
सौहार्द के सफर पर अख्तर, 'ओम' की आकृति बनाने के लिए करेंगे हजारों किलोमीटर की यात्रा
क्या है खबर?
भारत में हिंदुओं के बाद सबसे ज़्यादा मुस्लिम आबादी है। कई बार गलतफ़हमी की वजह से इन दोनों समुदायों में टकराव होता है। कुछ टकराव दंगे का रूप भी ले लेते हैं।
आजकल हिंदू-मुस्लिम के नाम पर नोक-झोंक होना आम हो गई है। ऐसे में महाराष्ट्र के रहने वाले बाइक राइडर अख्तर अपनी बाइक से सौहार्द के सफर पर निकले हैं।
वो 9,786 किलोमीटर की यात्रा करके 'ओम (ॐ)' की आकृति बनाएँगे।
आइए उनकी यात्रा के बारे में जानें।
जानकारी
30 दिन का है अख्तर का सफर
जानकारी के अनुसार, अख्तर ने यात्रा के रूट का चुनाव कुछ ऐसे किया है कि यात्रा पूरी होने के बाद 'ओम' की आकृति बने। उनका सफर 11 अक्टूबर को महाराष्ट्र से शुरू हुआ है और 30 दिन बाद मध्य प्रदेश के मैहर में समाप्त होगा।
पुरानी यात्रा
इससे पहले 8,786 किलोमीटर का सफर करके बनाया था '786' का सिंबल
अख्तर के अनुसार, "मेरी इस यात्रा का मक़सद देश में सांप्रदायिक सौहार्द का संदेश देना है। मैं इस दौरान महाराष्ट्र, गुजरात, मध्य प्रदेश, राजस्थान, दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश की यात्रा करूँगा।"
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि अख्तर ऐसा पहली बार नहीं कर रहे हैं। इससे पहले 2017 में उन्होंने 8,786 किलोमीटर का सफर तय कर मुस्लिम धर्म के सिंबल '786' को बनाया था।
आपको जानकर हैरानी होगी कि अख्तर की बाइक का नंबर भी '786' ही है।
जीवन
पिछले 26 साल से कर रहे हैं बाइक राइडिंग
अख्तर 47 साल के हैं और मुंबई के उपनगर मलाड में CCTV का बिजनेस करते हैं।
उन्होंने हाईस्कूल तक की पढ़ाई की है, उसके बाद पढ़ाई छोड़ दी। अख़्तर के परिवार में उनकी पत्नी और तीन बच्चे हैं।
अख़्तर बताते हैं, "मुझे बचपन से ही बाइक राइडिंग का जुनून है। मैं 26 साल पहले 1993 से पूरे समय राइडिंग करने लगा।"
बता दें कि अख्तर अपनी यात्रा के दौरान एक दिन में लगभग 12 घंटे बाइक चलाते हैं।
योजना
अख्तर की अगली यात्रा ईसाई धर्म के 'क्रॉस' और सिख धर्म के निशान के लिए
वह रोज़ाना औसतन 400 से 500 किलोमीटर की दूरी तय करते हैं। अख्तर सुरक्षा के लिए रात के समय बाइक नहीं चलाते हैं।
अख्तर के अनुसार, "रास्ते में सभी धर्म के लोग मिलते हैं और ख़ूब पसंद करते हैं। इसके लिए मैं किसी से पैसे नहीं लेता हूँ।"
अख्तर की अगली यात्रा ईसाई धर्म से जुड़े 'क्रॉस' के लिए होगी। उसके लिए वे 11 राज्यों में 5,786 किलोमीटर की यात्रा करेंगे।
इसके बाद वे सिख धर्म के लिए भी करेंगे।
जानकारी
अख्तर की हर यात्रा में शामिल है '786'
अगर आपने अख्तर की यात्राओं की दूरी पर गौर किया होगा तो आप समझ गए होंगे कि उनकी हर यात्रा की दूरी में '786' ज़रूर शामिल होता है। उनकी पहली यात्रा से लेकर आने वाली यात्रा की दूरी '786' से ही ख़त्म होती है।
अन्य मामला
इस व्यक्ति ने स्कूटर से की थी 48,100 किलोमीटर की यात्रा
इससे पहले कर्नाटक के मैसूर के रहने वाले डी. कृष्णा ने अपनी माँ के साथ स्कूटर से 48,100 किलोमीटर की यात्रा की थी।
कृष्णा ने अपनी 70 वर्षीय माँ को देश के धार्मिक स्थलों की यात्रा कराने के लिए अपनी नौकरी भी छोड़ दी थी।
ख़बरों के अनुसार, कृष्णा की माँ गाँव से बाहर नहीं निकली थीं। इसके बाद उन्होंने फ़ैसला किया कि वो अपनी माँ को भारत में स्थित सभी तीर्थ स्थानों की यात्रा करवाएँगे।