
भारत में फाइजर की कोरोना वैक्सीन के उपयोग पर AIIMS निदेशक ने जताई चिंता
क्या है खबर?
अमेरिकी फार्मा कंपनी फाइजर (Pfizer) की कोरोना वैक्सीन के तीसरे चरण के क्लीनिकल ट्रायल में असरदार होने की खबरों ने कोरोना महमारी से जूझ रहे लोगों में नई उम्मीद जगा दी है, लेकिन भारत जैसे विकासशील और दूसरे गरीब देशों में इसके उपयोग पर संशय बना हुआ है।
इसका प्रमुख कारण है यह है कि इस वैक्सीन के इस्तेमाल के लिए इसे -70 डिग्री पर डीप-फ्रीज रखना जरूरी होता है और भारत जैसे देश में यह बहुत मुश्किल काम है।
दावा
फाइजर ने किया वैक्सीन के 90 प्रतिशत असरकारक होने का दावा
फाइजर और उसकी सहयोगी जर्मनी की कंपनी बायोएनटेक ने अपनी कोरोना वैक्सीन के काफी हद तक सफल होने का दावा किया है।
कंपनी का कहना है कि वैक्सनी को लेकर किए गए तीसरे चरण के क्लिनिकल ट्रायल में यह 90 फीसदी से ज्यादा प्रभावी है।
कंपनी ने नवंबर के अंत तक वैक्सीन बेचने की मंजूरी मिलने की उम्मीद जताई है। इसी तरह कंपनी ने 2020 में पांच करोंड और 2021 में 1.3 बिलियन खुराक के उत्पादन की उम्मीद जताई है।
चुनौती
वैक्सीन को -70 डिग्री पर डीप-फ्रीज करने की जरूरत
कंपनी के अनुसार इस वैक्सीन के असरदार बनाए रखने के लिए इसे -70 डिग्री पर डीप-फ्रीज करना होगा और इसे पांच दिनों के अंदर ही इस्तेमाल करना होगा। उसके बाद यह खराब हो जाएगी।
इसके उपयोग के लिए देशों में डीप-फ्रीजर वेयरहाउस और रेफ्रिजरेटर व्हीक्लस बनाने के साथ सभी टीकाकरण केंद्रों पर डीप-फ्रीजर लगाने होंगे।
इसके परिवहन के लिए भी डीप फ्रीजर की व्यवस्था करनी होगी। इसी तरह टीकाकरण से पहले इसे दो से आठ डिग्री पर पिछलाना होगा।
चिंता
AIIMS के निदेशक ने वैक्सीन के उपयोग को लेकर जताई चिंता
वैक्सीन की गाइडलाइंस को लेकर अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) के निदेशक रणदीप गुलेरिया ने चिंता जताई है।
उन्होंने कहा कि फाइजर की वैक्सीन को लेकर उत्साहजनक खबर सामने आई है, लेकिन इसे माइनस 70 डिग्री सेल्सियस पर रखा जाना जरूरी है। ऐसे में भारत जैसे विकासशील देशों में और खासतौर से ग्रामीण इलाकों में कैसे इस वैक्सीन को पहुंचाया जाएगा। इसके लिए कोल्ड चैन बनाना बहुत मुश्किल काम होगा।
कीमत
यह होगी फाइजर की वैक्सीन की कीमत
फाइजर ने अपने वैक्सीन की कीमत 39 डॉलर (करीब 2,700 रुपये) रखी है। भारत में इसकी कीमत लॉजिटिक्स और इस पर लगने वाले शुल्क पर निर्धारित होगी।
भारत में इसकी कीमत अन्य देशों की तुलना में कुछ ज्यादा रहने की संभावना है। फाइजर ने अमेरिका, जापान और अन्य देशों से करार किया है। एशिया में डिस्ट्रीब्यूशन के लिए चीन की कंपनी फोसून के साथ करार किया है। वहीं भारत ने अभी तक कोई करार नहीं किया है।
जानकारी
कोरोना संक्रमण के उपचार के लिए देनी होगी दो खुराक
कोरोना वायरस से संक्रमित मरीज के उपचार के लिए फाइजर द्वारा तैयार वैक्सीन की दो खुराकें दी जाएगी। मरीज को पहली खुराक दिए जाने के बाद एक महीने बाद दूसरी खुराक दी जाएगी। इससे मरीज को 90 प्रतिशत तक राहत मिलने की उम्मीद रहेगी।
सवाल
राहुल गांधी ने सरकार से पूछा सवाल
फाइजर की ओर से कोरोना वायरस की कारगर वैक्सीन तैयार करने का दावा करने के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सरकार से सवाल पूछा है।
उन्होंने ट्वीट किया, 'फाइजर ने एक कारगर कोरोना वैक्सीन तैयार कर ली है, ऐसे में हर भारतीय को इसे उपलब्ध कराने के लिए लॉजिस्टिक्स पर काम करना चाहिए। सरकार को वैक्सीन वितरण की रणनीति तैयार करनी चाहिए और स्पष्ट करना चाहिए कि कैसे भारत के हर नागरिक तक वैक्सीन पहुंचेगी।'
संक्रमण
भारत में यह है कोरोना संक्रमण की स्थिति
भारत में बीते दिन कोरोना वायरस से संक्रमण के 44,281 नए मामले सामने आए और 512 मरीजों ने इसकी वजह से दम तोड़ा।
इसी के साथ देश में कुल संक्रमितों की संख्या 86,36,011 हो गई है, वहीं 1,27,571 लोगों को इस खतरनाक वायरस के संक्रमण के कारण अपनी जान गंवानी पड़ी है।
सक्रिय मामलों की संख्या पांच लाख से नीचे 4,94,657 पर आ गई है। बता दें कि मध्य सितंबर में देश में लगभग 10.17 लाख सक्रिय मामले थे।