
पाकिस्तान: कौन हैं उमर अयूब, जिन्हें इमरान खान की PTI ने बनाया प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार?
क्या है खबर?
पाकिस्तान में आम चुनाव खत्म हुए एक हफ्ता होने को है, लेकिन अभी तक सरकार का गठन नहीं हुआ है।
इस बीच पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) ने भी प्रधानमंत्री पद के लिए अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया है।
PTI ने प्रधानमंत्री के लिए उमर अयूब का नाम आगे किया है। इससे पहले पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (PML-N) ने शहबाज शरीफ को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किया था।
उमर
कौन हैं उमर अयूब?
26 जनवरी, 1970 में जन्मे उमर पाकिस्तान के दूसरे राष्ट्रपति रहे जनरल मोहम्मद अयूब खान के पोते हैं। अयूब को राजनीति विरासत में मिली है। उनके पिता गौहर खान भी पाकिस्तान नेशनल असेंबली के स्पीकर और सरकार में मंत्री पद पर रहे हैं।
उमर ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा पाकिस्तान में ही प्राप्त की और उच्च शिक्षा के लिए विदेश चले गए। उन्होंने अमेरिका के वॉशिंटगन स्थित जॉर्ज वॉशिंगटन विश्वविद्यालय से पढ़ाई की है।
राजनीति
कैसे हुई राजनीति में एंट्री?
उमर ने पिता के नक्शेकदम पर चलते हुए साल 2002 में राजनीति में कदम रखा था। तब उन्होंने PML(Q) के टिकट पर हरिपुर से चुनाव जीता था। बाद में उन्हें शौकत अजीज के मंत्रिमंडल में वित्त राज्य मंत्री का पद भी मिला।
इसके बाद 2008 और 2013 के चुनावों में उमर को हार मिली। 2014 में हरिपुर सीट पर हुए उपचुनाव में उमर को जीत मिली थी, लेकिन वे अगले ही साल अयोग्य घोषित कर दिए गए।
इमरान
इमरान के साथ कैसे जुड़े उमर?
अयोग्य घोषित किए जाने के बाद 2018 के चुनावों से ठीक पहले उमर ने PTI का हाथ थाम लिया और हरिपुर सीट से फिर जीत दर्ज की। इसके बाद प्रधानमंत्री बने इमरान ने उन्हें मंत्रिमंडल में जगह दी और ऊर्जा विभाग का मंत्री बनाया।
अप्रैल, 2019 में मंत्रिमंडल में फेरबदल के बाद उमर को पेट्रोलियम मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार दिया गया। 2021 से 2022 तक वे आर्थिक मामलों के मंत्री भी रहे।
चुनाव
चुनावों में किसी पार्टी को नहीं मिला स्पष्ट बहुमत
पाकिस्तान के आम चुनावों में किसी भी पार्टी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला है। जेल में बंद इमरान की PTI समर्थित 93 उम्मीदवारों को जीत मिली है।
इसके बाद नवाज शरीफ की PML-N को 75 और बिलावल भुट्टो की पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (PPP) को 54 सीटें मिली हैं। खबर है कि PPP और PML-N मिलकर गठबंधन सरकार बना सकते हैं।
बता दें कि सरकार बनाने के लिए बहुमत का आंकड़ा 134 है।