
आजादी के 77 सालों में 3 बार प्रधानमंत्री ने पेश किया बजट, जानिए क्या था कारण
क्या है खबर?
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 23 जुलाई को वित्त वर्ष 2024-25 के लिए पूर्ण बजट पेश करने वाली है।
यह उनका वित्त मंत्री के रूप में 7वां पूर्ण बजट होगा। इसके साथ ही वह सर्वाधिक पूर्ण बजट पेश करने वाली वित्त मंत्री बन जाएंगी, लेकिन क्या आप जानते हैं देश की आजादी के 77 सालों के इतिहास में 3 बार प्रधानमंत्री भी बजट पेश कर चुके हैं।
आइए जानते हैं ये 3 प्रधानमंत्री कौन हैं और उन्होंने ऐसा क्यों किया था।
#1
बजट पेश करने वाले पहले प्रधानमंत्री हैं जवाहरलाल नेहरू
वित्त वर्ष 1958-59 का बजट तत्कालीन प्रधानमंत्री पं जवाहरलाल नेहरू ने संसद में पेश किया था। वह बजट पेश करने वाले पहले प्रधानमंत्री थे।
दरअसल, उस समय टीटी कृष्णामाचारी देश के वित्त मंत्री थे, लेकिन मुद्रा घोटाले में उनका नाम सामने आने पर उन्हें अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा था।
उस स्थिति में प्रधानमंत्री नेहरू ने वित्त मंत्री का प्रभार भी खुद ले लिया था और फिर उस वित्त वर्ष का बजट पेश किया था।
जानकारी
देश में लगाया गया था 'गिफ्ट टैक्स'
प्रधानमंत्री नेहरू ने उस बजट में 10,000 रुपये से ज्यादा संपत्ति के ट्रांसफर पर गिफ्ट टैक्स का प्रावधान किया था। उसमें एक छूट यह भी थी कि पत्नी को 1 लाख रुपये तक के गिफ्ट देने पर टैक्स नहीं लगेगा। इसे 'गिफ्ट टैक्स' कहा गया।
#2
बजट पेश करने वाली दूसरी प्रधानमंत्री बनी थी इंदिरा गांधी
साल 1970 में प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की सरकार थी। उस दौरान मोरारजी देसाई उपप्रधानमंत्री होने के साथ वित्त मंत्रालय की जिम्मेदारी भी संभाल रहे थे।
इंदिरा गांधी के प्रधानमंत्री बनने से वह पार्टी के भीतर बगावत पर उतर आए थे। इसको गंभीरता से लेते हुए कांग्रेस ने उन्हें 12 नवंबर, 1969 को उन्हें पार्टी से ही बाहर कर दिया था।
उसके बाद इंदिरा गांधी ने वित्त मंत्रालय संभाला और 28 फरवरी, 1970 को पहली और आखिरी बार बजट पेश किया।
जानकारी
EPF को लेकर हुई थी बड़ी घोषणा
प्रधानमंत्री ने उस बजट में कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) में कर्मचारी के 8 प्रतिशत हिस्से और संस्था की भागीदारी के अलावा सरकारी सहयोग का ऐलान किया था। जिसके तहत कर्मचारी की मौत के बाद फैमिली पेंशन के रूप में एककमुश्त राशि परिवार को दी जाएगी।
#3
बजट पेश करने वाले तीसरे और आखिरी प्रधानमंत्री थे राजीव गांधी
वित्त वर्ष 1987-88 का बजट तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने संसद में पेश किया था।
उस दौरान वित्त मंत्री की जिम्मेदारी वीपी सिंह के कंधों पर थी। हालांकि, उस कार्यकाल में सिंह का प्रधानमंत्री से विवाद हो गया था।
लगातार बढ़ते विवाद और पार्टी के दबाव में आकर सिंह ने बजट से कुछ समय पहले जनवरी, 1987 अपने पद से इस्तीफा दे दिया था।
उसके बाद प्रधानमंत्री राजीव ने वित्त मंत्रालय को अपने पास रखते हुए बजट पेश किया था।
जानकारी
पहली बार लागू हुआ था कॉरपोरेट टैक्स
राजीव गांधी ने उस बजट में पहली बार कॉरपोरेट टैक्स लागू किया था। इसे मिनिमम ऑल्टरनेट टैक्स भी कहा जाता है। इसी तरह विदेशी यात्रा के लिए भारत में जारी होने वाले फॉरेन एक्सचेंज पर 15 प्रतिशत की दर से टैक्स का प्रावधान किया था।
सर्वाधिक
संसद में किसके नाम है सर्वाधिक बजट पेश करने का रिकॉर्ड?
वर्तमान में पूर्व प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई के नाम संसद के इतिहास में सबसे अधिक 10 बजट पेश करने का रिकॉर्ड है।
उनके बाद पी चिदंबरम (9) और प्रणब मुखर्जी (8) हैं। हालांकि, देसाई ने अपने कार्यकाल में 6 पूर्ण और 4 अंतरिम बजट ही पेश किए थे।
ऐसे में जब वित्त मंत्री सीतारमण 23 जुलाई को बजट पेश करेंगी तो यह उनका 7वां पूर्ण बजट होगा और वह सबसे ज्यादा पूर्ण बजट पेश करने वाली वित्त मंत्री बन जाएंगी।