
कश्मीर: घटती मांग के कारण प्रतिदिन हजारों लीटर दूध बहाने को मजबूर हुए डेयरी किसान
क्या है खबर?
कोरोना वायरस महामारी की दूसरी लहर से बचाने के लिए राज्यों में लागू किए गए लॉकडाउन और अन्य पाबंदियों ने व्यापार और व्यापारियों को खासा असर डाला है।
इसी बीच कश्मीर के डेयरी किसान भी इससे अछूते नहीं रहे हैं। कर्फ्यू में कम मांग का हवाला देते हुए डेयरी संयंत्रों ने दूध की खरीद कम कर दी है। इसका सीधा असर डेयरी किसानों पर पड़ रहा है। ऐसे में किसान प्रतिदिन हजारों लीटर दूध नाले में बहा रहे हैं।
पृष्ठभूमि
जम्मू-कश्मीर में 31 मई तक बढ़ाया कोरोना कर्फ्यू
जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने 29 अप्रैल को 11 जिलों में कोरोना कर्फ्यू का ऐलान किया था, लेकिन अगले दिन इसे सभी 20 जिलों में लागू कर दिया गया था।
उसके बाद प्रशासन ने इसे पहले 17 मई और फिर बाद में 24 मई तक के लिए बढ़ा दिया था।
इसके बाद सोमवार को प्रशासन ने इस कर्फ्यू को 31 मई तक के लिए बढ़ा दिया है। हालांकि, इसमें सुबह 6 से 11 बजे तक दुकानें खोलने की अनुमति दी गई है।
प्रभाव
कोरोना कर्फ्यू का डेयरी किसानों पर पड़ा बुरा असर
केंद्र शासित प्रदेश में कोरोना कर्फ्यू को लगातार बढ़ाए जाने से इसका सबसे ज्यादा असर डेयरी किसानों पर हुआ है। कर्फ्यू में मांग में कमी के कारण डेयरी संयंत्रयों ने किसानों से दूध खरीदना कम कर दिया है।
हालात यह है कि लसीपोरा औद्योगिक क्षेत्र में संचालित जुम-जुम मिल्क प्रोसेसिंग प्लांट कर्फ्यू से पहले प्रतिदिन 22,000 लीटर दूध की खरीद कर रहा था, लेकिन अब मांग में कमी का हवाला देते हुए महज 10,000 लीटर दूध ही खरीद रहा है।
बयान
दूध की खरीद को 50 प्रतिशत तक कम करना हुआ मजबूरी- शाह
डेयरी प्लांट मालिक शफत शाह ने कहा, "हम दूध खरीदते हैं और मांग के आधार पर इकाई में उससे उत्पाद तैयार करते हैं। वर्तमान में कोरोना कर्फ्यू के कारण मांग में कमी आने से हम खरीद को 50-60 प्रतिशत कम करने के लिए मजबूर हैं।"
परिणाम
प्रतिदिन हजारों लीटर दूध नाले में बहा रहे किसान
डेयरी प्लांटों द्वारा दूध की कम खरीद करने से डेयरी किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। मांग नहीं होने से दर्जनों किसान प्रतिदिन हजारों लीटर दूध नाले में बहा रहे हैं।
डेयरी किसानों का कहना है कि दूध फेंकना मुश्किल है, लेकिन वह मजबूर हैं। ऐसे में सभी किसान प्रतिदिन बचे हुए दूध को नालों में बहा रहे हैं।
उन्होंने राज्यपाल से हस्तक्षेप करते हुए सभी डेयरी किसानों के हित में कदम उठाने की मांग की है।
बयान
प्रतिदिन नाले में बहा रहे 60 प्रतिशत दूध- अहमद
डेयरी किसान रफीक अहमद ने कहा, "पिछले एक महीने से हम केवल 40 फीसदी दूध ही बेच रहे हैं। लॉकडाउन के कारण कोई खरीदार नहीं है। मेरे पास 40 गाय हैं और दूध नहीं बिकने से मेरी आजीविका प्रभावित हुई है। सभी गायें भुखमरी के कगार पर हैं।"
उन्होंने आगे कहा, "मेरे पास 40 गायों के लिए चारा खरीदने के पैसे नहीं हैं। परिवार पर भी रोजी-रोटी का संकट है। मैं प्रतिदिन 60 प्रतिशत दूध नाले में बहा रहा हूं।"
संक्रमण
जम्मू-कश्मीर में यह है कोरोना संक्रमण की स्थिति
बता दें कि जम्मू-कश्मीर में कोरोना वायरस संक्रमण के मामले अभी थमते नजर नहीं आ रहे हैं। यहां रविवार को संक्रमण के 3,308 नए मामले सामने आए और 21 लोगों की मौत हुई है।
इसी के साथ यहां संक्रमितों की कुल संख्या बढ़कर 2,70,621 पर पहुंच गई है।
इनमें से अब तक 3,564 लोगों की मौत हो चुकी है और अब तक 2,19,620 लोग उपचार के बाद ठीक हो गए हैं। सक्रिय मामलों की कुल संख्या 47,337 है।