
NewsBytesExplainer: चीन ने आबादी बढ़ाने के लिए शुरू किया 'नया युग' प्रोजेक्ट, जानिए क्या है ये
क्या है खबर?
चीन में आबादी घट रही है और भारत ने आबादी के मामले में उसे पछाड़ दिया है। संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष (UNFA) ने एक रिपोर्ट पेश की थी, जिसमें बताया गया कि भारत दुनिया में सबसे अधिक आबादी वाला देश बन गया है।
अब चीनी सरकार ने देश में जनसंख्या बढ़ाने के लिए 'नया युग' नाम से एक पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया है।
आइए इस प्रोजेक्ट के उद्देश्य और इसके बारे में विस्तार से जानते हैं।
कार्यक्रम
क्या है चीन का 'नया युग' प्रोजेक्ट?
ग्लोबल टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, 15 मई को चीनी सरकार ने बीजिंग समेत 20 प्रमुख शहरों में 'नया युग' प्रोजेक्ट की शुरुआत की।
इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य युवाओं को सही उम्र में शादी करने और बच्चे पैदा करने के लिए प्रोत्साहित करना है।
इसके अलावा चीन के परिवार नियोजन संघ ने महिलाओं को शादी और बच्चे पैदा करने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए अलग से अभियान शुरू करने का ऐलान भी किया है।
परिवार नियोजन संघ
कौन चला रहा प्रोजेक्ट?
चीनी परिवार नियोजन संघ देश में जनसंख्या और प्रजनन संबंधित सरकार के उपायों को लागू करता है। उसने ही इस प्रोजेक्ट की शुरुआत की है।
इसका मुख्य उद्देश्य शादी को बढ़ावा देना, सही उम्र में बच्चे पैदा करना, बच्चों के पालन-पोषण की जिम्मेदारियों को साझा करने के लिए माता-पिता को प्रोत्साहित करना और शादी की पुरानी परंपराओं पर अंकुश लगाना है।
प्रोजेक्ट में चीन के हेबेई प्रांत के मैन्युफैक्चरिंग हब ग्वांगझू और हान्डान शहरों को भी शामिल किया गया है।
जरूरत
क्यों पड़ी इस प्रोजेक्ट की जरूरत?
चीन की राष्ट्रीय सांख्यिकी ब्यूरो ने बताया कि देश में पिछले साल की तुलना में 2022 के अंत में आबादी में करीब 8.50 लाख की कमी आई थी। पिछले 60 साल में यह पहली बार था जब चीन की आबादी घटी।
2017 के बाद से यहां जन्म दर घट रही है। 2022 में यह गिरकर प्रति 1,000 पर 6.77 हो गई है, जबकि 2021 में यह 7.52 थी।
आबादी बढ़ाने के लिए ही ये प्रोजेक्ट शुरू किया गया है।
नीति
चीन की आबादी घटने के पीछे क्या हैं कारण?
चीन ने 1980 से 2016 तक 'एक बच्चे की नीति' लागू की हुई थी। इस नीति के तहत देश में शादीशुदा जोड़ों को एक ही बच्चा पैदा करने की अनुमति थी। इस नीति के कारण भी देश में युवा आबादी घटने लगी थी।
इसके अलावा साल 2022 में पहली बार चीन में जन्म के मुकाबले मौतें अधिक हुईं और साल 1976 के बाद देश में पहली बार मृत्यु दर प्रति 1,000 लोगों पर 7.37 पहुंच गई।
प्रोजेक्ट में क्या है
'नया युग' प्रोजेक्ट में क्या है खास?
चीन के जनसांख्यिकी विशेषज्ञ हे याफू का कहना है कि चीन में युवाओं को शादी और अधिक बच्चे पैदा करने के लिए मार्गदर्शन की जरूरत है और सरकार इसी के लिए यह प्रोजेक्ट लेकर आई है।
इसके तहत युवाओं को टैक्स में छूट, घर खरीदने में छूट और तीसरा बच्चा पैदा करने पर मुफ्त या सब्सिडी वाली शिक्षा आदि दिया जाएगा।
कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि देश में इस तरह के प्रोजेक्ट के दीर्घकालिक परिणाम देखने को मिलेंगे।
चीन
चीन की सरकार और क्या उपाय कर रही है?
मार्च महीने में चीनी सरकार ने देश में प्रजनन दर बढ़ावा देने के लिए अन्य सेवाओं के अलावा एकल और अविवाहित महिलाओं को IVF के जरिये गर्भधारण करने में छूट देने के प्रस्ताव पर विचार किया था।
रिपोर्ट के मुताबिक, चीन की महिलाओं की गर्भधारण दर भी कम हो रही है। चीन में महिलाओं की औसत गर्भधारण दर 1.2 है। इससे पता चलता है कि एक महिला अपने जीवनकाल में कितने बच्चों को जन्म देगी।
रिपोर्ट
न्यूजबाइट्स प्लस
UNFPA ने इस साल अप्रैल में 'स्टेट ऑफ वर्ल्ड पॉपुलेशन रिपोर्ट, 2023' जारी की थी। इसके मुताबिक, मध्य 2023 में भारत की जनसंख्या 1.4286 अरब हो जाएगी, जबकि चीन की जनसंख्या 1.4257 अरब होने का अनुमान है।
ऐसा होने पर दोनों देशों की जनसंख्या के बीच का अंतर 29 लाख हो जाएगा। भारत और चीन के बाद करीब 34 करोड़ की जनसंख्या के साथ अमेरिका तीसरे नंबर पर होगा।
रिपोर्ट में फरवरी तक के आंकड़ों को आधार बनाया गया था।