
बजट में बढ़ेगा स्वास्थ्य क्षेत्र का आवंटन? बीमे को लेकर मिल सकती है बड़ी राहत
क्या है खबर?
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 23 जुलाई को वित्त वर्ष 2024-25 का पूर्ण बजट पेश करने जा रही हैं।
इस बजट से स्वास्थ्य क्षेत्र को बहुत उम्मीदें हैं, क्योंकि अतंरिम बजट में सरकार ने इस क्षेत्र का आवंटन बढ़ाया था। सरकार ने संकेत दिए थे कि वो स्वास्थ्य क्षेत्र को बेहतर बनाने पर ध्यान देगी।
ऐसे में उम्मीद लगाई जा रही है कि बजट में स्वास्थ्य को लेकर बड़ी घोषणा की जा सकती है।
स्वास्थ्य बीमा
स्वास्थ्य बीमे को लेकर हो सकती है घोषणा
इकोनॉमिक टाइम्स के मुताबिक, बजट में स्वास्थ्य बीमा के प्रीमियम के लिए आयकर अधिनियम 1961 की धारा 80D के तहत कटौती की सीमा को बढ़ाया जा सकता है। फिलहाल ये 25,000 रुपये है।
आखिरी बार 2015 में इसे 15,000 रुपये से बढ़ाकर 25,000 किया गया था।
धारा 80D में 60 वर्ष से कम आयु के व्यक्ति अपने, अपने जीवनसाथी और बच्चों के लिए भुगतान किए गए स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम पर 25,000 रुपये तक की कटौती का दावा कर सकते हैं।
दिहाड़ी मजदूर
दिहाड़ी मजदूरों को मिल सकता है स्वास्थ्य बीमा का लाभ
ई-कॉमर्स और निर्माण जैसे असंगठित क्षेत्रों में काम करने वाले दिहाड़ी मजदूरों को स्वास्थ्य और दुर्घटना बीमा का लाभ मिल सकता है।
इसके लिए बजट में सरकार सामाजिक सुरक्षा कोष बनाने की घोषणा कर सकती है। इस कोष में कर्मचारी, कंपनी और सरकार योगदान करेंगे, जिसका इस्तेमाल दुर्घटना और स्वास्थ्य बीमा कवर देने के लिए होगा।
इसके अलावा इसी कोष से सेवानिवृत्ति लाभ और दूसरी सुविधा भी मिल सकती है।
आवंटन
स्वास्थ्य क्षेत्र का आवंटन बढ़ने की उम्मीद
भारत फिलहाल अपने सकल घरेलू उत्पाद (GDP) का करीब 2 प्रतिशत ही स्वास्थ्य क्षेत्र पर खर्च करता है। विशेषज्ञ इसे बढ़ाकर 3 प्रतिशत करने की मांग कर रहे हैं।
यशोदा सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल के डॉक्टर. पीएन अरोड़ा ने कहा, "बजट में स्वास्थ्य देखभाल के लिए GDP का 2.5 से 3.5 प्रतिशत आवंटित करने का लक्ष्य होना चाहिए। इससे हम देश में सार्वभौमिक स्वास्थ्य बीमा कवरेज की ओर बढ़ सकेंगे।"
मांग
विशेषज्ञों की क्या है मांग?
एसोसिएशन ऑफ हेल्थकेयर प्रोवाइडर्स इंडिया (AHPI) के महानिदेशक डॉक्टर गिरधर ज्ञानी ने कहा, "उभरते स्वास्थ्य खतरों से निपटने और सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज हासिल करने के लिए सरकारी खर्च में वृद्धि जरूरी है। सरकार को स्वच्छता, स्वच्छ पेयजल और पोषण पर ध्यान केंद्रित करते हुए स्वस्थ भारत के निर्माण के लिए एक व्यापक दृष्टिकोण को प्राथमिकता देनी चाहिए।"
अपोलो हॉस्पिटल्स ग्रुप की प्रबंध निदेशक सुनीता रेड्डी ने कहा, "एक मजबूत स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र हमारी रणनीति के केंद्र में होना चाहिए।"
अंतरिम बजट
अंतरिम बजट में स्वास्थ्य को लिए क्या था?
फरवरी में पेश किए गए अंतरिम बजट में वित्त मंत्री ने 2024-25 के लिए स्वास्थ्य क्षेत्र को 90,171 करोड़ रुपये आवंटित किए थे। ये पिछले बजट में 80.517 करोड़ रुपये थे।
इसके अलावा अंतरिम बजट में 15 वर्ष से अधिक आयु की लड़कियों के लिए गर्भाशय ग्रीवा कैंसर के टीकाकरण को बढ़ावा देने के लिए पहल की गई थी।
आयुष्मान भारत योजना के लिए आवंटन 7,200 करोड़ से बढ़ाकर 7,500 करोड़ रुपये किया गया था।