
कंगना रनौत ही नहीं, ये अभिनेत्रियां भी रख चुकीं राजनीति में कदम; खूब कमाया नाम
क्या है खबर?
फिल्मी दुनिया के कई सितारे हैं, जिन्होंने इंडस्ट्री में काम करते हुए और अपने एक्टिंग करियर के बाद राजनीति की दुनिया में कदम रखा।
इस फेहरिस्त में नया नाम अभिनेत्री कंगना रनौत का जुड़ा है, जिन्हें हिमाचल प्रदेश की मंडी लोकसभा सीट से टिकट दिया गया है। कुछ अभिनेत्रियों ने अभिनय जगत के साथ-साथ सियासत में भी अपनी एक अलग छाप छोड़ी है।
आइए राजनीति में अपना दमखम दिखा चुकीं उन्हीं अभिनेत्रियों के बारे में जानें।
#1
हेमा मालिनी
बॉलीवुड की 'ड्रीम गर्ल' हेमा मालिनी आज भले ही फिल्मों से दूर हो गई हैं, लेकिन वह समाज कल्याण में अपना खूब योगदान देती हैं।
हेमा 2004 में भाजपा के साथ जुड़ी थीं। वह भारतीय जनता पार्टी का जाना-माना चेहरा हैं। इस बार हेमा उत्तरप्रदेश की मथुरा संसदीय सीट से भाजपा की प्रत्याशी हैं।
हेमा राजनीति में नहीं आना चाहती थीं, लेकिन अपने को-स्टार और दोस्त विनोद खन्ना के कहने पर उन्होंने राजनीति में कदम रखने का फैसला किया।
#2
जया बच्चन
जया बच्चन ने भी इंडस्ट्री में खूब नाम कमाया है। आज भी लोग उनकी फिल्में देखना काफी पसंद करते हैं। जया को पिछली बार करण जौहर की फिल्म रॉकी और रानी की प्रेम कहानी में देखा गया था।
2004 में उन्होंने समाजवादी पार्टी के जरिए राजनीति में कदम रखा। वह अब तक कई बार राज्यसभा सांसद बन चुकी हैं। जया अपने बेबाक अंदाज के लिए जानी जाती हैं, किसी भी मुद्दे पर बोलने पर वह जरा भी हिचकिचाती नहीं हैं।
#3 और #4
जया प्रदा और जयललिता
जया प्रदा 1994 में तेलगु देशम पार्टी से जुड़ी थीं। फिर वह समाजवादी पार्टी में शामिल हो गईं। जया रामपुर सीट से चुनाव लड़ीं और जीतीं। हालांकि, फिर पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त पाए जाने के चलते पार्टी से निष्कासित कर दिया गया। जया 2014 में राष्ट्रीय लोकदल पार्टी से जुड़ीं और फिर भाजपा में शामिल हो गईं।
उधर जयललिता तमिलनाडु की मुख्यमंत्री रहीं। उन्हें आम जनता का इतना प्यार मिला कि तमिलनाडु के लोग उन्हें 'अम्मा' कहकर पुकारने लगे।
#5 और #6
स्मृति ईरानी और किरण खेर
स्मृति ईरानी 2003 में भापजा से जुड़ी थीं। राजनीति जगत में भी वह लगातार सफलता की सीढ़ियां चढ़ती चली गईं। 2019 में भाजपा ने उन्हें राहुल गांधी के खिलाफ अमेठी से आम चुनाव में उतारा, जहां कांग्रेस का किला ध्वस्त करते हुए उन्होंने राहुल को उन्हीं के गढ़ में मात दी।
दूसरी ओर किरण खेर 2009 में भाजपा से जुड़ीं थीं। 2014 में उन्होंने चंडीगढ़ से लोकसभा चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। उनका राजनीतिक करियर भी सफल रहा है।