
वो तीन कोरोना वैक्सीन कौन सी हैं जिनका जिक्र प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में किया?
क्या है खबर?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को स्वतंत्रता दिवस के मौके पर सातवीं बार लाल किले से देश को संबोधित किया।
इस दौरान उन्होंने कहा कि देश में कोरोना वायरस की तीन संभावित वैक्सीन पर काम चल रहा है। वैज्ञानिकों की हरी झंडी मिलते ही इनका उत्पादन शुरू कर दिया जाएगा और इसके हर जरूरतमंद तक पहुंचाने की रूपरेखा भी तैयार कर ली गई है।
आइए जानते हैं वो तीन वैक्सीन कौन सी हैं और वर्तमान में उनकी क्या स्थिति है।
#1
भारत बायोटेक द्वारा तैयार की गई 'कोवैक्सीन'
देश में क्लिनिकल ट्रायल के मामले में भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) के सहयोग से हैदराबाद स्थित भारत बायोटेक द्वारा तैयार की गई पहली स्वदेशी कोरोना वैक्सीन 'कोवैक्सीन' सबसे आगे है। इसका देशभर के 12 शहरों के अस्पतालों में क्लिनिकल ट्रायल किया जा रहा है।
इस वैक्सीन ने ट्रायल के पहले चरण में उत्साहजनक नतीजे दिए हैं। ऐसे में अब कंपनी ने इस वैक्सीन के दूसरे चरण के क्लिनिकल ट्रायल की तैयारी शुरू कर दी है।
जानकारी
वैक्सीन निर्माण में किया SARS-CoV-2 स्ट्रेन का उपयोग
इस वैक्सीन के निर्माण में वैज्ञानिकों ने SARS-CoV-2 स्ट्रेन का उपयोग किया है, जो वायरस के खिलाफ एंटीबॉडी बनाता है। क्लिनिकल ट्रायल के पहले चरण में इसके कोई बड़े साइड इफेक्ट सामने नहीं आए हैं। इससे कंपनी में उत्साह है।
#2
जाइडस कैडिला द्वारा तैयार की गई वैक्सीन 'ZyCoV-D'
अहमदाबाद स्थित फार्मास्युटिकल फर्म जायडस कैडिला ने प्लाज्मिड DNA वैक्सीन 'ZyCoV-D' का 6 अगस्त से दूसरे चरण का क्लिनिकल ट्रायल शुरू कर दिया है।
यह DNA आधारित वैक्सीन है। इसे 3 जुलाई को मानव ट्रायल के लिए अप्रूवल मिला था।
कंपनी ने इसके अगले साल लॉन्च होने की संभावता जताई है। इस वैक्सीन के निर्माण के लिए SARS-CoV-2 स्ट्रेन की जगह DNA की जरूरत होती है। इसमें जैव सुरक्षा का खतरा भी कम रहता है।
#3
ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी द्वारा तैयार वैक्सीन 'ChAdOx1-S'
भारत में कोरोना वायरस के खिलाफ तीसरी उम्मीद ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी और एस्ट्रेजेनेका द्वारा तैयार की गई वैक्सीन 'ChAdOx1-S' है।
इस वैक्सीन के लिए पुणे स्थित सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (SII) ने एस्ट्रेजेनेका से करार किया है।
DGCI ने भारत में इसे ट्रायल की मंजूरी दे दी है। इस वैक्सीन का अमेरिका और ब्राजील सहित अन्य शहरों में पहले ही ट्रायल हो चुका है।
SII ने भारत में नवंबर तक इसका ट्रायल खत्म करने की योजना बनाई है।
जानकारी
वैक्सीन ने अब तक दिए हैं उत्साहजनक परिणाम
बता दें कि इस वैक्सीन के पहले और दूसरे चरण के ट्रालय में उत्साहजनक परिणाम आए हैं। इसे एंटीबॉडी विकसित करने वाली तथा सुरक्षित बताया गया है। यह एक चिंपांजी एडेनोवायरस वायरल वेक्टर (ChAdOx1) वैक्सीन है जो SARS-CoV-2 स्पाइनल प्रोटीन बढ़ाती है।
उत्पादन
भारत सरकार ने की वैक्सीनों के उत्पादन और वितरण की तैयारी
भारत सरकार ने देश में वैक्सीनों के उप्तादन और वितरण की तैयारी कर ली है। इसके लिए दो कमेटियों का गठन किया गया है।
पहली कमेटी देश में तैयार वैक्सीनों के काम में तेजी लाने, विदेशी करारों पर नजर रखने और क्लिनिकल ट्रायलों पर नजर रखेगी। वहीं दूसरी कमेटी बायोटेक्नोलॉजी और वैक्सीन विज्ञान के प्रयोगों पर नजर रख रही है।
सरकार ने कम और मध्यम आय वाले लोगों के लिए 10 करोड़ कोरोना वैक्सीन तैयार करने का निर्णय किया है।
संक्रमण
भारत में यह है कोरोना संक्रमण की स्थिति
देश में कोरोना संक्रमितों की संख्या तेजी से बढ़ते हुए 25 लाख से पार पहुंच गई है।
स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, भारत में पिछले 24 घंटों में 65,002 नए मरीजों में संक्रमण की पुष्टि हुई और 996 लोगों की मौत हुई।
इसके साथ ही देश में कोरोना वायरस के कुल 25,26,192 मामले हो गए हैं। इनमें से 6,68,220 सक्रिय मामले हैं, 18,08,936 लोग ठीक हो चुके हैं और 49,036 की मौत हुई है।