
भारत-चीन सीमा विवाद: LAC पर नहीं बनाए गए बफर जोन, फिलहाल केवल गश्त पर रोक- रिपोर्ट
क्या है खबर?
वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर टकराव की चार जगहों पर भारत और चीन की सेनाएं कम से कम 600 मीटर पीछे हट गई हैं और भारतीय सेना के अधिकारी खुद जाकर जाकर जमीनी स्थिति पर इसका जायजा ले चुके हैं।
मामले से संबंधित अधिकारियों का कहना है कि दोनों देश की सेनाओं के बीच कोई बफर जोन नहीं बनाया गया है, बल्कि झड़प की संभावनाओं को कम करने के लिए फिलहाल गश्त पर रोक लगा दी गई है।
पृष्ठभूमि
चार जगहों पर आमने-सामने थे भारत और चीन के सैनिक
मई के पहले हफ्ते में आक्रामक रुख अपनाते हुए चीनी सैनिक पूर्वी लद्दाख में LAC पर चार जगहों पर आगे आ गए थे। इनमें पेंगोंग झील के पास स्थित फिंगर्स एरिया, गलवान घाटी (PP14), हॉट स्प्रिंग (PP15) और गोगरा (PP17A) शामिल थे।
फिंगर्स एरिया और गलवान में तो चीनी सैनिक भारतीय इलाके में दाखिल हो गए थे। इस दौरान गलवान में 15 जून को दोनों देशों के सैनिकों में झड़प भी हुई, जिसमें 20 भारतीय जवान शहीद हो गए।
तनाव कम करने की कोशिश
बातचीत में सहमति के बाद सेनाएं पीछे हटा रहे दोनों देश
5 जुलाई को भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजित डोभाल और चीनी विदेश मंत्री की बातचीत में सेनाओं को पीछे हटाने पर सहमति बनी और तभी से सेनाओं को पीछे हटाया जा रहा है।
'हिंदुस्तान टाइम्स' की रिपोर्ट के अनुसार, गलवान घाटी में सेनाएं पूरी तरह से पीछे हट चुकी हैं। वहीं हॉट स्प्रिंग और गोगरा में भी सैनिक पीछे हटे हैं, हालांकि अप्रैल वाली यथास्थिति अभी पूरी तरह से कायम नहीं हुई है।
फिंगर्स एरिया
फिंगर चार की चोटियों पर अभी भी बरकरार चीन के सैनिक
सबसे अधिक तनाव वाले फिंगर्स एरिया पर सबकी नजरें हैं और यहां स्थिति में पहले के मुकाबले कुछ सुधार आया है। चीन ने फिंगर चार से अपने कई वाहनों, टेंट और सैनिकों को हटा जरूर लिया है, लेकिन चोटियों पर उसके कुछ सैनिक अभी भी बने हुए हैं।
वहीं देपसांग इलाके में दोनों देशों के सैनिक अभी भी एक-दूसके के आमने-सामने बने हुए हैं। चीनी सैनिकों ने 15 जून की हिंसा के बाद यहां घुसपैठ की थी।
गश्त
चार इलाकों में फिलहाल रोकी गई गश्त
कई सैन्य और राजनयिक अधिकारियों ने 'हिंदुस्तान टाइम्स' को बताया कि दोनों देशों ने गलवान, गोगरा, हॉट स्प्रिंग और पेंगोंग झील इलाके में फिलहाल गश्त रोकने का फैसला लिया है।
LAC पर तनाव को कम करने और सैनिकों के बीच झड़प की किसी भी संभावना को कम करने के लिए ये फैसला लिया गया है। अधिकारियों के अनुसार, इससे दोनों देशों के इलाके में गश्त करने के अधिकार पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
जानकारी
अगले हफ्ते होगी दोनों देशों के सैन्य अफसरों में बातचीत
अगले हफ्ते दोनों देशों के सैन्य अफसरों में भी बातचीत होनी है और उम्मीद की जा रही है कि इसमें तनाव करने और सेनाओं को पीछे हटाने की आगे की रणनीति पर फैसला लिया जा सकता है।