
ओमिक्रॉन के बढ़ते खतरे के बीच 10 राज्यों में टीमें भेजेगी केंद्र सरकार
क्या है खबर?
ओमिक्रॉन वेरिएंट के बढ़ते खतरे के बीच केंद्र सरकार ने उन 10 राज्यों में टीमें भेजने का फैसला किया है, जहां कोरोना वायरस के मामले बढ़ रहे हैं या वैक्सीनेशन की रफ्तार धीमी है।
केरल, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, बंगाल, मिजोरम, कर्नाटक, बिहार, झारखंड, पंजाब और उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य मंत्रालय की टीमें दौरा करेंगी।
इनमें से पंजाब और उत्तर प्रदेश ऐसे राज्य हैं, जहां आगामी महीनों में विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में यहां संक्रमण फैलने का खतरा ज्यादा है।
जानकारी
पांच दिनों तक राज्यों में रहेंगी टीमें
NDTV के अनुसार, केंद्र की ये टीमें पांच दिनों तक राज्य में रहकर स्थानीय प्रशासन के साथ टेस्टिंग और सर्विलांस बढ़ाने के लिए काम करेंगी। इनके अलावा ये टीमें वैक्सीनेशन अभियान, जीनोम सीक्वेंसिंग और मौजूदा स्वास्थ्य सुविधाओं का जायजा लेंगी।
स्वास्थ्य मंत्रालय ने ये टीमें स्थिति की समीक्षा कर समाधान सुझाएंगी और हर शाम सात बजे अपनी गतिविधियों की रिपोर्ट जमा करेंगी।
इससे पहले केंद्र ने ओमिक्रॉन के खतरे को देखते हुए राज्यों से कड़े कदम उठाने को कहा था।
कोरोना वायरस
इन राज्यों में सबसे ज्यादा सक्रिय मामले
केरल (26,265), महाराष्ट्र (12,108), बंगाल (7,466), कर्नाटक (7,280) और तमिलनाडु (6,798) ऐसे राज्य हैं, जहां कोरोना वायरस के सक्रिय मामलों की संख्या सबसे ज्यादा है।
दूसरी तरफ मिजोरम, बिहार और झारखंड में सक्रिय मामले कम हैं, लेकिन ओमिक्रॉन के खतरे के बीच वैक्सीनेशन की धीमी रफ्तार चिंता बढ़ा रही है।
इसी तरह पंजाब, केरल, महाराष्ट्र और बंगाल को भी केंद्र सरकार ने कुछ समय पहले पत्र लिखकर धीमे वैक्सीनेशन को लेकर चेताया था।
कोरोना संकट
राज्यों को जिलास्तर पर पाबंदियां लगाने के निर्देश
इसी सप्ताह केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने राज्यों को पत्र लिखकर स्थानीय परिस्थितियों का ध्यान रखते हुए जिलास्तर पर ही पाबंदियां लगाने, सभी जिलों पर कड़ी निगरानी रखने और स्थानीय डाटा का लगातार विश्लेषण करते रहने को कहा था।
राज्यों को किसी भी जिले में पॉजिटिविटी रेट 10 प्रतिशत से अधिक जाने या ऑक्सीजन सपोर्ट वाले 40 प्रतिशत से अधिक बेड भरने पर जिला स्तर पर कड़ी पाबंदियां लगाने का निर्देश भी दिया गया है।
कोरोना संकट
भारत में ओमिक्रॉन के 415 मामले
सरकारी आंकड़ों से पता चला है कि देश में 415 ओमिक्रॉन संक्रमितों में से 115 पूरी तरह ठीक हो चुके हैं।
महाराष्ट्र में अब तक इस वेरिएंट के 108, दिल्ली में 79, गुजरात में 43, तेलंगाना में 38, केरल में 37, तमिलनाडु में 34, कर्नाटक में 31, राजस्थान में 22, हरियाणा, आंध्र प्रदेश और ओडिशा में 4-4, जम्मू-कश्मीर और बंगाल में 3-3, उत्तर प्रदेश में दो और चंडीगढ़, लद्दाख और उत्तराखंड में एक-एक मामला दर्ज हुआ है।
कोरोना वायरस
केवल वैक्सीनेशन नहीं रोक सकता महामारी- सरकार
भारत में ओमिक्रॉन वेरिएंट से संक्रमित पाए गए मरीजों में 183 के विश्लेषण से पता चला है कि 90 प्रतिशत को वैक्सीन की दोनों खुराकें लगी हुई थीं।
इसे लेकर केंद्र सरकार ने कहा कि महामारी से बचने के लिए केवल वैक्सीनेशन पर्याप्त नहीं है और मास्क का इस्तेमाल और सर्विलांस संक्रमण की श्रृंखला तोड़ने के लिए जरूरी है।
सरकार ने कहा कि घरों में ओमिक्रॉन फैलने का खतरा डेल्टा से अधिक है इसलिए लोगों को सतर्क रहना होगा।