
कनाडा ने ChatGPT की कंपनी OpenAI की जांच शुरू की, बढ़ रही हैं मुश्किलें
क्या है खबर?
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) चैटबॉट ChatGPT की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। हाल ही में इटली ने ChatGPT पर बैन लगाया है। जर्मनी ने भी कहा कि वह इस पर बैन लगा सकता है।
अब कनाडा ने मंगलवार को घोषणा की है कि उसने ChatGPT को बनाने वाली अमेरिका स्थित OpenAI कंपनी की जांच शुरू कर दी है।
ChatGPT पर यूजर्स की बिना सहमति के उनकी पर्सनल जानकारी इकट्ठा करने और उसे दूसरे यूजर्स के साथ शेयर करने का आरोप है।
मत
AI की क्षमता और इसके दुष्प्रभाव को रेखांकित किए जाने की मांग
बीते कुछ महीने में AI आधारित टेक्नोलॉजी की जांच की मांग बढ़ी है। इसी बीच कनाडा के नियामक का यह फैसला आया है।
दरअसल, टेक्नोलॉजी से जुड़ी दिग्गज हस्तियों के बीच जनरेटिव आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की क्षमता, इसके इस्तेमाल और समाज पर पड़ने वाले इसके प्रभाव और दुष्प्रभाव को रेखांकित किए जाने की बात कही जा रही है।
एलन मस्क, ऐपल के को-फाउंडर स्टीव वोज्नियाक जैसे टेक जानकारों ने AI के विकास पर रोक की मांग भी की है।
रोक
AI के विकास पर रोक की मांग से सहमत नहीं हैं कई टेक दिग्गज
माइक्रोसॉफ्ट के को-फाउंडर बिल गेट्स सहित कई अन्य हस्तियां AI के विकास पर रोक की मांग के पक्ष में नहीं हैं। उनका कहना है कि इसके विकास पर रोक लगाने से चुनौतियों का समाधान नहीं होगा।
गेट्स ने कहा कि इस बात पर ध्यान देना बेहतर होगा कि AI में विकास का सबसे अच्छा उपयोग कैसे किया जा सकता है, क्योंकि वैश्विक स्तर पर रोक से AI का विकास प्रभावित होगा।
क्षमता
टेक जानकार AI को मानव इतिहास के लिए बता रहे हैं खतरा
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की क्षमता असीमित है। अभी इसका विकास शुरुआती दौर में और इस वजह से कुछ नहीं पता कि ये आने वाले समय में और कितना ज्यादा पॉवरफुल हो सकता है।
हालांकि, एलन मस्क जैसे कई टेक जानकार इसकी असीमित क्षमता के खतरों को अभी से भांप रहे हैं और मानव इतिहास के लिए इसे बड़ा खतरा बता रहे हैं और इसके विकास की सीमा को निर्धारित करने की बात कह रहे हैं।
बाधा
GPT-4 से ज्यादा पॉवरफुल AI सिस्टम पर रोक की मांग
बिल गेट्स के मुताबिक, AI के विकास में रोक टेक्नोलॉजी के विकास में बाधा है। बिल गेट्स कहा कहना है कि AI के बहुत बड़े लाभ हैं, हमें सिर्फ इसके मुश्किल क्षेत्रों की पहचान करना है।
गेट्स के मुताबिक, ChatGPT बीते 40 वर्षों की सबसे बड़ी क्रांतिकारी खोज है।
एलन मस्क सहित कई कई टेक एक्सपर्ट्स ने OpenAI के GPT-4 मॉडल से ज्यादा पॉवरफुल AI सिस्टम के डेवलपमेंट पर रोक के लिए एक ओपन लेटर पर हस्ताक्षर किया है।
उम्र
ChatGPT में नहीं है न्यूनत उम्र वेरिफिकेशन का विकल्प
ChatGPT की एक बड़ी कमी इसमें यूजर्स की न्यूनत उम्र वेरिफिकेशन का विकल्प न होना है। ऐसे में ये नाबालिग को भी सेंसिटिव जानकारी दे सकता है। इससे उनके विकास और समझ में गलत असर हो सकता है।
डाटा प्रोटेक्शन अधिकारियों का कहना है कि चैटजीपीटी पहले लोगों की निजी जानकारी इकट्ठा करता है फिर उसे अपने हिसाब से इस्तेमाल करता है। यह लोगों की प्राइवेसी के साथ खिलवाड़ है।
टूल
क्या है ChatGPT?
ChatGPT जनरेटिव आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस चैटबॉट है। यह गूगल की तरह किसी भी जानकारी का जवाब देने के लिए वेबसाइटों का लिंक देने की जगह टेक्स्ट या कहें कि चैट फॉर्मेट में जानकारी देता है।
यह कविता, कहानी, स्क्रिप्ट और मेल लिखने जैसे कई कार्य करने में सक्षम है।
OpenAI ने हाल ही में ChatGPT का GPT-4 मॉडल लॉन्च किया है। GPT-4 अपने पुराने GPT-3 और GPT-3.5 मॉडल से ज्यादा तेज और सटीक जानकारी देता है।