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क्या पाकिस्तान के सेना प्रमुख असीम मुनीर कर रहे हैं सैन्य तख्तापलट की तैयारी?
पाकिस्तान के सेना प्रमुख असीम मुनीर कर रहे हैं सैन्य तख्तापलट की तैयारी

क्या पाकिस्तान के सेना प्रमुख असीम मुनीर कर रहे हैं सैन्य तख्तापलट की तैयारी?

Jul 08, 2025
04:52 pm

क्या है खबर?

देश की स्थापना के बाद से कई सैन्य तख्तापलट का दंश झेल चुका पाकिस्तान अब फिर से उसी मुहाने पर खड़ा हो गया है। पाकिस्तान में हाल के दिनों में फिर से सैन्य तख्तापलट की अटकलें तेज हो गई हैं, क्योंकि स्वतंत्र पत्रकारों और विश्लेषकों ने दावा किया है कि पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल जनरल असीम मुनीर अब राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी की जगह लेने की तैयारी में जुट गए हैं। आइए इन दावों का विश्लेषण करते हैं।

संकेत

पाकिस्तान में कैसे मिल रहे हैं तख्तापलट के संकेत?

हाल के सप्ताहों में ऐसे घटनाक्रम हुए हैं, जिनसे उन अफवाहों को बल मिला है कि सेना प्रमुख मुनीर तख्तापलट की योजना बना रहे हैं। इसका पहला संकेत मुनीर को फील्ड मार्शल के पद पर पदोन्नत करना है। मई में शहबाज शरीफ के नेतृत्व वाली सरकार ने मुनीर को फील्ड मार्शल बनाने का ऐलान किया था। वह यह पद हासिल करने वाले दूसरे अधिकारी हैं। उनसे पहले 1959 में जनरल अयूब खान खुद को इस पद पर पदोन्नत किया था।

समय

मुनीर की पदोन्नति का समय भी देता है खास संकेत

मुनीर को पदोन्नति ऐसे समय में मिली जब पाकिस्तान को भारत के 'ऑपरेशन सिंदूर' के कारण बड़ी चोट लगी थी। पाकिस्तान तुर्की और चीन निर्मित हथियारों के इस्तेमाल के बावजूद भारतीय हमलों से अपने नुकसान को नहीं बचा सका। तख्तापलट का दूसरा संकेत मुनीर का व्हाइट हाउस जाकर वरिष्ठ पाकिस्तानी नागरिक अधिकारियों के बिना अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मिलना है। ऐसा पहली बार हुआ है जब किसी अमेरिकी राष्ट्रपति ने पाकिस्तानी सेना प्रमुख की मेजबानी की।

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विचार

पाकिस्तान में बढ़ रही है मुनीर की ताकत

पाकिस्तान के विश्लेषकों का मानना ​​है कि मुनीर का राष्ट्रपति ट्रंप के साथ लंच करना देश में उनकी बढ़ती ताकत का संकेत है। यह स्थिति बदलाव का संकेत भी देती है। पाकिस्तानी पत्रकार एजाज सईद ने कहा, "आसिफ अली जरदारी को हटाने के प्रयास जारी हैं। बहुत से लोग चाहते हैं कि जरदारी को हटाया जाए और इसके लिए काम शुरू हो चुका है। यह सुनिश्चित करने के प्रयास किए जा रहे हैं कि जरदारी स्वयं इस्तीफा दे दें।"

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साेशल मीडिया

सोशल मीडिया पर भी चल रही है चर्चा

इस तरह के दावे सोशल मीडिया पर भी हैं। एक एक्स यूजर ने लिखा, 'सूत्रों का कहना है कि मुनीर राष्ट्रपति जरदारी के खिलाफ चुपचाप तख्तापलट की योजना बना रहे हैं, क्योंकि जरदारी ताइवान के मामले में चीन का समर्थन करते हैं, जबकि मुनीर ने गुप्त रूप से अमेरिका से हाथ मिलाया है। उनका लक्ष्य? CPEC को खत्म करना, चाहे इसके लिए कोई भी कीमत चुकानी पड़े। घर बंटा हुआ है और किसी को बस से फेंका जाने वाला है।"

टिप्पणी

बिलावल भुट्टो की टिप्पणी में भी छिपा है संकेत

तख्तापलट की अफवाहें तब और बढ़ गईं जब पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो जरदारी ने अल जजीरा को दिए साक्षात्कार में संकेत दिया कि उनके देश को विश्वास बहाली के उपाय के रूप में भारत को चिंताजनक व्यक्तियों को प्रत्यर्पित करने पर कोई आपत्ति नहीं है, बशर्ते कि भारत इस प्रक्रिया में सहयोग करने की इच्छा दिखाए। उन्होंने यह बयान लश्कर-ए-तैयबा (LeT) प्रमुख हाफिज सईद और जैश-ए-मुहम्मद (JeM) प्रमुख मसूद अजहर के प्रत्यर्पण के सवाल पर दिया था।

जानकारी

हाफिज सईद के बेटे ने की भुट्टो के बयान की निंदा

हाफिज सईद के बेटे तल्हा ने भुट्टो के बयान की निंदा करते हुए कहा था कि भुट्टो सच्चे मुसलमान नहीं हैं और उन्हें बपने बयान के लिए माफी मांगनी चाहिए। तल्हा ने देश की मीडिया से भी भुट्टो की आलोचना करने का आह्वान किया था।

तख्तापलट

पाकिस्तान में पहले भी हुए तख्तापलट

मुनीर की ओर से सैन्य तख्तापलट करने की अफवाहें 1977 में जनरल जिया के सत्ता हथियाने की सालगिरह से मेल खाती हैं। उस साल 5 जुलाई को जनरल जिया उल-हक ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ज़ुल्फिकार अली भुट्टो के खिलाफ सैन्य तख्तापलट किया था, जिसका कोड नाम 'ऑपरेशन फेयर प्ले' था। उन्होंने भुट्टो को नजरबंद कर मार्शल लॉ लागू कर दिया, संविधान को निलंबित कर दिया और राजनीतिक दलों पर प्रतिबंध लगा दिया था।

अन्य

पाकिस्तान में हुए अन्य तख्तापलट

साल 1958 में तत्कालीन पाकिस्तानी राष्ट्रपति इस्कंदर मिर्जा ने मार्शल लॉ घोषित करते हुए जनरल अयूब खान को चीफ मार्शल लॉ एडमिनिस्ट्रेटर नियुक्त कर दिया। मिर्जा का मानना ​​था कि अयूब उनके वफादार अधीनस्थ बने रहेंगे, लेकिन अयूब ने चतुराई से काम करते हुए तख्तापलट किया और खुद राष्ट्रपति पद संभाल लिया। वह पाकिस्तान के पहले सैन्य शासक बने थे। साल 1999 में सेना प्रमुख परवेज मुशर्रफ ने तख्तापलट किया और 2001 में राष्ट्रपति और राष्ट्राध्यक्ष बन गए थे।

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