LOADING...
महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा का घोषणापत्र जारी, सावरकर को भारत रत्न का वादा

महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा का घोषणापत्र जारी, सावरकर को भारत रत्न का वादा

Oct 15, 2019
04:56 pm

क्या है खबर?

भारतीय जनता पार्टी ने मंगलवार को महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के लिए अपना घोषणापत्र जारी किया। एक करोड़ युवाओं को नौकरी और राज्य को सूखा मुक्त करने के साथ-साथ घोषणापत्र में एक ऐसा वादा किया गया है जो राजनीतिक विवाद का केंद्र बन सकता है। भाजपा ने अपने घोषणापत्र में विनायक दामोदर सावरकर को भारत रत्न देने का वादा किया है। इसके अलावा ज्योतिबा फुले और सावित्रीबाई फुले को भी भारत रत्न देने का वादा किया गया है।

कार्यक्रम

कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने जारी किया घोषणापत्र

महाराष्ट्र की 288 विधानसभा सीटों पर 21 अक्टूबर को मतदान होना है और इससे मात्र छह दिन पहले भाजपा ने अपना घोषणापत्र जारी किया है। पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने बांद्रा के एक सभागार में घोषणापत्र जारी किया। इस मौके पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, राज्य भाजपा प्रमुख चंद्रकांत पाटिल और मुंबई भाजपा प्रमुख मंगल प्रभात लोढ़ा भी मौजूद रहे। घोषणापत्र में 16 बड़े बिंदुओं पर वादे किए गए हैं।

इतिहास

स्वतंत्रता संग्राम के सबसे विवादित नेताओं में शामिल हैं सावरकर

इनमें से एक वादा वीर सावरकर, ज्योतिबा फुले और सावित्रीबाई फुले को भारत रत्न देने का भी है। भाजपा और हिंदुत्ववादी संगठनों के प्रिय सावरकर स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान जेल जा चुके हैं। हालांकि वह स्वतंत्रता आंदोलन के सबसे विवादित नेताओं में से एक हैं। उन्होंने अंग्रेजों से माफी मांगते हुए कई पत्र लिखे थे जिनमें जेल से छोड़ने पर अंग्रेजी हुकूमत के लिए काम करने का वादा किया गया था।

Advertisement

बयान

शिवसेना भी करती रही है सावरकर को भारत रत्न की मांग

भाजपा के साथ गठबंधन में चुनाव लड़ रही शिवसेना भी पिछले काफी समय से वीर सावरकर को भारत रत्न दिए जाने की वकालत कर रही है। पिछले दिनों शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने इस मांग को फिर से दोहराया था।

Advertisement

परिचय

कौन थे ज्योतिबा और सावित्रीबाई फुले?

वहीं ज्योतिबा और सावित्रीबाई फुले पति-पत्नी थे और अंग्रेजों के राज में महिला अधिकारों के लिए काम करने वाले सबसे बड़े समाज सुधारकों में शामिल थे। ज्‍योतिबा फुले ने 1954 में भारत में लड़कियों के लिए पहला स्कूल खोला। लेकिन जब उन्हें लड़कियों को पढ़ाने के लिए कोई अध्यापक नहीं मिला तो उन्होंने अपनी पत्नी सावित्रीबाई को इसके लिए तैयार किया। शुरू में लोगों ने उनका विरोध किया, लेकिन वो अपने पथ पर हटे रहे।

घोषणापत्र

भाजपा ने हर वर्ग के लिए किए लुभावने वादे

भाजपा ने अपने घोषणापत्र में कई लुभावने वादे भी किए हैं जिनमें हर वर्ग का ख्याल रखा गया है। जहां युवाओं से पांच साल के अंदर एक करोड़ नौकरी पैदा करने का वादा किया गया है, वहीं किसानों से राज्य को पांच साल के अंदर सूखा मुक्त करने और उन्हें 12 घंटे से अधिक बिजली देने का वादा किया गया है। इसके अलावा 2022 तक प्रत्येक घर को पीन को शुद्ध पानी उपलब्ध कराने का वादा भी किया गया है।

बयान

फडणवीस ने घोषणापत्र को बताया समावेशी और प्रगतिशील

इस दौरान मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अपने घोषणापत्र को समावेशी और प्रगतिशील बताया। उनसे भाजपा और शिवसेना के अलग-अलग घोषणापत्र जारी करने का सवाल भी किया गया। इसके जवाब में उन्होंने कहा, "हम हमेशा अलग-अलग घोषणापत्र जारी करते हैं। लोकसभा चुनाव के समय भी हमने ऐसा किया था। हम दो अलग-अलग पार्टियां हैं। हम सरकार बनाने के लिए एक साथ आए हैं। भाजपा इसका सम्मान करती है और भाजपा के साथ-साथ शिवसेना के घोषणापत्र पर भी अमल करेगी।"

महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव

भाजपा-शिवसेना और कांग्रेस-NCP गठबंधन का मुकाबला

बता दें कि महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में भाजपा और शिवसेना के गठबंधन का मुख्य मुकाबला कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के गठबंधन से है। जहां भाजपा 162 सीटों पर चुनाव लड़ेगी, वहीं शिवसेना 'छोटे भाई' की भूमिका स्वीकार करते हुए 126 सीटों पर लड़ने को तैयार हुई है। कांग्रेस और NCP बराबर-बराबर 135-135 सीटों पर चुनाव लड़ेंगी। 21 अक्टूबर को होने जा रहे चुनाव का परिणाम 24 अक्टूबर को घोषित होगा।

Advertisement