
कोरोना वायरस: 24 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में राष्ट्रीय औसत से तेज बढ़ रहे मामले
क्या है खबर?
कोरोना वायरस का संक्रमण रोकने के लिए लागू किए गए लॉकडाउन की पाबंदियां हटने के बाद देश में मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है।
बीते दिन देश में रिकॉर्ड मरीज मिले और अब तक की सबसे ज्यादा मौतें हुईं। इसी तरह कई राज्यों में पिछले कुछ दिनों से उनके रिकॉर्ड मामले सामने आ रहे हैं।
देश में 24 राज्य और केंद्र शासित प्रदेश ऐसे हैं, जहां कोरोना मामले बढ़ने की रफ्तार राष्ट्रीय औसत 4.39 प्रतिशत से ज्यादा है।
कोरोना वायरस
इन राज्यों में तेजी से फैल रहा संक्रमण
इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, जम्मू-कश्मीर और हरियाणा में रविवार को अब तक के सबसे ज्यादा मामले सामने आए।
उत्तर प्रदेश में पिछले तीन दिनों में दो बार बड़ा इजाफा हो चुका है। इसी तरह असम और त्रिपुरा में पिछले एक सप्ताह से रोजाना 10 प्रतिशत बढ़कर मामले सामने आ रहे हैं।
दक्षिण भारत की बात करें तो कर्नाटक में तेजी से बढ़ रही मरीजों की संख्या राज्य को सबसे ज्यादा मरीजों की सूची में शीर्ष 10 में ले आई है।
जानकारी
दिल्ली और तमिलनाडु में बदतर हो रहे हालात
उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल, केरल और छत्तीसगढ़ में बड़ी संख्या में नए मामले सामने आ रहे हैं। तमिलनाडु और दिल्ली में रोज 1,300-1,500 मरीज मिल रहे हैं। संक्रमण के मामले में ये दोनों देश में महाराष्ट्र के बाद क्रमश: दूसरे और तीसरे स्थान पर हैं।
राहत
महाराष्ट्र, गुजरात और राजस्थान में रफ्तार हुई कम
दूसरी तरफ शीर्ष पांच में शामिल तीन राज्य- महाराष्ट्र, गुजरात और राजस्थान में नए मामले मिलने की रफ्तार धीमी हो रही है और इसका असर राष्ट्रीय औसत में दिख रहा है।
इनके अलावा उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश ऐसे राज्य हैं, जहां नए मरीज मिलने की रफ्तार राष्ट्रीय औसत से कम है।
हालांकि, राष्ट्रीय औसत में इन तीन राज्यों की भूमिका लंबे समय तक जारी नहीं रहेगी। खासकर दिल्ली और तमिलनाडु में संक्रमण तेजी से फैल रहा है।
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कुल मामलों में घट रही इन राज्यों की हिस्सेदारी
देश के कुल मामलों में सबसे ज्यादा प्रभावित महाराष्ट्र, तमिलनाडु, दिल्ली, गुजरात और राजस्थान का हिस्सा पहले ही कम होने लगा है। इन पांच राज्यों में देश के कुल मामलों के 74 प्रतिशत मामले थे, जो अब घटकर 68 प्रतिशत हो गए हैं।
वहीं पहले जहां महाराष्ट्र, गुजरात और राजस्थान में कुल मामलों के 52 प्रतिशत मामले थे। यह संख्या अब घटकर 45 प्रतिशत पर पहुंच गई है। इससे पता चलता है कि यहां मामले कम हो रहे हैं।
संक्रमण
देश के लगभग हर हिस्से में पहुंचा कोरोना वायरस
लॉकडाउन की पाबंदियों में एक महीने से ज्यादा समय से छूट मिल रहे हैं।
इस दौरान नए संक्रमितों की संख्या बढ़ने की राष्ट्रीय औसत महामारी की शुरुआत होने के बाद से अपने सबसे निचले स्तर 4.38 प्रतिशत पर आ गई है।
दूसरी तरफ लोगों की आवाजाही बढ़ने के बाद ऐसे राज्यों में भी संक्रमण फैलना शुरू हो गया है, जहां पहले मामले नहीं थे। मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, गोवा आदि में रोजाना कई मामले सामने आ रहे हैं।
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बीते दिन मिले रिकॉर्ड मामले
स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, देश में बीते 24 घंटों में कोरोना वायरस के 9,987 नए मरीज मिले हैं और 331 लोगों की इसकी वजह से मौत हुुई है।
यह एक दिन में मिले नए संक्रमितों और मौतों की सबसे बड़ी संख्या है।
इसी के साथ भारत में कुल संक्रमितों की संख्या 2,66,598 हो गई है। इनमें से 1,29,917 सक्रिय मामले हैं, 1,29,214 लोग ठीक हो चुके हैं और 7,466 लोगों की इस खतरनाक वायरस के कारण मौत हुई है।
कोरोना वायरस
दुनिया में भी बदतर हो रही स्थिति
सिर्फ भारत ही नहीं, कोरोना वायरस दुनिया के बाकी देशों को भी तेजी से अपनी चपेट में लेता जा रहा है।
इसे देखते हुए विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने कहा कि दुनियाभर में कोरोना वायरस महामारी की स्थिति बिगड़ती जा रही है और किसी भी देश को अभी ढिलाई नहीं बरतनी चाहिए।
संगठन ने कहा कि यूरोप में स्थिति सुधर रही है, लेकिन यहां के देशों को पीछे छोड़ अब अमेरिकी देश कोरोना वायरस का नया केंद्र बन चुके हैं।