
इमरान खान ने महिलाओं के साथ रेप के पीछे छोटे कपड़ों को जिम्मेदार ठहराया, विवाद शुरू
क्या है खबर?
पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान रेप की घटनाओं को महिलाओं के कपड़ों से जोड़ने वाला बयान देकर फिर विवादों में घिर गए हैं।
एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि अगर कोई महिला बहुत कम कपड़े पहनती है तो पुरुषों पर इसका असर होगा ही। इस बयान के बाद विपक्षी पार्टियां और लोग उनकी आलोचना कर रहे हैं।
बता दें, इमरान खान इससे पहले भी बॉलीवुड, छोटे कपड़ों और पश्चिमी सभ्यता को रेप का कारण बता चुके हैं।
बयान
इमरान खान ने क्या कहा?
एक इंटरव्यू में सवाल का जवाब देते हुए इमरान खान ने कहा, "अगर एक महिला बहुत कम कपड़े पहन रही है तो इसका पुरुषों पर असर होगा ही, अगर वो रोबोट नहीं है तो। यह कॉमन सेंस है।"
जब उनसे पूछा गया है कि क्या छोटे कपड़े यौन कार्यों के लिए उकसाते हैं तो उन्होंने कहा कि यह समाज पर निर्भर करता है। अगर किसी समाज ने ऐसी चीजें नहीं देखी है तो उन पर इसका असर होगा।
प्रतिक्रिया
बयान की हो रही आलोचना
इस बयान वाले वीडियो को ट्वीट करते हुए इंटरनेशल कमीशन ऑफ ज्यूरिस्ट (ICJ) के साथ जुडीं कानूनी सलाहकार रीमा ओमार ने लिखा कि यह निराशाजनक और घिनौना है कि प्रधानमंत्री इमरान खान पाकिस्तान में बढ़ रही यौन हिंसा की घटनाओं के लिए पीड़िताओं को ही दोषी ठहरा रहे हैं।
हालांकि, उनके इस बयान पर इमरान खान के लिए काम करने वाले डॉ अर्सलान खालिद ने कहा कि बयान को तोड़मरोड़ कर पेश किया गया है।
जानकारी
पहले भी ऐसा बयान दे चुके हैं इमरान खान
इमरान खान इससे पहले अप्रैल में भी ऐसा ही एक बयान दे चुके हैं। इसमें उन्होंने कहा था कि यौन हिंसाओं की घटनाओं का कारण 'बढ़ती अश्लीलता' है और यह पश्चिम, भारत और हॉलीवुड फिल्मों से आई है।
तब उन्होंने कहा था कि महिलाओं को पर्दा रखना चाहिए और पुरुषों को 'ललचाने' से बचना चाहिए क्योंकि हर किसी के पास इच्छा शक्ति नहीं होती।
खान ने कहा था कि पाकिस्तानी लोगों को अश्लीलता पर काबू पाने में मदद करनी चाहिए।
पाकिस्तान
रेप के दोषियों को सजा मिलने की दर बेहद कम
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, पाकिस्तान में हर दिन रेप के 11 मामले दर्ज होते हैं। पिछले कुछ सालों में पुलिस के पास 22,000 मामलों की शिकायत पहुंची है, लेकिन यहां पीड़िताओं को न्याय मिलने की राह बहुत कठिन है।
आंकड़े बताते हैं कि रेप के मामले में दोषियो को सजा होने की दर 0.3 प्रतिशत है।
पिछले साल पाकिस्तानी सरकार ने ट्रायल की स्पीड तेज करने के लिए एक अध्यादेश पारित किया था।