
प्रधानमंत्री मोदी करेंगे सीरम इंस्टीट्यूट का दौरा, कोरोना वैक्सीन की तैयारियों का लेंगे जायजा
क्या है खबर?
कोरोना वायरस महामारी से जूझ रही दुनिया की नजरें इससे बचाव के लिए कारगर वैक्सीन पर टिकी हुई हैं।
भारत में भी कई वैक्सीनों के ट्रायल चल रहे हैं और उम्मीद है कि अगले वर्ष की शुरुआत में वैक्सीन उपलब्ध हो सकती है।
पुणे के सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (SII) ने भी वैक्सीन के उत्पादन में तेजी ला दी है।
अब खबर आई है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 28 नवंबर को SII पहुंचकर वैक्सीन की तैयारियों का जायजा लेंगे।
पुष्टि
संभागीय आयुक्त ने की प्रधानमंत्री के दौरे की पुष्टि
पुणे के संभागीय आयुक्त सौरभ राय ने प्रधानमंत्री के दौरे की पुष्टि की है।
उन्होंने कहा, "हमें 28 नवंबर को प्रधानमंत्री की पुणे यात्रा के बारे में आधिकारिक पुष्टि मिली है। प्रधानमंत्री कोरोना वैक्सीन का उत्पादन करने वाले सीरम इंस्टीट्यूट का दौरा करेंगे।"
हालांकि, प्रधानमंत्री के पुणे या SII के दौरे को लेकर प्रधानमंत्री कार्यालय से अभी तक कोई आधिकारिक जानकारी नहीं मिली है, लेकिन पुणे में इसकी तैयारियां शुरू हो गई है।
कार्यक्रम
वैक्सीन के उत्पादन, स्टोरेज और वितरण तंत्र की समीक्षा करेंगे प्रधानमंत्री
संभागीय आयुक्त राय ने बताया कि प्रधानमंत्री के दौरे को लेकर अधिकारियों की कई दौर की बैठक हो चुकी है। इसके अलावा प्रधानमंत्री का मिनट-टू-मिनट कार्यक्रम भी दोपहर तक तैयार हो जाएगा।
जिला प्रशासन के एक अन्य अधिकारी ने बताया कि प्रधानमंत्री SII के हडपसर प्लांट का दौरा करेंगे। इस यात्रा का उद्देश्य वैक्सीन के उत्पादन की समीक्षा करना तथा स्टोरेज और वितरण तंत्र की पूरी जानकारी एकत्र करना है।
दौरा
अन्य देशों के राजदूत भी करेंगे SII का दौरा
हिंदुस्तान टाइम्स के अनुसार वैक्सीन की तैयारियों को लेकर विभिन्न देशों के राजदूत भी आगामी 4 दिसंबर को SII का दौरा करेंगे। विदेश मंत्रालय के अनुसार विदेशी राजदूतों के दो ग्रुप पुणे पहुंचेंगे। इस दौरान वह SII के हडपसर प्लांट का दौरा कर वैक्सीन की तैयारियों का जायजा लेंगे।
इसके बाद वह दोपहर में गेन्नोवा बायोफार्मास्यूटिकल्स लिमिटेड पहुंचेंगे और हिंजेवाड़ी केंपस में अन्य वैक्सीन के उत्पादन की स्थिति का जायजा लेंगे।
वैक्सीन
ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की वैक्सीन का काम देख रहा है SII
बता दें कि ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी और एस्ट्राजेनेका द्वारा तैयार इस वैक्सीन के भारत में ट्रायल, उत्पादन और वितरण के लिए सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया (SII) से करार किया गया है।
कंपनी भारत में इस वैक्सीन को 'कोविशील्ड' के नाम से तैयार कर रही है। इसका भारत में तीसरे चरण का ट्रायल चल रहा है।
SII ने इसका उत्पादन भी शुरू कर दिया है और अब वह जल्द ही भारतीय रेगुलेटर के सामने इमर्जेंसी अप्रूवल के लिए आवदेन करेगी।
जानकारी
तीसरे चरण के ट्रायल में 70 प्रतिशत प्रभावी मिली वैक्सीन
एस्ट्रोजेनेका ने दावा किया गया है कि परीक्षणों में वैक्सीन खासी असरदार मिली है। पहली खुराक दिए जाने पर वैक्सीन 90 प्रतिशत और दूसरी खुराक में यह 62 प्रतिशत प्रभावी मिली है। ऐसे में सकल रूप से यह 70.4 प्रतिशत प्रभावी साबित हुई है।
संक्रमण
भारत में यह है कोरोना संक्रमण की स्थिति
भारत में बीते दिन कोरोना वायरस से संक्रमण के 44,489 नए मामले सामने आए और 524 मरीजों ने इसकी वजह से दम तोड़ा।
इसी के साथ देश में कुल संक्रमितों की संख्या 92,66,705 हो गई है, वहीं 1,35,223 लोगों को इस खतरनाक वायरस के संक्रमण के कारण अपनी जान गंवानी पड़ी है।
सक्रिय मामलों की संख्या बढ़कर 4,52,344 हो गई है और ये लगातार दूसरा ऐसा दिन है जब देश में सक्रिय मामले बढ़े हैं।