
सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी 2022-23: टीमें, इतिहास, रिकॉर्ड्स और अन्य महत्वपूर्ण जानकारी
क्या है खबर?
सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी 2022-23 की शुरुआत 11 अक्टूबर से होनी है। इस बार भारत के कुल छह शहरों में यह प्रतिष्ठित प्रतियोगिता का आयोजन होना है।
प्रतियोगिता में जहां संजू सैमसन केरल की टीम की कप्तानी करेंगे तो अजिंक्य रहाणे मुंबई की कमान संभालेंगे। ऐसे में कई अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी अपनी-अपनी टीमों से मशक्क्त करते हुए नजर आने वाले हैं।
आइए इस बीच इस टी-20 टूर्नामेंट से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी पर नजर डालते हैं।
तारीख और स्थान
05 नवंबर को होगा फाइनल
टूर्नामेंट जहां 11 अक्टूबर से शुरू होगा, तो वहीं फाइनल 05 नवंबर को खेला जाएगा। इस बार 38 टीमें हिस्सा लेंगी, जिन्हें पांच ग्रुप्स में बांटा गया है।
ग्रुप-A, B और C में जहां आठ-आठ टीमें होंगी तो वहीं ग्रुप-D और E में सात-सात टीमें रखी गई हैं।
इस बार ग्रुप स्टेज के मैच लखनऊ, जयपुर, मोहाली, इंदौर और राजकोट में खेले जाएंगे जबकि नॉक आउट मैचों की मेजबानी कोलकाता के हिस्से में आई है।
फॉर्मेट
राउंड रोबिन फॉर्मेट में होगी प्रतियोगिता
सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी 2022-23 लीग चरण में एक ग्रुप की टीमें आपस में भिड़ेंगी।
सभी ग्रुप से शीर्ष दो टीमें अगले स्टेज के लिए बढ़ जाएंगी।
इस बार तीन प्री क्वार्टर फाइनल खेले जाएंगे, जो सभी 30 अक्टूबर को आयोजित होंगे। वहीं चारों क्वार्टर फाइनल मुकाबले 01 नवंबर को खेले जाएंगे।
इसके बाद दोनों सेमीफाइनल 03 नवंबर को होने हैं।
पिछले सीजन के विपरीत इस बार कोई प्लेट ग्रुप नहीं बनाया गया है।
ग्रुप
सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी 2022-23 के ग्रुप
एलीट-A (राजकोट): असम, मध्य प्रदेश, मिजोरम, मुंबई, रेलवे, राजस्थान, उत्तराखंड और विदर्भ।
एलीट-B (जयपुर): दिल्ली, गोवा, हैदराबाद, मणिपुर, पुडुचेरी, पंजाब, त्रिपुरा और उत्तर प्रदेश
एलीट-C (मोहाली): अरुणाचल प्रदेश, हरियाणा, जम्मू और कश्मीर, कर्नाटक, केरल, महाराष्ट्र, मेघालय और सर्विसेज।
एलीट-D (इंदौर): आंध्र प्रदेश, बड़ौदा, बिहार, गुजरात, हिमाचल प्रदेश, नागालैंड और सौराष्ट्र।
एलीट-E (लखनऊ): बंगाल, चंडीगढ़, छत्तीसगढ़, झारखंड, ओडिशा, सिक्किम और तमिलनाडु।
इतिहास
तमिलनाडु है सबसे सफल टीम
टूर्नामेंट के अब तक 14 संस्करण खेले जा चुके हैं।
तीन खिताबों के साथ तमिलनाडु सबसे सफल टीम है।
कर्नाटक, बड़ौदा और गुजरात ने दो-दो बार खिताब अपने नाम किए हैं।
महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, बंगाल, पूर्वी क्षेत्र और दिल्ली एक-एक बार चैंपियन बनी है।
विशेष रूप से तमिलनाडु ने टूर्नामेंट के अंतिम दो संस्करण जीते हैं और इस बार खिताबों की हैट्रिक लगाने वाली पहली टीम बन सकती है।
रिकॉर्ड्स
कुछ प्रमुख रिकॉर्ड्स पर एक नजर
कर्नाटक के नाम टूर्नामेंट में लगातार सबसे ज्यादा 14 मैच जीतने का रिकॉर्ड है।
जम्मू और कश्मीर को लगातार सबसे ज्यादा हार (22) का सामना करना पड़ा है।
2019 में सिक्किम के खिलाफ कर्नाटक ने 250/3 का स्कोर बनाया था, जो इतिहास में सबसे ज्यादा है।
टूर्नामेंट में त्रिपुरा के नाम सबसे कम टीम स्कोर (30/10) है।
विदर्भ ने पिछले साल सिक्किम के खिलाफ 130 रनों से जीत हासिल की थी, जो रनों के मामले में सबसे बड़ी है।
अन्य रिकॉर्ड्स
कुछ व्यक्तिगत रिकॉर्ड्स पर एक नजर
बड़ौदा के केदार देवधर ने टूर्नामेंट में सर्वाधिक रन (2,282) बनाए हैं।
2019 में सिक्किम के खिलाफ मुंबई के श्रेयस अय्यर का 147 रन, प्रतियोगिता में सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर है।
99 विकेट के साथ उत्तर प्रदेश के पीयूष चावला सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज हैं।
सर्विसेज के दीपक पुनिया का 2015 में हरियाणा के खिलाफ 6/14 का सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी आंकड़ा है।
केदार देवधर ने टूर्नामेंट में सर्वाधिक मैच (80) खेले हैं।
जानकारी
न्यूजबाइट्स प्लस
तमिलनाडु लगातार तीन फाइनल में पहुंचने वाली एकमात्र टीम है। वे पिछले तीन संस्करणों में खिताबी मुकाबला खेली है। 2019-20 के संस्करण में तमिलनाडु को कर्नाटक से हार मिली थी जबकि उन्होंने अगले दो फाइनल में बड़ौदा और कर्नाटक को हराया था।
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