
रूस ने भारत के साथ साझा किया कोरोना वायरस वैक्सीन का डाटा, विशेषज्ञ करेंगे विश्लेषण
क्या है खबर?
रूस ने भारत के साथ अपनी कोरोना वायरस वैक्सीन का डाटा साझा कर दिया है। भारत ने इस वैक्सीन को बनाने वाले गामालेया रिसर्च इंस्टीट्यूट ऑफ एपिडिमियोलॉजी और माइक्रोबायोलॉजी से ये डाटा मांगा था।
'इंडियन एक्सप्रेस' की रिपोर्ट के अनुसार, संस्थान ने वैक्सीन कितनी प्रभावी और सुरक्षित है, इससे संबंधित विस्तृत डाटा भारतीय अधिकारियों को भेज दिया है। भारत में अधिकारी और विशेषज्ञ इसका विश्लेषण करेंगे और देश में इसका तीसरे चरण का ट्रायल भी हो सकता है।
पृष्ठभूमि
पिछले महीने रूस ने लॉन्च की थी कोरोना वायरस की वैक्सीन
रूस के राष्ट्रपति व्हादिमीर पुतिन ने पिछले महीने कोरोना वायरस की वैक्सीन के रजिस्ट्रेशन का ऐलान किया था। रूसी सेना ने मॉस्को के गामालेया रिसर्च इंस्टीट्यूट ऑफ एपिडिमियोलॉजी और माइक्रोबायोलॉजी के साथ साझेदारी में ये वैक्सीन विकसित की है।
वैक्सीन को पहले स्वास्थ्यकर्मियों समेत उन लोगों को लगाया जाएगा जिन पर कोरोना वायरस से संक्रमित होने का सबसे अधिक खतरा है। पुतिन की बेटी को भी वैक्सीन लगाई गई है। अक्टूबर तक ये बड़े पैमाने पर उपलब्ध होगी।
ट्रायल्स
शुरूआती ट्रायल के बाद ही लॉन्च कर दी गई है वैक्सीन
कॉमन कोल्ड फैलाने वाले एडिनोवायरस के DNA से बनाई गई रूस की इस वैक्सीन का अभी केवल पहले और दूसरे चरण का ट्रायल पूरा हुआ है। दोनों चरणों में 38-38 लोगों को ये वैक्सीन लगाई गई और इन सभी लोगों में कोरोना वायरस के खिलाफ इम्युनिटी देखने को मिली। वैक्सीन के प्रयोग पर गंभीर साइड इफेक्ट भी नहीं देखने को मिले।
वैक्सीन का तीसरे चरण का ट्रायल इसके प्रयोग के साथ-साथ ही चलता रहेगा।
भारत
वैक्सीन लॉन्च होने के बाद भारत ने मांगा था डाटा
वैक्सीन की घोषणा के बाद से ही भारतीय अधिकारी रूस के संपर्क में बने हुए थे और गामालेया इंस्टीट्यूट से इससे संबंधित डाटा मांगा था। अब ये डाटा साझा कर दिया गया है।
मामले की जिम्मेदारी डिपोर्टमेंट ऑफ बायोटेक्नोलॉजी की सचिव रेणु स्वरूप और रूस में भारत के राजदूत डीबी वेंकटेश वर्मा को दी गई है।
एक सूत्र ने बताया कि भारत और रूस में अब वैक्सीन के संबंध में गहराई से चर्चा हो रही है।
ट्रायल
अन्य देशों समेत भारत में भी हो सकता है तीसरे चरण का ट्रायल
रिपोर्ट के अनुसार, अब भारत में विशेषज्ञ इस डाटा का विश्लेषण करेंगे और रेगुलेटर्स की मंजूरी के बाद देश में तीसरे चरण का ट्रायल किया जा सकता है।
यही नहीं रूस सऊदी अरब, संयुक्त अरब आमीरात (UAE), ब्राजील और फिलीपींस समेत कई देशों में तीसरे चरण का ट्रायल करने की योजना बना रहा है। 'लांसेट' में प्रकाशित स्टडी के अनुसार, तीसरे चरण के ट्रायल में अलग-अलग आयु वर्ग और जोखिम वाले समूहों के 40,000 लोग शामिल होंगे।
सवाल
बिना ट्रायल पूरे किए वैक्सीन लॉन्च करने पर सवाल उठा रहे हैं विशेषज्ञ
आमतौर पर किसी भी वैक्सीन को तीसरे चरण का ट्रायल पूरा होने के बाद ही लॉन्च किया जाता है, जिसमें हजारों लोगों को इसकी डोज देकर देखा जाता है कि ये कितनी प्रभावी और सुरक्षित है। वैक्सीन के सुरक्षित न होने पर ये लोगों के लिए जानलेवा साबित हो सकती है।
इसी कारण अमेरिका के संक्रामक रोग विशेषज्ञ डॉक्टर एंथनी फाउची समेत कई विशेषज्ञ बिना ट्रायल पूरे किए वैक्सीन लॉन्च करने के रूस के फैसले पर सवाल उठा चुके हैं।
जानकारी
रूस का दावा- 20 से अधिक देशों ने दिखाई है वैक्सीन में दिलचस्पी
विशेषज्ञों की इन आपत्तियों को खारिज करते हुए रूस ने अपनी वैक्सीन को पूरी तरह से सुरक्षित और प्रभावी बताया है। उसने भारत समेत 20 से ज्यादा देशों के वैक्सीन की एडवांस बुकिंग करने का दावा भी किया है।