
ChatGPT बनाने वाली कंपनी OpenAI के CEO सैम ऑल्टमैन कौन हैं?
क्या है खबर?
पिछले कुछ दिनों में इंटरनेट और टेक जगत से जुड़े लोगों के बीच ChatGPT को लेकर खूब चर्चा हो रही है।
यह चैटबॉट इंसानों की तरह बातचीत को संभव बनाता है और शायरी से लेकर गाने तक लिखने में सक्षम है।
इस चैटबॉट को लेकर खूब बातचीत हो रही है, लेकिन इसे बनाने वाली कंपनी OpenAI के कर्ताधर्ता सैम ऑल्टमैन के बारे में कम ही लोग जानते हैं।
आइये OpenAI के कॉ-फाउंडर के बारे में विस्तार से जानते हैं।
बचपन
ऑल्टमैन ने मैकिन्टौश कंप्यूटर पर सीखी प्रोग्रामिंग
37 वर्षीय ऑल्टमैन का जन्म 1985 में अमेरिका के शिकागो में हुआ और वो मिसूरी के सेंट लुईस में बड़े हुए।
आठ साल की उम्र में ऑल्टमैन को गिफ्ट में मैकिन्टोश कंप्यूटर मिला था। इसे से उन्होंने कंप्यूटर को प्रोग्राम और डिसेंबल करना सीख लिया था।
उन्होंने बाद में एक इंटरव्यू में बताया कि मैकिन्टोश ने उनकी सैक्सुएलिटी की पहचान को लेकर भी मदद की। 16 साल की उम्र में उन्होंने अपने समलैंगिक होने की बात परिजनों को बताई थी।
विचार
स्कूल में उठाया साहसी कदम
बचपन में ऑल्टमैन सेंट लुईस स्थित स्कूल जाते थे। यहां एक क्रिश्चियन समूह ने सैक्सुएलिटी को लेकर प्रार्थना सभा का बहिष्कार कर दिया था।
तभी ऑल्टमैन ने सबके सामने अपने समलैंगिक होने की बात सार्वजनिक की। इस दौरान उन्होंने स्कूल से भी सवाल किए कि क्या वह एक पिछड़ा स्थान बनना चाहता है या अलग-अलग विचारों को खुले मन से स्वीकार करना चाहता है।
उनके साथी बताते हैं कि सैम ने जो किया, उस वजह से स्कूल बदल गया था।
ड्रॉपआउट
काम करने के लिए छोड़ दिया था कॉलेज
ऑल्टमैन कंप्यूटर साइंस की पढ़ाई करने के लिए स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी गए थे।
हालांकि, दो साल बाद उन्होंने अपने एक और दोस्त के साथ लूप्ट नामक एक मोबाइल ऐप में काम करने के लिए कॉलेज छोड़ दिया था।
लूप्ट ऐप के जरिये यूजर अपनी लोकेशन अपने दोस्तों के साथ शेयर कर पाते थे। यह एक स्टार्टअप एक्सलरेटर Y कॉम्बिनेटर (YC) की आठ कंपनियों में से एक थी। रेडिट भी इसी से जुड़ी थी।
रिलेशनशिप
लूप्ट के कॉ-फाउंडर के साथ नौ साल रिलेशनशिप में रहे
लूप्ट में रहते हुए ऑल्टमैन ने एक्सलेरेटर का यंग फाउंडर टेस्ट पास कर लिया था। इसी दौरान कंपनी की वैल्यू लगभग 1,450 करोड़ रुपये पहुंच गई थी, लेकिन यह ज्यादा ग्राहकों को अपनी तरफ आकर्षित नहीं कर पाई।
2012 में ऑल्टमैन और अन्य संस्थापकों ने इसे लगभग 356 करोड़ रुपये में बेच दिया।
इस दौरान ऑल्टमैन लूप्ट के एक और संस्थापक निक सावो के साथ रिलेशनशिप में थे। कंपनी बिकने के समय दोनों का ब्रेकअप हो गया था।
कंपनी
लूप्ट के बाद की हाइड्रेजिन की शुरुआत
लूप्ट के बाद ऑल्टमैन ने हाइड्रेजिन नामक वेंचर फंड की शुरुआत की। इसके लिए उन्होंने लगभग 173 करोड़ रुपये जुटाए थे।
