
पाकिस्तान में है मसूद अजहर, पाक विदेश मंत्री बोले- इतना बीमार कि चल भी नहीं सकता
क्या है खबर?
पाकिस्तान पर आतंकियों को पनाह देने के आरोप लगते रहे हैं। अब पाकिस्तान सरकार ने यह स्वीकार किया है कि आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का सरगना उसके देश में है।
पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने CNN को दिए एक इंटरव्यू में कहा कि मसूद पाकिस्तान में है और बेहद बीमार है।
उन्होंने कहा कि वह इतना बीमार है कि घर से नहीं निकल सकता। उन्होंने कहा कि भारत को उसके खिलाफ कार्रवाई के लिए सबूत देने होंगे।
दोषी
संसद भवन पर हुए आतंकी हमले के पीछे मसूद अजहर का हाथ
संसद भवन, पठानकोट, जम्मू आर्मी कैंप और उरी में सेना के कैंप पर हुए आतंकी हमले के पीछे जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर का हाथ है।
इसके अलावा फरवरी में पुलवामा हमले की जिम्मेदारी भी जैश-ए-मोहम्मद ने ली थी। इसके बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ गया था।
भारत ने बुधवार को पाकिस्तान को डोजियर सौंपकर उसकी जमीन से संचालित होने वाले आतंकी कैंपों के खिलाफ सबूत दिए थे।
जानकारी
'भारत दे सबूत'
कुरैशी ने कहा कि भारत अगर पाकिस्तानी अदालत को मंजूर होने वाले सबूत पेश करेगा तो पाकिस्तान उसके खिलाफ कार्रवाई करेगा। कुरैशी ने कहा, "अगर उनके (भारत) पास मजबूत सबूत हैं तो बैठें और बात करें। हम बात करने को तैयार हैं और कार्रवाई करेंगे।"
प्रस्ताव
मसूद को ब्लैकलिस्ट करने के लिए प्रस्ताव
अमेरिका, फ्रांस और ब्रिटेन ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में पाकिस्तान से संचालित होने वाले आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर को ब्लैकलिस्ट करने का प्रस्ताव दिया है।
इन देशों ने अपने प्रस्ताव में मसूद अजहर को ब्लैकलिस्ट करने, उसकी संपत्ति जब्त करने और उसकी विदेश यात्राओं पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है।
इस प्रस्ताव पर आपत्ति दर्ज कराने के लिए 13 मार्च तक का समय दिया गया है।
भारत
लगातार जारी है भारत की कोशिशें
भारत पिछले काफी समय से मसूद अजहर को वैश्विक आतंकी घोषिक कराने की कोशिश में है।
भारत सबसे पहले 2009 में संयुक्त राष्ट्र में मसूद के खिलाफ कार्रवाई के लिए प्रस्ताव लेकर आया था।
इसके बाद साल 2016 और 2017 में भारत ने मसूद को वैश्विक आतंकी घोषित करने का प्रस्ताव दिया।
हालांकि, तब चीन ने भारत के इस प्रस्ताव पर वीटो का इस्तेमाल कर गिरा दिया। भारत को इस मामले में कई देशों का समर्थन हासिल है।
मसूद अजहर
कंधार हाईजैक मामले में छोड़ा गया था मसूद
मसूद अजहर को पुर्तगाल के फर्जी पासपोर्ट के सहारे यात्रा करने के आधार पर 1994 में कश्मीर से गिरफ्तार किया गया था।
उसकी रिहाई यात्री विमान आईसी-814 के बदले हुई थी। दरअसल, आतंकियों ने 178 यात्रियों से भरे इस विमान को छोड़ने के बदले तीन आतंकियों की रिहाई की शर्त रखी थी।
भारत सरकार ने विमान को आतंकियों की पकड़ से छुड़ाने के लिए जिन तीन आतंकियों को रिहा किया था, उसमें से मसूद एक था।