
#NewsBytesExplainer: अफगानिस्तान में आज भूकंप से 14 मौतें, यहां बार-बार क्यों आते हैं झटके?
क्या है खबर?
अफगानिस्तान में शनिवार दोपहर को 6.3 तीव्रता का भूकंप आया है। इस भूकंप की चपेट में आकर अब तक 14 लोगों की मौत हो गई है और 78 लोग घायल हुए हैं।
बताया जा रहा है कि इस भूकंप का केंद्र हेरात शहर से 40 किलोमीटर दूर उत्तर-पश्चिम में था। इस तेज भूकंप के बाद यहां अलग-अलग तीव्रता के 5 झटके भी महसूस किए गए हैं।
आइए जानते हैं कि क्यों अफगानिस्तान में बार-बार विनाशकारी भूकंप आते हैं।
भूकंप
सबसे पहले जानें कि भूकंप आते ही क्यों हैं?
धरती के नीचे मौजूद टेक्टॉनिक प्लेटों में हलचल के कारण भूकंप आते हैं। इसके अलावा ज्वालामुखी फटने और परमाणु हथियारों की टेस्टिंग भी भूकंप ला सकती है।
भूकंप की तीव्रता को रिक्टर स्केल पर मापा जाता है और इसका अंदाजा भूकंप के केंद्र से निकलने वाली तरंगों से लगता है। भूकंप का केंद्र सतह से जितना नीचे होगा, तबाही भी उतनी ही कम होगी।
दुनिया के कई क्षेत्र संवेदनशील हिस्से में पड़ते हैं और वहां अक्सर भूकंप आते रहते हैं।
भूकंप
क्यों अफगानिस्तान में बार-बार आते हैं भूकंप?
अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के मुताबिक, हिमालयी क्षेत्र भूकंप के लिहाज से अतिसंवेदनशील है और यह अफगानिस्तान की हिंदू कुश पहाड़ियों से लेकर अरुणाचल प्रदेश तक फैला हुआ है।
अफगानिस्तान में अधिक भूकंप आने के पीछे का कारण है कि यह देश कई 'फॉल्ट लाइन' के शीर्ष पर स्थित है।
फॉल्ट लाइन का आशय उस हिमालयी क्षेत्र से है, जहां भारतीय और यूरेशियाई टेक्टॉनिक प्लेटें आपस में जुड़ी हैं, जिनमें हलचल होने के कारण अक्सर भूकंप आते रहते हैं।
अफगानिस्तान
एक दशक में भूकंप से 7,000 लोगों की मौत
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पिछले एक दशक में अफगानिस्तान में भूकंप की चपेट में आकर 7,000 से अधिक लोग मारे गए हैं। भूकंप से हर साल यहां औसतन 580 लोगों की मौत होती है।
जून, 2022 में अफगानिस्तान में 6.1 तीव्रता का विनाशकारी भूकंप आया था, जिसमें 1,000 से अधिक लोग मारे गए। उस वक्त इस भूकंप की चपेट में आकर हजारों लोग घायल हो गए थे, जबकि कई इमारतें जमींदोज हो गई थी।
भूकंप
अफगानिस्तान और कब-कब आए विनाशकारी भूकंप?
साल 2015 में अफगानिस्तान और हिंदू कुश क्षेत्र में 7.5 तीव्रता वाले भूकंप में 399 लोग मारे गए। यह भूकंप 1,400 किलोमीटर दूर चीन के शिनजियांग प्रांत तक महसूस किया गया था।
इससे पहले मार्च 2002 में अफगानिस्तान में लगातार दो भूकंपों से 1,100 से अधिक लोग मारे गए थे, जबकि मई, 1998 में उत्तरी अफगानिस्तान के तखर और बदख्शां प्रांतों में आये भूकंप में लगभग 4,000 लोग की मौत हो गई थी।
खतरा
अफगानिस्तान में आए भूकंपों से भारत को कितना खतरा?
हिंदू कुश की पहाड़ियों में आए भूकंप के झटके कई बार उत्तरी भारत के कई इलाकों में महसूस किए जाते हैं।
भू-वैज्ञानिकों का कहना है कि अफगानिस्तान में आए 6 से अधिक तीव्रता के भूकंपों से भारत में ज्यादा नुकसान होने की संभावना कम है।
साल 2022 में इसी तरह का 6.1 तीव्रता का भूकंप हिंदू कुश की पहाड़ियों के बहुत करीब आया था, जिसे पाकिस्तान समेत उत्तरी भारत के अधिकांश हिस्सों में महसूस किया गया था।
प्लस
न्यूजबाइट्स प्लस (जानकारी)
USGS पूरे विश्व में आए भूकंपों की गणना करता है, जो साल 1900 से दुनिया में आए भूकंपों को रिकॉर्ड करता आ रहा है।
संस्था के अनुसार, हर साल दुनिया में औसतन 16 बड़े भूकंप आते हैं, जिनकी तीव्रता 7 या उससे अधिक होती है।
इस साल फरवरी में तुर्की में सीरियाई सीमा के पास 7.8 तीव्रता का विनाशकारी भूकंप आया था, जिसकी चपेट में आकर दोनों देशों में 45,000 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी।