
भारत लाया गया अगस्ता-वेस्टलैंड डील का बिचौलिया, हो सकते हैं बड़े खुलासे
क्या है खबर?
अति महत्वपूर्ण लोगों (VVIP) के लिए खरीदे जाने वाले हेलिकॉप्टर अगस्ता वेस्टलैंड डील के बिचौलिये क्रिश्चियन मिशेल को भारत लाया गया है।
जांच एजेंसी CBI की लंबी कोशिशों को बाद कल रात दुबई की जेल में बंद मिशेल को भारत लाया गया।
मिशेल को रातभर CBI मुख्यालय में रखा गया, आज CBI उनसे पूछताछ शुरू कर देगी।
जांच एजेंसी मिशेल को हिरासत में लेने के लिए रिमांड पेपर तैयार कर रही है। इसके बाद उसे कोर्ट में पेश किया जाएगा।
मामला
क्या है अगस्ता-वेस्टलैंड डील
भारतीय वायुसेना ने 2010 में 12 हेलिकॉप्टर की खरीद के लिए अगस्ता-वेस्टलैंड के साथ Rs. 3,600 करोड़ का सौदा किया था।
आरोप लगे कि डील को पाने के लिए कंपनी ने भारतीय राजनेताओ और अधिकारियों को रिश्वत देने के लिए मिशेल को Rs. 350 करोड़ दिए थे।
आरोप सामने आने के बाद तत्कालीन सरकार ने 2013 में डील रद्द कर CBI जांच के आदेश दिये।
जिस वक्त करार पर रोक लगी उस वक्त भारत 30 फीसदी भुगतान कर चुका था।
अभियान
अजित डोभाल की निगरानी में हुआ पूरा अभियान
हेलिकॉप्टर डील के चर्चित घोटाले के बिचौलिये मिशेल को भारत लाने के लिए खास योजना बनाई गई थी।
इस योजना का कोडनेम 'यूनिकॉर्न' रखा गया था। इस पूरी प्रक्रिया को इंटरपोल और CID के साथ समन्वय किया जा रहा था।
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल की निगरानी में हुए इस अभियान के लिए खुद डोभाल CBI के निदेशक नागेश्वर राव के संपर्क में थे।
इस पूरी प्रक्रिया को बेहद गोपनीय रखा गया था।
जानकारी
दुबई में गिरफ्तार हुआ था मिशेल
भारतीय जांच एजेंसियों को लंबे समय से मिशेल की तलाश थी। इंटरपोल ने उसके खिलाफ 2015 में रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया था। फरवरी 2017 में मिशेल को दुबई में गिरफ्तार किया गया था। मार्च 2017 में भारत ने उसके प्रत्यर्पण की मांग की थी।
आरोप
क्या है मिशेल पर लगे आरोप
ED ने 2016 में मिशेल के खिलाफ अपनी चार्जशीट में कहा था कि मिशेल को अगस्ता-वेस्टलैंड से Rs. 225 करोड़ मिले थे।
चार्जशीट के मुताबिक राशि और कुछ नहीं बल्कि कंपनी की ओर से दी गयी रिश्वत थी।
CBI के मुताबिक, मिशेल पर इस डील में सह-आरोपियों के साथ मिलकर साजिश रचने का आरोप है।
इसके तहत अधिकारियों ने VVIP हेलिकॉप्टर की उड़ने की ऊंचाई 6,000 मीटर से घटाकर 4,500 मीटर कर अपने सरकारी पद का दुरुपयोग किया।
परिचय
कौन हैं क्रिश्चियन मिशेल
मिशेल पर अगस्ता-वेस्टलैंड डील में सह-आरोपियों के साथ मिलकर आपराधिक षड्यंत्र रचने का आरोप है।
मिशेल कंपनी के साथ 1980 के दशक से साथ काम कर रहे हैं। इससे पहले उसके पिता भी कंपनी के लिए भारतीय क्षेत्र के परामर्शदाता रह चुके हैं।
कंपनी के प्रवक्ता ने मिशेल को 'ऐतिहासिक परामर्शदाता' बताया था।
मिशेल भारतीय वायुसेना, रक्षा मंत्रालय और दूसरे अधिकारियों के नेटवर्क के जरिए रक्षा खरीद के लिए बतौर बिचौलिया काम कर रहे थे।