीछे के बंपर को पूरी तरह से नया रूप दिया गया है। सुजुकी की इलेक्ट्रिक कार में भी ये फीचर्स हो सकते हैं।
प्लांट
भारत में बैटरी प्लांट भी लगा रही सुजुकी
चूंकि सुजुकी भारत में इसकी ग्लोबल लॉन्चिंग करेगी, इसलिए यह तोशिबा और डेंसो के साथ साझेदारी कर गुजरात में एक बैटरी प्लांट भी स्थापित कर रही है।
बैटरी एक इलेक्ट्रिक वाहन का सबसे महंगा पार्ट होता है और अगर इसे आयात किया गया तो इसके लिए भारी टैक्स चुकाने पड़ेंगे।
आपको बता दें कि इसके लिए कंपनी करीब 10,445 करोड़ रुपये निवेश करने की योजना बना रही है और इससे इलेक्ट्रिक गाड़ियों की कीमत में भी गिरावट आएगी।
योजना
न्यूजबाइट्स प्लस (जानकारी)
सेमीकंडक्टर की कमी के कारण मारुति सुजुकी की 3.25 लाख गाड़ियों की डिलीवरी रुकी हुई है और इस वजह से कंपनी के मॉडलों का वेटिंग पीरियड भी बढ़ रहा है।
गौरतलब है कि आर्डर पूरा नहीं कर पाने के कारण कंपनी को मजबूरन अपनी गाड़ियों के वेटिंग पीरियड बढ़ाने पड़ रहे हैं।
ऐसे में नए प्लांट के लग जाने से कंपनी का उत्पादन बढ़ेगा और मारुति की गाड़ियों पर चल रहे वेटिंग पीरियड में भी कमी आएगी।