
कोरोना वायरस: प्रशासन और विशेषज्ञों के लिए चिंता का कारण क्यों बना हुआ है धारावी?
क्या है खबर?
कोरोना वायरस के खिलाफ भारत की जंग जारी है और जिन इलाकों से संक्रमण के ज्यादा मामले आ रहे हैं, उन्हें हॉटस्पॉट और कंटेनमेंट जोन घोषित कर आक्रामक रणनीति अपनाई जा रही है।
इस बीच एशिया की सबसे बड़ी झुग्गी बस्ती धारावी में भी कोरोना वायरस के मामले आना शुरू हो गए हैं और इससे प्रशासन और विशेषज्ञों की चिंताएं बढ़ गई हैं।
धारावी को लेकर इतनी चिंताएं क्यों हैं, आइए आपको बताते हैं।
आंकड़े
तंग इलाके और झुग्गियों में रहते हैं 8.50 लाख लोग
मुंबई स्थिति धारावी में 240 हेक्टेयर में 57,000 से अधिक झुग्गियां बनी हुई हैं। हर झुग्गी औसतन 250 वर्ग फुट की है और इसमें औसतन 10 से 12 लोग एक साथ रहते हैं।
यहां की गलियां और रास्ते बेहद तंग हैं और सभी झुग्गियों में मिलाकर 8.50 लाख से अधिक लोग रहते हैं।
इलाके में प्रति वर्ग किलीमोटर में 66,000 लोग रहते हैं जो देश के अन्य किसी इलाके से बेहद अधिक है।
चिंता का कारण
ये हैं प्रशासन की चिंता का कारण
ये सभी परिस्थितियां धारावी में सोशल डिस्टेसिंग को पालन लगभग नामुमकिन लगता है। कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए सोशल डिस्टेंसिंग का पालन बेहद जरूरी है और ये धारावी जैसे तंग इलाकों में बेहद तेजी से फैलता है।
इसके अलावा धारावी के निवासी आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों से आते हैं और इस कारण उनकी इम्युनिटी कमजोर होती है।
इन्हीं वजहों से प्रशासन को चिंता है कि अगर धारावी में कोरोना फैला तो हालात बेकाबू हो सकते हैं।
संक्रमण
एक अप्रैल को धारावी में सामने आया था पहला मामला
धारावी में कोरोना वायरस का पहला मामला एक अप्रैल को सामने आया था जब 56 वर्षीय एक दुकानदार की इसके कारण मौत हो गई थी।
उसकी मौत के बाद प्रशासन ने तत्पर कार्रवाई करते हुए कॉलोनी और आसपास की 90 दुकानों कोे सील कर दिया गया और उसके संपर्क में आए लोगों की पहचान करके उन्हें क्वारंटाइन कर दिया।
नौ अप्रैल तक इलाके में संक्रमण के मामलों की संख्या 17 पहुंच गई।
मौजूदा स्थिति
अब तक धारावी में 55 मामले
धारावी में अब तक कोरोना वायरस के 55 मामले सामने आ चुके हैं। मंगलवार को छह नए मामले सामने आए जिनमें से दो की मौत हो गई।
इलाके के सहायक कमिश्नर किरण दिगावकर ने बताया, "मामले हर दिन के साथ बढ़ रहे हैं, लेकिन यह संक्रमित लोगों के संपर्क में आने वाले लोगों का पता लगाने के लिए चलाए जा रहे सर्च ऑपरेशन का नतीजा है। हमने 1,381 हाई-रिस्क और 3,450 लॉ-रिस्क लोगों को सफलतापूर्वक ट्रैक किया है।"
कार्रवाई
धारावी के 29 कंटेनमेंट जोन को किया गया सील
धारावी में कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए पूरा प्रशासन हाई अलर्ट पर है और बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) ने इलाके के 29 स्थानों को कंटेनमेंट जोन घोषित कर पूरी तरह से सील कर दिया है।
अभी तक धारावी के 2,184 निवासियों को क्वारंटाइन किया गया है और लगभग 3,600 का टेस्ट किया गया है।
महाराष्ट्र सरकार भीड़ को नियंत्रित करने के लिए कंटेनमेंट जोन के आसपास अतिरिक्त पुलिस फोर्स तैनात करने पर विचार कर रही है।
स्थिति
कोरोना वायरस से सबसे अधिक प्रभावित हैं महाराष्ट्र और मुंबई
देशभर में महाराष्ट्र कोरोना वायरस से सबसे ज्यादा प्रभावित होने वाला राज्य बना हुआ है और यहां संक्रमण के 2,687 मामले सामने आ चुके हैं। इनमें से 178 लोगों को इसके कारण अपनी जान गंवानी पड़ी है।
मुंबई कोरोना का हॉटस्पॉट बनी हुआ है और यहां 1,500 से अधिक मामले सामने आ चुके हैं। वहीं शहर में 100 से अधिक लोगों की कोरोना वायरस के कारण अपनी जान गंवानी पड़ी है।
जानकारी
पूरे भारत में क्या है स्थिति?
अगर पूरे भारत की बात करें तो बुधवार सुबह आठ बजे तक कोरोना वायरस से संक्रमण के 11,439 मामले सामने आ चुके हैं जिनमें से 377 को अपनी जान गंवानी पड़ी है। 1,306 मरीजों को सफल इलाज के बाद घर वापस भेजा जा चुका है।