
कमल नाथ सरकार पर संकट के बादल, मंत्रियों को विधायकों के संपर्क में रहने को कहा
क्या है खबर?
लोकसभा चुनावों के बाद मध्य प्रदेश में कमल नाथ सरकार पर संकट गहरा रहा है। खतरे को भांपते हुए कमल नाथ ने अपने मंत्रियों को सावधान रहने को कहा है।
उन्होंने अपने मंत्रियों से कहा है कि सरकार में बिखराव और टूट की खबरों का खंडन कर एकजुटता दिखाए।
उन्होंने कहा कि सरकार की यह एकजुटता विपक्ष को भी नजर आनी चाहिए और उनकी हर साजिश को नाकाम करना होगा।
आइये, इस बारे में विस्तार से जानते हैं।
जानकारी
हर मंत्री को 5-5 विधायकों पर नजर रखने को कहा
सरकार पर आए संकट के बादलों को देखते हुए कमलनाथ ने पहले मंत्रियों के साथ बातचीत की और बाद में उन्होंने विधायक दल की बैठक ली। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कमल नाथ ने हर मंत्री को 5-5 विधायकों के संपर्क में रहने को कहा है।
दबाव
कमल नाथ पर बढ़ा इस्तीफा देने के दवाब
मध्य प्रदेश सरकार के मुखिया के साथ-साथ कमल नाथ मध्य प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष भी हैं। लोकसभा चुनाव में मिली हार के बाद उन पर इस्तीफा देने का दबाव बढ़ गया है।
कहा जा रहा है कि राहुल गांधी ने कमल नाथ पर बेटे को पार्टी से ऊपर तरजीह देने का आरोप लगाया था।
जब कमल नाथ से इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि राहुल ने ऐसी कोई बात नहीं कही।
मांग
मध्य प्रदेश में सिंधिया को कमान देने की मांग
अगर मध्य प्रदेश की बात करें तो सरकार और पार्टी दोनों मोर्चों पर संकट का सामना कर रहे मुख्यमंत्री कमलनाथ ने रविवार को कई बैठकें कीं।
इस बीच ज्योतिरादित्य सिंधिया के करीबी मंत्रियों ने कहा कि राज्य में पार्टी की जिम्मेदारी उन जैसे युवा और ऊर्जावान नेता को दी जानी चाहिए।
हालांकि सिंधिया के अपनी पारिवारिक सीट गुना से हारने से उनका दावा कमजोर हुआ है और आंतरिक टकराव में यह कमलनाथ के लिए राहत की बात है।
विधानसभा
क्या है मध्य प्रदेश विधानसभा का गणित
मध्य प्रदेश में विधानसभा की कुल 230 सीटें हैं। पिछले साल हुए विधानसभा में कांग्रेस ने 114 सीटों पर जीत हासिल की थी।
हालांकि, कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी बनी थी, लेकिन वह बहुमत से दूर थी। इसके बाद 4 निर्दलीय, बसपा के दो और सपा के एक विधायक के समर्थन से कांग्रेस ने सरकार बनाई थी।
विपक्षी दल भाजपा को राज्य में 109 सीटें मिली थी और वह बहुमत से महज 7 सीटें दूर थी।
जानकारी
भाजपा पर विधायकों को लालच देने का आरोप
लोकसभा चुनावों के नतीजे घोषित होने से पहले कमल नाथ ने भाजपा पर बड़ा आरोप लगाया था। उन्होंने कहा कि भाजपा ने कांग्रेस के 10 से ज्यादा विधायकों को 10 करोड़ रुपये और पद का लालच दिया है।
भाजपा की मांग
भाजपा ने की थी विशेष सत्र बुलाने की मांग
बीते सोमवार को मध्य प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने राज्यपाल को पत्र लिखकर मुख्यमंत्री को विशेष सत्र बुलाने का आदेश देेने की मांग की थी।
उन्होंने लिखा कि पानी की कमी और खराब होती कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों पर चर्चा करने के लिए विशेष सत्र की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि पार्टी फ्लोर टेस्ट की भी मांग कर सकती है।
इसके जवाब में नाथ ने उन्हें पत्र लिखकर इन मामलों में सरकार द्वारा उठाए कदमों की जानकारी दी।