इसमें से बड़ी रकम पेपाल के कॉ-फाउंडर पीटर थील की तरफ से आई थी। उन्होंने 75 फीसदी फंड YC की कंपनी में निवेश कर दिया।
ऑल्टमैन ने रेडिट की सीरीज बी फंडिंग का नेतृत्व किया था। उस समय रेडिट एक अव्यवस्थित कंपनी थी और उनका मानना था कि ऐसी कंपनियों की कीमत बहुत कम लगती है।
सफर
चार साल बाद वेंचर फंड का साथ छोड़ा
वेंचर फंड की सफलता के बावजूद ऑल्टमैन ने चार साल बाद इसका साथ छोड़ दिया। यहां वो एन्टरप्रेन्योर के खिलाफ खड़े होकर खुश नहीं थे और न ही उन्हें यह बात पसंद आ रही थी कि करोड़ों रुपये को महज पैसे बताकर खारिज कर दिया जाता है।
थोड़े समय के लिए कारोबार से मुक्त होने के बाद ऑल्टमैन वापस सैन फ्रांसिस्को में अपने घर में लौट आए। यहां वो अपने बैंक बैलेंस, कारों और महंगी संपत्ति के साथ खुश थे।
पदभार
YC के फाउंडर की ली जगह
कुछ समय तक घर रहने के बाद ऑल्टमैन वापस सक्रिय हो गए और YC के फाउंडर पॉल ग्राहम की जगह ली।
दरअसल, ग्राहम जब रिटायर हुए तो उन्होंने कंपनी चलाने के लिए ऑल्टमैन को चुना। उन्होंने इस पद को खुशी-खुशी स्वीकार किया और उनके नेतृत्व में कंपनी ने इंजीनियरिंग और साइंस स्टार्टअप्स पर ज्यादा ध्यान लगाना शुरू किया।
धीरे-धीरे ऑल्टमैन निवेशकों के बीच अपनी अलग पहचान बनाते जा रहे थे और उनके मुरीदों की संख्या बढ़ रही थी।
कंपनी
2015 में शुरू की OpenAI
2015 में सैम ऑल्टमैन ने अमेरिकी अरबपति एलन मस्क के साथ मिलकर OpenAI की शुरुआत की।
दरअसल, वो गूगल की डीपमाइंड टेक्नोलॉजीज डिवीजस के काम से चिंतित थे और उनका मकसद यह सुनिश्चित करना था कि कोई सुप्रीम आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (AI) मानवता का सफाया न कर दे।
लिंक्डइन फाउंडर रेड हॉफमैन और पीटर थील समेत सिलिकॉन वैली की कई प्रमुख हस्तियों ने मिलकर OpenAI को 8,000 करोड़ रुपये की फंडिंग देने का ऐलान किया था।
कंपनी
2021 में शुरू की आईरिस-स्कैनिंग क्रिप्टो कंपनी
2021 में ऑल्टमैन ने एलेक्स ब्लेनिया और मैक्स नोवेन्ड्रस्ट्रेन के साथ मिलकर वर्ल्डकॉइन नामक कंपनी की शुरुआत की। इसका लक्ष्य डिजिटल मनी को हर इंसान तक पहुंचाना है।
यह सुनिश्चित करने के लिए कि किसी भी व्यक्ति के पास एक से ज्यादा बार क्रिप्टो न पहुंचे, कंपनी ने लोगों की आईरिस को स्कैन करने की योजना बनाई थी।
हाल ही में कंपनी ने जानकारी दी कि वह करीब 10 लाख लोगों तक पहुंच चुकी है।
तैयारी
अब क्या तैयारी कर रहे हैं ऑल्टमैन?
ऑल्टमैन ने एक बार अपने दोस्तों को बताया था कि वो जिंदा रहने के लिए तैयारी कर रहे हैं।
उनके अनुसार, दुनिया तीन अलग-अलग तरीकों से खत्म हो सकती है। इनमें खतरनाक सिंथेटिक वायरस, AI अटैक और दुर्लभ संसाधनों को लेकर किसी देश का परमाणु हमले की आशंकाएं शामिल हैं।
इससे बचाव के तैयारी के लिए तैयार उनकी किट में बंदूक, सोना, पोटैशियम ऑयोडाइड, एंटीबायोटिक्स, बैटरी, पानी और गैस मास्क शामिल है।