
बार्ड के साथ रोज समय बिताएं, सुंदर पिचई ने गूगल कर्मचारियों से क्यों कही ये बात?
क्या है खबर?
दिग्गज टेक कंपनियों के बीच अपने प्रॉडक्ट्स को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से लैस करने और एडवांस AI तकनीक तैयार करने की होड़ मची हुई है।
एक रिपोर्ट के मुताबिक, गूगल की मूल कंपनी अल्फाबेट अपने चैटबॉट को बढ़ाने और उसकी दक्षता में सुधार करने के लिए नए तरीकों और योजनाओं को लागू करने की तैयारी में है।
OpenAI के चर्चित AI चैटबॉट ChatGPT के जवाब में गूगल ने हाल ही में बार्ड नाम का खुद का चैटबॉट बनाया है।
गूगल
चैटबॉट की टेस्टिंग के लिए उसके साथ समय बिताने के लिए कहा गया
बिजनेस इनसाइड की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि गूगल CEO सुंदर पिचई ने कथित तौर पर गूगल कर्मचारियों को चैटबॉट की टेस्टिंग के लिए हर दिन दो से चार घंटे उसके साथ बिताने के लिए कहा है।
बार्ड ने एक सवाल का गलत जवाब दे दिया था जिसके बाद गूगल के शेयरों में भारी गिरावट आ गई थी और उसे अरबों रुपये का झटका भी लगा था।
रिपोर्ट
AI से लैस 'सर्च' में भी टॉप पोजिशन बनाना चाहता है गूगल
रिपोर्ट के मुताबिक, मेल से संकेत मिलता है कि गूगल AI से लैस 'सर्च' के मामले में जल्द से जल्द अपनी पहचान बनाना चाहता है।
हाल ही में माइक्रोसॉफ्ट ने ChatGPT से लैस सर्च इंजन बिंग और एज ब्राउजर को लॉन्च कर दिया। इस लॉन्चिंग ने गूगल को और भी झटका देने का काम किया।
ChatGPT को बनाने वाली कंपनी OpenAI में माइक्रोसॉफ्ट ने काफी पैसा निवेश किया है और अपने कई प्रोडक्ट्स को ChatGPT से लैस कर रहा है।
बार्ड
माइक्रोसॉफ्ट ने गूगल को जल्द कदम उठाने के लिए किया मजबूर
माइक्रोसॉफ्ट की इस प्लानिंग ने गूगल को भी जल्द से जल्द इस दिशा में कदम उठाने के लिए मजबूर कर दिया।
माइक्रोसॉफ्ट से मुकाबले के लिए गूगल ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में काम करने वाली एंथ्रोपिक नाम की कंपनी में निवेश किया है।
इनके अलावा अमेजन और बायडू जैसी दिग्गज टेक कंपनियां भी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़ी टेक्नोलॉजी को तैयार करने और उनको बेहतर बनाने के लिए काम कर रही हैं।
माइक्रोसॉफ्ट
आम लोगों के लिए जल्द लॉन्च होगा 'बार्ड'
रिपोर्ट के मुताबिक, गूगल ने फिलहाल बार्ड की 'डॉगफूडिंग' (सार्वजनिक रूप से लॉन्च किए जाने से पहले कर्मचारियों द्वारा टेस्टिंग हेतु लॉन्च किया जाना) शुरू की है। जल्द ही इसे आम लोगों के लिए भी लॉन्च कर दिया जाएगा।
चैटबॉट की कथित तौर पर हजारों आंतरिक और बाहरी परीक्षक टेस्टिंग कर रहे हैं जो इसकी सेफ्टी, क्वालिटी सहित अन्य मानकों की जांच कर प्रतिक्रिया देंगे और फिर इसके बाद कमियों को सुधारकर इसे लॉन्च किया जाएगा।