
पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की SPG सुरक्षा खत्म, गृह मंत्रालय ने समीक्षा के बाद लिया फैसला
क्या है खबर?
गृह मंत्रालय ने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को मिली हुई SPG सुरक्षा हटा दी है।
इसके बदले उन्हें केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) का सुरक्षा दी गई है। उनकी सुरक्षा का स्तर Z+ ही रहेगा।
मंत्रालय का कहना है कि उसने ये फैसला सभी एजेंसियों के इनपुट के बाद किए गए मूल्यांकन के बाद किया गया है।
बता दें कि SPG सुरक्षा शीर्ष स्तर की सुरक्षा होती है, जो केवल चुनिंदा लोगों को ही मिलती है।
खतरों का मूल्यांकन
वार्षिक समीक्षा में लिया गया फैसला
NDTV के सूत्रों के अनुसार, SPG सुरक्षा कवर की वार्षिक समीक्षा के तहत मनमोहन सिंह को SPG की बजाय CRPF की सुरक्षा प्रदान करने का फैसला लिया गया है।
गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने मामले पर कहा, "सुरक्षा कवर की समीक्षा करना एक पेशेवर प्रक्रिया है जो पूरी तरह सुरक्षा एजेंसियों के मूल्यांकन पर आधारित होती है। डॉ मनमोहन सिंह का Z+ सुरक्षा कवर जारी रहेगा।"
पहले भी कई पूर्व प्रधानमंत्रियों की SPG सुरक्षा हटाई जा चुकी हैं।
जानकारी
मनमोहन को फैसले से समस्या नहीं
NDTV की रिपोर्ट के अनुसार, 2004 से 2014 तक दस साल देश के प्रधानमंत्री रहे मनमोहन के करीबी सूत्रों का कहना है कि वह निजी तौर पर अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित नहीं हैं और उन्हें सरकार के फैसले से कोई दिक्कत नहीं है।
SPG सुरक्षा
क्या होती है SPG सुरक्षा?
SPG देश के शीर्ष स्तरीय सुरक्षा बल हैं जिनका काम चुनिंदा व्यक्तियों खासकर प्रधानमंत्रियों और पूर्व प्रधानमंत्रियों को सुरक्षा प्रदान करना है।
SPG में कुल 3,000 जवान हैं। इंदिरा गांधी की हत्या के बाद 1985 में प्रधानमंत्री की सुरक्षा के लिए इसका गठन किया गया था।
1991 में राजीव गांधी की हत्या के बाद SPG कानून में संशोधन करते हुए पूर्व प्रधानमंत्रियों और उनके परिजनों को भी 10 साल तक सुरक्षा प्रदान करने का प्रावधान जोड़ा गया था।
सुरक्षा कवर
अब प्रधानमंत्री सहित चार व्यक्तियों के पास SPG सुरक्षा
साल 2003 में अटल बिहारी वाजपेयी सरकार ने इस कानून में संशोधन करते हुए सुरक्षा की अवधि 10 साल से घटाकर एक साल कर दी।
इसके बाद SPG सुरक्षा जारी रखनी है या नहीं, इसका फैसला केंद्र सरकार पर छोड़ा गया।
मनमोहन की SPG सुरक्षा हटने के बाद अब देश में केवल चार व्यक्तियों के पास SPG सुरक्षा रह गई है।
इनमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी शामिल हैं।
पहले के मामले
पहली बार नहीं हटी किसी पूर्व प्रधानमंत्री की SPG सुरक्षा
ये पहली बार नहीं है जब किसी पूर्व प्रधानमंत्री की SPG सुरक्षा खत्म की गई है।
दो दशक पहले दो पूर्व प्रधानमंत्रियों एचडी देवगौड़ा और वीपी सिंह की SPG सुरक्षा को भी हटाया गया था।
हालांकि अटल बिहारी वाजपेयी के पास ये सुरक्षा 2018 में उनके देहांत तक रही।
मनमोहन के परिवार की बात करें तो उनकी बेटियों ने 2014 में कांग्रेस के हारने के बाद ही SPG सुरक्षा छोड़ दी थी।