
वैक्सीनेशन के 'हर घर दस्तक' अभियान में सभी वयस्कों को दी जाए पहली खुराक- मनसुख मांडविया
क्या है खबर?
कोरोना वायरस महामारी के खिलाफ चलाए जा रहे मेगा वैक्सीनेशन अभियान में नवंबर से शुरू किए गए 'हर घर दस्तक' की सफलता के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने गुरुवार को राज्यों के स्वास्थ्य मंत्रियों के साथ बैठक की।
इसमें उन्होंने कहा कि वर्तमान में 12 करोड़ लोगों को वैक्सीन की दूसरी खुराक नहीं लगी है।
ऐसे में इस अधिकारी में उन्हें दूसरी खुराक लेने के लिए प्रेरित करें और सभी वयस्कों को पहली खुराक लगाना सुनिश्चित करें।
अभियान
2 नवंबर से शुरू हुआ था 'हर घर दस्तक' अभियान
बता दें कि केंद्र सरकार ने पिछले महीने नवंबर की शुरुआत से घर-घर वैक्सीनेशन शुरू करने की घोषणा की थी। इसमें कम वैक्सीनेशन वाले जिलों पर फोकस किया जाना था।
इस अभियान को 'हर घर दस्तक' नाम दिया गया था। इसके बाद 2 नवंबर से अभियान को शुरू कर दिया गया। इसमें 50 प्रतिशत से कम पहली खुराक देने वाले 48 जिलों पर फोकस किया गया है।
सरकार नवंबर के अंत तक सभी को पहली खुराक देना चाहती है।
बयान
कोरोना महामारी के खिलाफ अंतिम चरण में है लड़ाई- मांडविया
मांडविया ने कहा, "कोरोना महामारी के खिलाफ जारी लड़ाई अंतिम चरण में है। वैक्सीन की दो खुराकें और कोरोना उपयुक्त व्यवहार महामारी के खिलाफ सबसे बड़ी सुरक्षा है और महामारी को पूरी तरह से खत्म करने से पहले इनसे दूरी नहीं बनानी चाहिए।"
उन्होंने कहा, "वर्तमान में 79 प्रतिशत वयस्क आबादी को वैक्सीन की पहली खुराक मिल चुकी है और 38 प्रतिशत आबादी को दोनों खुराकें लग चुकी है। ऐसे में इसकी रफ्तार को बढ़ाना है।"
अपील
मांडविया ने की सभी को वैक्सीन लगाने की अपील
मांडविया ने कहा, "आइए सामूहिक प्रयासों से सुनिश्चित करें कि देश में कोई भी पात्र व्यक्ति वैक्सीन के 'सुरक्षा कवच' के बिना न रह जाए। आइए हम प्रधानमंत्री मोदी के 'हर घर दस्तक' अभियान के तहत देश भर में हर कोने और घर तक पहुंचे और लोगों को दोनों खुराक लेने के लिए प्रेरित करें।"
इस दौरान उन्होंने, "राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में कोरोना महामारी के नियंत्रण और प्रबंधन के लिए किए गए प्रयासों की भी समीक्षा की।"
आवश्यक
अभियान के तहत सभी को पहली खुराक लगाना जरूरी- मांडविया
मांडविया ने कहा, "वर्तमान में 12 करोड़ लोगों को वैक्सीन की दूसरी खुराक नहीं लगी है। ऐसे में सभी राज्यों के स्वास्थ्य मंत्रियों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि इन लोगों को दूसरी खुराक लेने के लिए प्रेरित किया जाए और 'हर घर दस्तक' अभियान के तहत सभी पात्र लोगों को पहली खुराक लगाई जाए।"
उन्होंने कहा, "बच्चों को भी अपने परिजनों को दोनों खुराक लेने के लिए प्रेरित करने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।"
जानकारी
मांडविया ने जागरुकता के लिए सहयोग लेने पर भी दिया जोर
मांडविया ने जागरूकता पैदा करने और वैक्सीनेशन के लिए स्थानीय धार्मिक और सामुदायिक नेताओं का सहयोग लेने, नागरिक समाज संगठनों, गैर सरकारी संगठनों आदि के सहयोग से साप्ताहिक बाजारों और हाटों में भी लोगों को वैक्सीन लगाने पर जोर दिया।
वैक्सीनेशन केंद्र
बस स्टैंड और रेलवे स्टेशनों पर भी बनाए जाए वैक्सीनेशन केंद्र- मांडविया
मांडविया ने कहा कि लोगों को वैक्सीनेशन की सुविधा सुलभ कराने के लिए बस स्टेशनों, रेलवे स्टेशनों आदि पर विशेष रूप से बड़े महानगरों में वैक्सीनेशन केंद्र शुरू किए जाने चाहिए। क्योंकि ये शहर में प्रवेश करने वाले लोगों की एक बड़ी संख्या के लिए प्राथमिक बिंदु हैं।
उन्होंने कहा कि कुछ राज्यों ने 'रोको और टोको' अभियान शुरू किया है। इसमें बसों, ट्रेनों, रिक्शा आदि से उतरने वाले यात्रियों को वैक्सीन लगवाने के लिए प्रेरित किया जाता है।
वैक्सीनेशन
देश में 110 करोड़ से अधिक खुराकें लगाई जा चुकी
देश में चल रहे दुनिया के सबसे बड़े वैक्सीनेशन अभियान की बात करें तो अब तक वैक्सीन की 1,10,23,34,225 खुराकें लगाई जा चुकी हैं।
स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, बीते दिन 57,54,817 खुराकें लगाई गईं। इसी तरह कुल संक्रमितों की संख्या 3,44,01,670 हो गई है। इनमें से 4,62,189 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है।
मरीजों के ठीक होने की राष्ट्रीय दर 98.25 प्रतिशत है। इसी तरह दैनिक संक्रमण दर 0.90 प्रतिशत और मृत्यु दर 1.34 प्रतिशत है।