
बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी: गुजरात क्रिकेट एसोसिएशन ने अहमदाबाद की पिच के लिए दिए खास निर्देश- रिपोर्ट
क्या है खबर?
भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच तीसरे टेस्ट के तीन दिनों के भीतर समाप्त होने के साथ ही क्रिकेट जगत में होल्कर स्टेडियम की पिच को लेकर चर्चा गर्म है।
बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के किसी भी मैच का परिणाम चौथे दिन तक भी नहीं जा पाया है जिससे भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) की काफी आलोचना भी हो रही है।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, गुजरात क्रिकेट एसोसिशन (GCA) ने चौथे टेस्ट की पिच तैयार करने के लिए अहम निर्देश दिए हैं।
रिपोर्ट
अहमदाबाद टेस्ट में भारत के लिए जीत हर हाल में जरूरी
पिछले मैच की पिच पर चर्चाओं को नजरअंदाज करते हुए रोहित शर्मा ब्रिगेड 9 मार्च से अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले जाने वाले चौथे टेस्ट में वापसी करना चाहेगी।
विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) के फाइनल में पहुंचने के लिए भारतीय क्रिकेट टीम को हर हाल में जीत दर्ज करनी होगी।
टूर्नामेंट के चौथे टेस्ट की शुरुआत से चार दिन पहले GCA ने अहमदाबाद की पिच पर टीम मैनेजमेंट के निर्देशों का खुलासा किया है।
बयान
अहमदाबाद में स्पोर्टिंग ट्रैक बनाने की योजना बना रहा है GCA
इंदौर ट्रैक के विपरीत GCA अब अपनी प्रतिष्ठा को खतरे में डालने से बच रहा है और निर्णायक मुकाबले के लिए स्पोर्टिंग ट्रैक तैयार करने पर अपना ध्यान केंद्रित कर रहा है।
रविवार को राज्य संघ के एक अधिकारी ने कहा, "हमें भारतीय टीम मैनेजमेंट से कोई निर्देश नहीं मिला है और हमारे स्थानीय क्यूरेटर एक स्पोर्टिंग ट्रैक तैयार कर रहे हैं जैसा कि हमने पूरे सीजन में किया है।"
बयान
हम हमारी नीतियों को लेकर स्पष्ट हैं- GCA
GCA अधिकारी ने आगे कहा, "इस मैदान पर आखिरी मैच जनवरी में खेला गया था। वह रणजी मैच था जिसमें रेलवे ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 500 से अधिक का स्कोर बनाया था। हालांकि गुजरात को उस मैच में पारी की हार का सामना करना पड़ा था।"
उन्होंने आगे कहा, "सभी पारियों में 200 से अधिक के स्कोर बने थे। इस बार भी पिच को लेकर बहुत कुछ अलग नहीं होगा। हम हमारी नीतियों को लेकर स्पष्ट हैं।"
रिपोर्ट
तीन दिनों के भीतर खत्म हुए थे तीनों मैच
वर्तमान सीरीज का कोई भी मैच चौथे दिन तक नहीं जा पाया। इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) द्वारा होल्कर की पिच की औसत से नीचे रेटिंग दिए जाने के सख्त फैसले के बाद मामला और भी गंभीर हो गया है।
इससे पहले इंदौर की पिच पर कुछ पूर्व क्रिकेटरों की भी तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली थी। पिच को लेकर आलोचना से बचने के लिए इस बार बोर्ड पर बेहतर स्पोर्टिंग विकेट बनाने का दवाब होगा।