
कार में नहीं लगा यह डिवाइस तो नहीं मिलेगा टैक्सी परमिट, जानिए क्या आता है काम
क्या है खबर?
आप कार को टैक्सी के रूप में इस्तेमाल करने के लिए व्यावसायिक रजिस्ट्रेशन कराने की सोच रहे हैं तो आपके लिए यह जान लेना जरूरी है कि इसमें एक डिवाइस लगा होना बेहद जरूरी है।
इसके बिना गाड़ी को टैक्सी का परमिट नहीं मिलेगा। यह पैनिक बटन या व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस (VLTD) होता है।
यह नहीं लगा होने पर क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (RTO) से गाड़ी का कमर्शियल रजिस्ट्रेशन नहीं होगा।
आइये जानते हैं VLTD या पैनिक बटन क्या है।
नियम
कब लागू हुआ नियम?
दिल्ली में हुए निर्भया गैंगरेप के बाद सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने अप्रैल, 2018 से सार्वजनिक सेवा वाहनों में व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस और एक या एक से अधिक पैनिक बटन लगाने का नियम बनाया।
इसका उद्देश्य टैक्सी या सार्वजनिक परिवहन साधनों में महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
जनवरी, 2019 से पंजीकृत होने वाले सभी वाहनों में इसे लगाना अनिवार्य कर दिया गया, लेकिन राज्य सरकारों को इसे लागू करने में काफी समय लगा।
उपयोग
क्या है इनका उपयोग?
टैक्सी में कम से कम 2 स्थानों पर लाल रंग के बटन लगे हाेते हैं, जिन पर SOS लिखा होता है, इन्हीं को पैनिक बटन कहा जाता है।
इन्हें यात्री किसी भी आपाता स्थिति में दबा सकते हैं, जिससे उनकी सूचना नजदीकी थाने तक पहुंच जाएगी और उन्हें तत्काल सहायता मिल सकेगी।
दूसरी तरफ VLTD से टैक्सी की लोकेशन का पता लगाया जा सकता है। इसकी मदद से परेशानी में फंसे यात्री तक पहुंचना आसान होता है।