
सीमा पर तनाव खत्म करने के लिए राजी हुए असम और नागालैंड, समझौते पर किए हस्ताक्षर
क्या है खबर?
मिजोरम के साथ चल रहे गंभीर सीमा विवाद को बीच असम सरकार ने नागालैंड के साथ चल रहे सीमा विवाद को खत्म करने का ऐलान किया है।
दोनों राज्य सीमा विवाद को लेकर विवादित क्षेत्रों में तैनात अपनी-अपनी पुलिस को पीछे हटाने पर राजी हो गए हैं।
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने शनिवार को खुद इसकी घोषणा की है। इससे पहले दोनों राज्यों के मुख्य सचिवों ने तनाव कम करने के समझौतों पर हस्ताक्षर किए थे।
विवाद
असम और नागालैंड के बीच भी है पुराना सीमा विवाद
असम और नागालैंड 512.1 किलोमीटर की सीमा साझा करते हैं। दोनों राज्यों के बीच साल 1965 से सिवासागर, जोरहाट, गोलाघाट और कार्बी आंगलॉन्ग में स्थित 12,883 वर्ग किलोमीटर जमीन को लेकर विवाद है।
नागालैंड इस जमीन पर अपना दावा करता है, लेकिन असम इस पर शुरू से अपना अधिकार बताता रहा है।
इस विवाद में अब तक कई लोगों की जाने जा चुकी है। असम का आरोप है कि नागालैंड ने 660 वर्ग किलोमीटर जमीन पर अतिक्रमण कर रखा है।
ताजा विवाद
गत 29 जून को सामने आया था ताजा विवाद
बता दें कि गत 29 जून को असम पुलिस ने सीमा से अतिक्रमण हटाने के लिए नागालैंड के मोकोकचुंग जिले में त्ज़ुरंगकोंग रेंज के विकुतो गांव के पास अपना शिविर स्थापित करने का प्रयास किया था। यह क्षेत्र असम के जोरहाट जिले में मरियानी के पास है।
नागालैंड ने इस शिविर का विरोध किया था और अपना पुलिस बल तैनात कर दिया था। उसके बाद से दोनों राज्यों की पुलिस के आमने-सामने होने से तनाव की स्थिति बनी हुई थी।
वार्ता
समस्या समाधान के लिए हुई कई दौर की वार्ता
इस मामले का समाधान निकालने के लिए असम और नागालैंड सरकार के मंत्री और अधिकारियों के बीच कई दौर की वार्ता हुई थी।
गत शुक्रवार को नागालैंड के उपमुख्यमंत्री वाई पैटन ने त्ज़ुरंगकोंग क्षेत्र का दौरा कर विभिन्न संगठनों से वार्ता भी की थी।
उपमुख्यमंत्री के आश्वासन के बाद भी नागालैंड की पुलिस पीछे नहीं हटी। इसके बाद उपमुख्यमंत्री ने समझौते के बाद भी असम द्वारा अपनी पुलिस को पीछे नहीं हटाने को जिम्मेदार ठहराया था।
समझौता
दोनों राज्यों के मुख्य सचिवों ने किए समझौते पर हस्ताक्षर
मामले में दोनों राज्यों के मुख्य सचिवों के बीच शनिवार को फिर से समझौता वार्ता हुई थी। इसमें दोनों सचिवों ने सीमा पर बने तनाव को खत्म करने का निर्णय किया।
इसमें कहा कि दोनों राज्य आपस में 512.1 किलोमीटर लंबी सीमा साझा करते हैं और वह भविष्य में टकराव वाली स्थिति से दूर रहने का प्रयास करेंगे।
इसके बाद दोनों मुख्य सचिवों ने तनाव वाले क्षेत्र से अपनी-अपनी पुलिस को पीछे हटाने के लिए समझौते पर हस्ताक्षर कर दिए।
बयान
मुख्यमंत्री सरमा ने ट्वीट कर दी समझौते की जानकारी
इस संबंध में असम के मुख्यमंत्री सरमा ने ट्वीट किया, 'असम-नागालैंड सीमा पर तनाव कम करने की दिशा में बड़ी सफलता के रूप में, दोनों मुख्य सचिवों ने सीमावर्ती स्थानों से अपनी सेना हटाकर आधार शिविरों में वापस लेने का समझौता किया है।'
पृष्ठभूमि
मिजोरम के साथ पहले ही सीमा विवाद से जूझ रहा है असम
बता दें कि इस समय असम पड़ोसी राज्य मिजोरम के साथ सीमा विवाद से जूझ रहा है। गत दिनों मिजोरम के कछार जिले के लैलापुर में असम और मिजोरम पुलिस बलों के बीच खूनी संघर्ष देखने को मिला था।
इसमें असम पुलिस के पांच जवान शहीद हो गए थे और एक स्थानीय व्यक्ति की मौत हो गई थी।
इसको लेकर धोलाई थाने में मामला दर्ज किया गया है। इतना ही नहीं मामले में केंद्र को भी हस्तक्षेप करन पड़ा था।