
गुजरात: सूरत में मिला 'बीटिंग हार्ट' नामक दुर्लभ हीरा, हैरान
क्या है खबर?
गुजरात के सूरत में स्थित वीडी ग्लोबल नामक फर्म ने एक ऐसा दुर्लभ हीरा खोजा है, जिसमें एक नहीं दो हीरे हैं।
इसका मतलब है कि हीरे के टुकड़े के अंदर एक और हीरा मौजूद है, जो इसे खास बनाता है। इसकी खासियत के कारण फर्म ने हीरे का नाम 'बीटिंग हार्ट' रखा है।
इस हीरे की दुर्लभता देखकर भारत ही नहीं, बल्कि विदेश के लोग भी हैरान हैं।
आइए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं।
मामला
0.329 कैरेट का है दुर्लभ हीरा
वीडी ग्लोबल एक हीरा निर्माता फर्म है, जो सूरत और मुंबई से संचालित है और इनका कारोबार विश्व स्तर पर फैला हुआ है।
फर्म को पिछले साल अक्टूबर में 0.329 कैरेट का यह दुर्लभ हीरा मिला था।
उस वक्त जब जौहरी ने हीरे को देखा तो वह भी हैरान रह गया था। कारण था कि उसने पहली बार हीरे के अंदर एक और हीरे का टुकड़ा देखा जो अंदर स्वतंत्र तरीके से घूम सकता है।
जांच
जांच के लिए UK भेजा गया दुर्लभ हीरा
वीडी ग्लोबल के चेयरमैन वल्लभ वाघसिया के मुताबिक, शुरुआती भावनाओं के आधार पर उन्होंने इसका नाम बीटिंग हार्ट रखा। इसके बाद इसे यूनाइटेड किंगडम (UK) स्थित डी बीयर्स इंस्टीट्यूट ऑफ डायमंड्स (DBID) के पास जांच के लिए भेजा दिया।
DBID ने हाल ही में हीरे की खोज की घोषणा की और दावा किया कि बीटिंग हार्ट नामक हीरा दुर्लभ हीरों का हिस्सा है, जिसमें मैट्रीशोका शामिल है।
इस तरह का पहला हीरा रूस के साइबेरिया में खोजा गया था।
बयान
हीरे की दुर्लभता देखकर विदेश के लोग भी हुए हैरान
डी बीयर्स ग्रुप इग्नाइट की तकनीकी शिक्षक सामंथा सिबली का कहना है कि वह हीरे के क्षेत्र में पिछले 30 वर्षों से काम कर रहे हैं, लेकिन उन्होंने कभी भी बीटिंग हार्ट जैसा कुछ नहीं देखा।
उन्होंने आगे कहा, "डी बीयर्स ग्रुप की विशेषज्ञता का इस्तेमाल करके हम इस हीरे के गठन और संरचना पर प्रकाश डाल सकते हैं। इसके अलावा हीरा पेशेवरों के समुदाय के साथ इन जानकारियों को साझा कर सकते हैं।"
बयान
प्राकृतिक हीरा है अध्ययन का आकर्षक क्षेत्र- जेमी क्लार्क
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, DBID में ग्लोबल ऑपरेशंस के प्रमुख जेमी क्लार्क ने दुर्लभ हीरे के बारे में कहा, "इस तरह की खोज दर्शाती है कि क्यों प्राकृतिक हीरा निर्माण और उत्पत्ति अध्ययन का इतना आकर्षक क्षेत्र है और परीक्षण और विश्लेषण में प्रगति के लिए प्रयास करना महत्वपूर्ण है। इसका कारण है कि यह प्राकृतिक हीरे के विकास के हमारे ज्ञान में योगदान दे सकता है।"