
दुनियाभर में कोरोना वायरस संक्रमितों की संख्या 30 लाख पार, जानिए किस गति से बढ़े मामले
क्या है खबर?
दुनियाभर में कोरोना वायरस का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है और इससे संक्रमित होने वाले लोगों की संख्या लगातार तेजी से बढ़ रही है।
आज इससे संक्रमित लोगों की संख्या 30 लाख से अधिक हो गई। इनमें से लगभग 2.08 लाख लोगों को इसके कारण अपनी जान गंवानी पड़ी है।
इस बीच ठीक हो रहे मरीजों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है और अब तक लगभग 8.79 लाख मरीज ठीक हो चुके हैं।
पृष्ठभूमि
दिसंबर में सामने आया पहला मामला, एक लाख संक्रमितों तक पहुंचने में लगे तीन महीने
कोरोना वायरस का पहला मामला पिछले साल दिसंबर में चीन के वुहान में सामने आया था। चीन ने 31 दिसंबर को पहली बार विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) को इसकी जानकारी दी और 12 जनवरी को WHO ने दुनिया को इसके बारे में बताया।
11 मार्च को इसे WHO की तरफ से महामारी घोषित किया गया।
WHO के अनुसार, कोरोना वायरस के पहले एक लाख मामले सामने आने में तीन महीने से अधिक का समय लगा था।
संक्रमण में तेजी
20 लाख से 30 लाख पहुंचने में लगे मात्र 12 दिन
इसके बाद जैसे-जैसे ये कोरोना वायरस अन्य देशों में पैर पसारता गया, वैसे-वैसे इसके बढ़ने की गति तेज होती गई।
जहां पहले एक लाख मामले सामने आने में तीन महीने का समय लगा था, वहीं इन्हें पांच लाख से दोगुने होकर 10 लाख पहुंचने में मात्र एक हफ्ते का समय लगा।
इसके बाद अगले 10 लाख मामले मात्र 12 दिन के अंदर सामने आ गए।
अब 20 लाख से 30 लाख मामले होने में भी मात्र 12 दिन लगे हैं।
जानकारी
18 दिन में दोगुने हुए मामले
अगर मामले दोगुने होने की दर की बात करें तो 15 लाख से 30 लाख मामले पहुंचने में कुल 18 दिन लगे। दुनियाभर में कोरोना वायरस के मामलों की संख्या 9 अप्रैल को 15 लाख के पार गए थे।
प्रभाव
अमेरिका सबसे अधिक प्रभावित देश, 50,000 से अधिक लोगों की मौत
दुनिया का सबसे शक्तिशाली देश माने जाने वाला अमेरिका कोरोना वायरस से सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है और यहां अभी तक संक्रमण के 10 लाख से अधिक मामले सामने आ चुके हैं। वहीं 56,000 से ज्यादा लोगों को इसके कारण अपनी जान गंवानी पड़ी है। देश के अंदर न्यूयॉर्क इससे सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है।
देशभर में 30 अप्रैल तक सोशल डिस्टेंसिंग के नियम लागू हैं और कई राज्य लॉकडाउन खत्म करने पर विचार कर रहे हैं।
अन्य देश
अमेरिका के बाद इटली और स्पेन हुए सबसे ज्यादा प्रभावित
इटली दूसरा सबसे अधिक प्रभावित देश है और यहां लगभग 26,644 लोगों की कोरोना वायरस के कारण मौत हो चुकी है। देश में लगभग दो लाख लोगों को इससे संक्रमित पाया जा चुका है।
वहीं स्पेन संक्रमणों के मामलों में इटली से आगे है और यहां 2.20 लाख लोगों को संक्रमित पाया जा चुका है। लेकिन देश में मौतों की संख्या इटली से कम हैं और लगभग 23,521 लोगों की मौत हुई है।
दोनों देशों में लॉकडाउन जारी है।
जानकारी
यूरोप के ये देश भी हुए बुरी तरह प्रभावित
यूरोप के अन्य देशों में भी कोरोना वायरस ने तबाही मचाई हुई है और फ्रांस में 22,856 और यूनाइटेड किंगडम (UK) में 20,732 लोग इससे मर चुके हैं। वहीं जर्मनी में बड़ी संख्या में संक्रमण के बावजूद 5,976 लोगों की मौत हुई है।
भारत
भारत में क्या है स्थिति?
अगर भारत की बात करें तो सोमवार शाम पांच बजे तक कोरोना वायरस से संक्रमण के 29,435 मामले सामने आ चुके हैं। इनमें से 934 लोगों की मौत हुई है, वहीं 6,869 को सफल इलाज के बाद घर भेजा जा चुका है।
महाराष्ट्र देश का सबसे अधिक प्रभावित राज्य बना हुआ है और यहां अब तक 8,590 लोगों को कोरोना से संक्रमित पाया जा चुका है, वहीं 369 को इसके कारण जान गंवानी पड़ी है।
वैक्सीन
कब तक आएगी वैक्सीन?
कोरोना की वैक्सीन या सफल इलाज को पूरी दुनिया के वापस पटरी पर लौटने का एकमात्र रास्ता माना जा रहा है।
दुनियाभर में कोरोना की लगभग 80 वैक्सीन पर काम चल रहा है और अन्य कई पर काम शुरू होने वाले है। इनमें से कुछ वैक्सीन रिकॉर्ड टाइम में शुरूआती चरण का पार कर चुकी हैं। ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी ने तो सितंबर तक वैक्सीन आने की बात कही है।
वहीं अगले कुछ महीनों में कोरोना का इलाज भी मिल सकता है।